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बरेली: 17 दिन में दूसरी मौत... फिर भी अफसरों ने नहीं लिया सबक, पुल के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही

Sat, 23 Sep 2023 05:35 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 23 Sep 2023 05:35 PM IST
सार

कुतुबखाना पुल के निर्माण में लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। 17 दिन में दो लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन अफसरों ने फिर भी सबक नहीं लिया है। निर्माण में सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। 

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Incomplete security arrangements took another life
कुतुबखाना पुल निर्माण में शटरिंग के नीचे से होकर निकलते राहगीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में पहले मजदूर और अब राहगीर की मौत। ये दो हादसे कुतुबखाना पुल के निर्माण में लापरवाही की कहानी बयां कर रहे हैं। मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे हैं, वहीं नीचे से लोगों का आवागमन भी जारी है। पहली मौत से भी अफसरों ने सबक नहीं लिया। परिणामस्वरूप फिर एक हादसा हो गया। हफ्ते-दो हफ्ते में जिम्मेदार इस हादसे को भी भूल जाएंगे, लेकिन परिवार को यह गम जीवनभर सालता रहेगा।

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कोहाड़ापीर के पास शुक्रवार को निर्माणाधीन कुतुबखाना पुल की शटरिंग गिरने से एक राहगीर की मौत हो गई। घटना में जान गंवाने वाले मोहल्ला भूड़ के सुधीर सक्सेना (55) के भाई ने कार्यदायी संस्था के एमडी, प्रोजेक्ट मैनेजर और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बता दें कि निर्माण में सुरक्षा की अनदेखी से 17 दिन पहले एक मजदूर की मौत हो गई थी।  

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थाने पहुंचीं पत्नी, बोलीं- बर्बाद हो जाएंगे

सुधीर के परिवार में पत्नी बीना सक्सेना, बेटी वृंदा सक्सेना व बेटा रजत हैं। रजत गुजरात में रहकर पढ़ाई करता है। व्यापारियों ने घटना के बाद ही सुधीर को पहचान कर उनके घर पर खबर कर दी। बदहवास पत्नी पहले बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचीं। वहां अस्पताल संचालक डॉ. विनोद पागरानी से बातचीत कीं। फिर सुधीर की मौत की पुष्टि के बाद परिवार प्रेमनगर थाने पहुंचा। वहां इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह से मिलकर दर्द सुनाया। बताया कि पति ही परिवार के मुखिया और कमाई का अकेला जरिया थे, वह लोग बर्बाद हो जाएंगे।

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लोगों की आवागमन जारी 

निर्माण स्थल पर जानलेवा हालात में लोगों का आवागमन जारी है। सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। जिम्मेदार अफसर भी इस सच को स्वीकार रहे हैं। दो सितंबर 2022 को कुतुबखाना पुल का निर्माण शुरू हुआ था। अभी 60 फीसदी काम हुआ है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पांच सितंबर को मजदूर की जान गई थी। अधिकारियों ने हादसे रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन कराने के दावे तो बहुत किए गए, लेकिन राहगीर की मौत ने व्यवस्था की कलई खोल दी।

ये भी पढ़ें- बरेली में फिर हादसा: पुल के निर्माण में बदइंतजामी ने ली एक और जान, शटरिंग गिरने से राहगीर की मौत

शटरिंग के नीचे से लोगों का आवागमन जारी है। कोहाड़ापीर से कुतुबखाना के बीच दिनभर हजारों लोगों का आवागमन होता है, जबकि ऊपर पुल की छत डाली जा रही है। कुछ हिस्सों में शटरिंग खोली जा रही है। निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है कि ऐसे उपाय करें ताकि आसपास के लोग खतरे में न आएं। कम से कम उस तरफ तो आवागमन रोक देना चाहिए जहां शटरिंग उतारी जा रही है, लेकिन शुक्रवार शाम को शटरिंग उतारे जाने के दौरान भी लोग आते-जाते रहे। 

कार्यदायी संस्था का दावा है कि उसके गार्ड लोगों को रोकते हैं, लेकिन लोग उसकी बात को अनसुना कर जरूरी काम होने की बात कहते हुए आगे बढ़ जाते हैं। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर एमके सिंह ने बताया कि निरीक्षण करने आए स्मार्ट सिटी के अफसरों को वह कई बार इस हकीकत से वाकिफ करा चुके हैं।

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