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Bareilly News: 90 फीसदी शहरी बच्चों की इम्युनिटी कमजोर, फूल रही दम

Sun, 02 Mar 2025 02:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Mar 2025 02:52 AM IST
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Immunity of 90 percent urban children is weak, they are losing their strength
बरेली। प्रदूषित हवा-पानी और मिलावटी खान-पान के चलते शहरी बच्चों की रोग प्रतिरोधी क्षमता ग्रामीण इलाकों के बच्चों के सापेक्ष करीब दस गुना कम मिली है। नतीजा शहरी बच्चों का दम फूल रहा है। यह दावा स्वास्थ्य विभाग की डेटा वैलीडेशन रिपोर्ट कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक कमजोर इम्युनिटी के शिकार हुए 4,782 बच्चों में से 90 प्रतिशत शहरी क्षेत्र के हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवजात से पांच वर्ष तक के बच्चों की नियमित जांच होती है। अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक की हेल्थ रिपोर्ट में शहरी क्षेत्र के 4,389, देहात के 393 बच्चों में श्वसन रोग ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के लक्षण मिले हैं। हालांकि, सही समय पर इलाज मिलने की वजह से सभी बच्चे स्वस्थ हुए। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि खन्ना के ने बताया कि कस्बे और शहर के बच्चों में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों की तुलना में श्वास संबंधी संक्रमण का खतरा अधिक होता है। शहर के बच्चों के चपेट में आने की मुख्य वजह प्रदूषण, इंफेक्शन और एलर्जी है।
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शहर के बच्चों का खानपान, खेल-कूद, हवा, पानी सभी कितना शुद्ध है, यह किसी से छिपा नहीं। शहरी वातावरण भी प्रदूषित होता है। लगातार ऐसे माहौल में रहने से रोग प्रतिरोधी क्षमता प्रभावित होती है। वहीं, गांव की स्थिति शहर के एकदम विपरीत है।
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पीएम 10 से होती है एलर्जी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र ने बताया कि बीते वर्ष गर्मी ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ा। गांवों के बच्चे हरियाली में रहे। ताजा भोजन किया। धूल का गुबार कम झेला। सीमित संसाधन के तालमेल से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता प्रभावित नहीं हुई। वहीं शहर में गर्मी और धूल के पीएम 10 कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। फेफड़ों को ऑक्सीजन कम मिली और फिर रोग प्रतिरोधी क्षमता घट गई।



4,782 बच्चों में शहर और देहात का अनुपात
- शहर के जिला अस्पताल में 250 और नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 4,139 बच्चों में ब्रोंकाइटिस व अस्थमा के लक्षण मिले।
- देहात के आलमपुर जाफराबाद में 52, बहेड़ी में दस, भोजीपुरा में 35, दमखोदा में आठ, फरीदपुर में 23, फतेहगंज पश्चिमी में 58, क्यारा में 30, मीरगंज में 28, कुआडांडा में छह, रामनगर में 16, भमोरा में 18, शेरगढ़ में 22, मुड़िया अहमदनगर में 13, दलेलनगर में सात, आंवला में 16, नवाबगंज में 21, मझगवां में 14, बिथरी में 16 समेत कुल 393 बच्चों में दम फूलने की बीमारी मिली।

ब्राेंकाइटिस व अस्थमा के लक्षण
बार-बार खांसी आना, सीने में घरघराहट, सांस लेने में तकलीफ, सीने में बलगम का सूखना, तेज सांस चलना, सांस फूलना शुरुआती लक्षण हैं। संबंधित लक्षण मिलने पर बच्चों को एंटीबाॅयोटिक दवा, नेबुलाइजर, कफ सिरप, मल्टी विटामिन सिरप, भाप लेने का परामर्श दिया जाता है। ब्यूरो

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- जिन इलाकों के बच्चों में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस के लक्षण मिले हैं। उनके बेहतर इलाज के लिए टीमों को नियमित निगरानी के साथ संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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