गैंगस्टर के एनकाउंटर की कहानी: शाहनूर के सीने के आरपार हुईं दो गोलियां, फायरिंग से सहम गए थे ग्रामीण
बरेली एसटीएफ ने एक लाख के इनामी शाहनूर उर्फ शानू को बुधवार देर रात तिलहर क्षेत्र में मुठभेड़ में ढेर किया था। दिया। वह संभल के हयातनगर थाने के मोहल्ला भूड़ा सरायतरीन का रहने वाला था। उस पर हत्या, लूट समेत 32 मुकदमे दर्ज थे।
विस्तार
शाहजहांपुर में एसटीएफ से मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर शाहनूर उर्फ शानू के सीने में दो गोलियां लगी थीं। दोनों गोलियां सीने के आर-पार हो गईं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में मौजूद ग्रामीण भागो-भागो बदमाश आए का शोर करने लगे थे।
एसटीएफ को 15 दिन से तिलहर क्षेत्र में शाहनूर की लोकेशन मिल रही थी। बुधवार रात करीब साढ़े 12 बजे एसटीएफ टीम ने तिलहर के गांव पिथनापुर के पास घेराबंदी की। रात करीब दो बजे शाहनूर अपने साथी के साथ बाइक से आता दिखा। टीम ने रोका तो उसने अपनी बाइक नहर पटरी की तरफ मोड़ दी।
हड़बड़ी में उसकी बाइक फिसल गई। इसके बाद उसने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सीओ के सिर के ऊपर से गोली निकल गई, जबकि एक गोली दरोगा राशिद अली की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जैकेट की वजह से वह बाल-बाल बचे। जवाबी कार्रवाई में शाहनूर मारा गया। उसके सीने में दो गोलियां लगीं।
ग्रामीणों ने बताई आंखों देखी
तिलहर से मदनापुर के रास्ते पर इंजन व प्रेशर मशीन का कार्य करने वाले यदुवीर ने बताया कि बुधवार की रात 12 बजे तीन गाड़ियां पिथनापुर के पास आकर रुकीं। ये गाड़ियां पुलिस की नहीं लग रहीं थीं। उनसे सामान्य कपड़े पहने कुछ लोग उतरकर छिपने लगे। अचानक फायरिंग होने लगी।
सात से आठ राउंड फायर होने के साथ खेतों की रखवाली कर रहे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। वे भागो-भागो... बदमाश आए का शोर करने लगे। यदुवीर ने बताया कि बदमाशों के होने की आशंका व फायरिंग होने पर हम लोग भाग खड़े हुए।
शाहजहांपुर के एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि यूपी एसटीएफ की बरेली यूनिट ने एक लाख के इनामी शाहनूर उर्फ शानू का एनकाउंटर किया है। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। उसकी तलाश की जा रही है।
एसटीएफ के सीओ अब्दुल कादिर ने बताया कि शाहनूर का पिछले 15 साल से प्रदेश में खौफ था। वह रुपये लेकर भाड़े पर हत्या करता था। वर्ष 2022 में मुरादाबाद के मैनाठेर में अपने साथियों के साथ दो घरों में चोरी की घटनाएं की थी। तभी से वांछित चल रहा था। उसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक ने एक लाख का पुरस्कार घोषित किया था।
परिवार ने आठ साल पहले मोड़ लिया था मुंह
मेहनत-मजदूरी करने वाले शाहबुद्दीन के चार बेटों में सबसे बड़े शाहनूर ने अपराध की दुनिया में कदम रखा तो बाहर नहीं निकल सका। उसके परिवार ने काफी रोका। उसने अपराध करना नहीं छोड़ा। मेहनत-मजदूरी करने वाले भाइयों ने पुलिस के पचड़े से बचने के लिए उससे मुंह मोड़ लिया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस पर आए छोटे भाई फखरे आलम ने पुलिस को बताया कि आठ साल से शाहनूर घर पर नहीं रहता था।
शाहनूर पर दर्ज थे कई मुकदमे
मुठभेड़ में ढेर संभल निवासी शाहनूर उर्फ शानू पर हत्या, डकैती, चोरी और गैंगस्टर के कई मामले दर्ज हैं। कुख्यात पर संभल के थाना हयातनगर में छह और बनियाठेर थाने में एक मामला दर्ज है। पुलिस अन्य थानों में भी रिकॉर्ड को खंगाल रही है।
भाई व चाचा ले गए शव
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने परिजन से संपर्क साधकर जानकारी दे दी थी। बृहस्पतिवार को सुबह परिजन के आने की उम्मीद थी। उनका दोपहर तक इंतजार करने के बाद पंचनामे की कार्रवाई करते हुए शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शाम को शाहनूर का भाई व चाचा आदि पहुंचे। पुलिस ने शव उनके सुपुर्द कर दिया, जिसे लेकर वह चले गए।