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आमदनी कम ऊपर से रेलवे पर टिकट वापसी का बढ़ा बोझ

Thu, 02 Jul 2020 02:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2020 02:22 AM IST
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Increased burden of refund on railway from lower income
train refund

एक जुलाई से नियमित ट्रेनें चलने की संभावना में लोगों ने करा लिए थे अग्रिम आरक्षण
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कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से रेलवे ने नियमित ट्रेनें 12 अगस्त तक रोकीं

बरेली। एक जुलाई से नियमित ट्रेनें चलने की संभावना के चलते लोगों ने अग्रिम आरक्षण करा लिए थे, लेकिन कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते ट्रेनें 12 अगस्त तक एक बार फिर रद्द कर दी गई हैं, जिसके कारण रेलवे पर देनदारी बढ़ गई है, जबकि आमदनी बेहद कम है। यहां बता दें कि एक जुलाई से निरस्त की गई ट्रेनों का आरक्षण शुल्क रेलवे को बिना किसी कटौती लौटाना है, जो कि लाखों में है, ऐसा तब है जबकि बरेली जंक्शन से केवल 16 ट्रेनें ही गुजर रही हैं, जिसमें सफर करने वाले यात्रियों की संख्या बेहद कम है। उधर, इज्जतनगर मंडल की ट्रेनें फिलहाल बंद ही चल रही हैं।
25 मई से रेलवे ने रूटीन की दो सौ ट्रेनों को कोविड-19 स्पेशल ट्रेन के रूप में एक जून से चलाने का फैसला किया तो लोगों ने बड़ी संख्या में रिजर्वेशन कराने शुरू कर दिए। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद भी स्पेशल ट्रेनें घाटे में जा रही थीं तो आमदनी बढ़ाने के लिए रेलवे ने एक जुलाई से रूटीन की पंजाब मेल, त्रिवेणी, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस आदि के संचालन का फैसला लिया, जिसके बाद लोगों ने बड़ी संख्या में आरक्षण कराने शुरू कर दिए, लेकिन 28 जून को रेलवे ने अचानक सभी ट्रेनों के संचालन पर 12 अगस्त तक रोक लगा दी। अचानक ट्रेनें निरस्त किए जाने के कारण रेलवे के आरक्षण विंडों पर अतिरिक्त भार आमदनी के लिहाज से आ गया है।
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रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, आम दिनों में जंक्शन की आरक्षण विंडो पर 3.5 लाख और इज्जतनगर की आरक्षण विंडो पर 2.5 लाख रुपये की प्रतिदिन आमदनी होती है। यहां बता दें कि इज्जतनगर मंडल की ट्रेनों का संचालन करीब ढाई महीने से ठप है, जबकि उत्तर रेलवे की 16 ट्रेनें जंक्शन से गुजर रही हैं। रिजर्वेशन आफिस के आंकड़ों की मानें तो 1577 यात्री करीब पौने आठ लाख रुपये का रिफंड करा चुके हैं। यहां बता दें कि रेलवे को प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपये की जरूरत है, जबकि आमदनी न के बराबर है। टिकट रिफंड की यही स्थिति रही तो रेलवे को बैंक से रुपये निकालने होंगे।
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रेलवे के पास रुपये की कमी नहीं है। जब लोगों से रुपये लिए हैं तो वापस भी किए जाएंगे। ज्यादा रिफंड हुआ तो दिन निश्चित करके लोगों को बुलाया जाएगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल

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