अमरोहा की DM बनीं निधि गुप्ता वत्स: बरेली में 24 माह तक संभाला नगर आयुक्त का पद, ऐसा रहा इनका कार्यकाल
निधि गुप्ता वत्स ने बरेली की नगर आयुक्त के तौर पर 16 जुलाई 2022 को कमान संभाली थी। इसके बाद से ही नगर निगम लगातार अपने विकास कार्यों के अलावा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के संचालन को लेकर सुर्खियों में बना रहा।
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बरेली में दो साल से अधिक का कार्यकाल संभालने वालीं नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स के कार्यकाल में विकास कार्यों के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के संचालन तक फेल हो गए हैं। जनता से लेकर पार्षदों तक ने उनके कार्यकाल में खूब खरी खोटी सुनाई लेकिन विकास के कार्य धरातल पर शून्य ही रहे। ऐसे में अब उनको अमरोहा के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। ऐसे में आने वाले नगर आयुक्त के सामने भी कई बड़ी चुनौतियां होंगी।
2015 बैच की आईएएस हरियाणा की मूल निवासी निधि गुप्ता वत्स ने बरेली की नगर आयुक्त के तौर पर 16 जुलाई 2022 को कमान संभाली थी। इसके बाद से ही नगर निगम लगातार अपने विकास कार्यों के अलावा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के संचालन को लेकर सुर्खियों में बना रहा। दो साल दो माह के कार्यकाल में सड़कों के गड्ढे तक नहीं भर गए हैं।
इसके अलावा पार्षदों ने भी कई बाद नगर आयुक्त को भरे सदन और संवाद के दौरान खरी-खोटी सुनाई। इसमें निगम के अधिकारियों की अवमानना और समन्वय ना बनाने का मामला भी चर्चा का विषय बना रहा। इसके अलावा भी विकास कार्य प्रभावित हैं। अब बलरामपुर के सीडीओ संजीव कुमार मौर्य को नगर आयुक्त की जिम्मेदारी मिली हैं, जिनके लिए सबसे बड़ी चुनौती स्मार्ट सिटी के 14 कार्य होंगे।
'परियोजना पूर्ण, लेकिन संचालन का अभाव दे रहा गलत संदेश'
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के 14 कार्यों को लेकर महापौर उमेश गौतम ने भी मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चलाई गई स्मार्ट सिटी योजना में बरेली शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशन में शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की परियोजनाओं पर काम किया गया। परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद भी संचालन नहीं किया जा रहा। परियोजनाएं या तो बंद है या फिर टेंडर के झूले में झूल रही हैं। संचालन के अभाव से जनमानस में परियोजनाओं के प्रति गलत संदेश जा रहा है।
स्मार्ट सिटी के इन 14 प्रोजेक्ट का संचालन नहीं हो सका
महापौर की ओर से भेजी गई सूची के मुताबिक पटेल चौक पर स्काई वॉक, मालगोदाम रोड पर तांगा स्टैंड, कामर्शियल कॉम्प्लैक्स, गांधी उद्यान फाउंटेन, संजय कम्यूनिटी सेंटर का एसटीपी प्लांट, डीडी पुरम में फूड पार्क, रायफल क्लब, स्मार्ट कियोस्क, स्मार्ट टायलेट, अर्बन हॉट, मल्टी लेवल पार्किंग, जीआईसी ऑडिटोरियम, शी लॉज, आर्गेनिक वेस्ट कम्पोस्टर, वूमेन हेल्प डेस्क आदि का संचालन नहीं हो पा रहा है।
व्यवस्थाओं सुधारने में ही लग जाएगा लगभग छह माह का समय
नए नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को नगर निगम की व्यवस्थाओं को ठीक करने में ही लगभग छह माह का समय लग जाएगा। इसमें सरकारी फाइलें गायब होने का मामला, ठेकेदारों का भुगतान, निर्माण विभाग में रस्सा कशी, विभागाध्यक्षों की ओर से नगर आयुक्त के आदेशों की अवमानना, अधूरे पड़े दो सौ विकास कार्य, अधिकारियों पर कंट्रोल खो चुका नगर आयुक्त का वर्चस्व वापस बनाने के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के संचालन का काम समझने में और ट्रैक पर लाने में समय लगेगा।