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Bareilly News: मानसिक रोगी था मुकेश तो क्यों नहीं भेजा अस्पताल

Sat, 19 Jul 2025 02:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 02:59 AM IST
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If Mukesh was mentally ill then why was he not sent to hospital
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मुकेश कुमार की मौत को परिजनों ने साजिश करार दिया है। भाई महेंद्र ने कहा कि मुकेश मानसिक रोगी नहीं था। अगर जेल प्रशासन को जांच में ऐसा मिला भी था तो उसे मानसिक अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया गया? उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। हालांकि, पोस्टमार्टम में फंदे पर लटकने से ही मौत होने की पुष्टि हुई है।
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लखीमपुर खीरी जिले के गोला थाना क्षेत्र के गांव जगन्नाथपुर निवासी मुकेश (32) के फंदा लगाकर आत्महत्या करने की जानकारी केंद्रीय कारागार प्रशासन के कैदी के परिजनों को दी थी।
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शुक्रवार को जब मुकेश के शव का पोस्टमार्टम किया गया तो मुकेश के परिजन वहां मौजूद थे। भाई महेंद्र ने बताया कि मुकेश दस साल से जेल में बंद है। शुरू में वह लखीमपुर की जेल में बंद रहा और करीब चार साल पहले यहां आया था।
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मुकेश की बहन पंछी देवी ने बताया कि दो महीने पहले परिवार के कई लोग मुकेश से मिले थे। तब वह बिल्कुल ठीक था। वह हंसते हुए सभी से मिला था। उसने उन लोगों से काफी बातें की थी। अपने हाथों से भाई को खाना भी खिलाया। अब जेल प्रशासन नई कहानियां बता रहा है। जेल में भी कैदी सुरक्षित नहीं हैं तो फिर क्या हो सकता है? कहा कि न्याय न मिला तो वह लोग हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। ब्यूरो
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