फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   IAS Abhishek Prakash was also involved in benefiting a private township in Bareilly

UP: बरेली में निजी टाउनशिप को फायदा पहुंचाने में भी घिरे थे आईएएस अभिषेक, बलिया सांसद ने की थी शिकायत

Fri, 21 Mar 2025 10:33 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 21 Mar 2025 10:33 AM IST
सार

भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किए गए आईएएस अभिषेक प्रकाश बरेली में बतौर डीएम तैनाती के दौरान भी चर्चा में रहे। तब उन पर निजी टाउनशिप को फायदा पहुंचाने के आरोप लगे थे। 

विज्ञापन
IAS Abhishek Prakash was also involved in benefiting a private township in Bareilly
आईएएस अभिषेक प्रकाश

विस्तार

निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश बरेली में बतौर डीएम तैनाती के दौरान भी चर्चा में रहे। बरेली-लखनऊ हाईवे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया का दावा कर बसाई गई निजी टाउनशिप में स्टांप कम लगाए जाने में उनकी भूमिका पर भी सवाल उठे। भू उपयोग परिवर्तन में भी नियमों की अनदेखी कर बिल्डर को राहत दी गई। इसकी जांच शुरू हुई, पर अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। अधिकारियों का कहना है कि शासन में यह जांच प्रचलित है। कोर्ट में भी टाउनशिप विकासकर्ता ने वाद दायर किया है।

विज्ञापन


अभिषेक प्रकाश 31 जुलाई 2012 को बरेली के डीएम बनाए गए थे। आठ जून 2014 तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली। इस बीच जमीन के मामलों से लेकर मांस कारोबारी से उनकी नजदीकी खूब चर्चा में रही। यह भी कहा जाता है कि जिस निजी टाउनशिप को नियमों को ताक पर रखकर बसाया गया, उसमें उनका भी निवेश शामिल था। हालांकि, इन शिकायतों के साक्ष्य सार्वजनिक नहीं हो सके।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- UP News: बरेली में नकली सॉस बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़, फास्ट फूड प्वॉइंट पर होती थी खपत
विज्ञापन
विज्ञापन


तत्कालीन सांसद ने की थी शिकायत 
वर्ष 2021 में बलिया के तत्कालीन सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग में उनके खिलाफ शिकायत की थी। इसमें कहा गया कि बरेली में डीएम रहते हुए उन्होंने बरेली-शाहजहांपुर हाईवे पर करीब 400 बीघा जमीन खरीदी। इसमें पद का लाभ उठाते हुए स्टांप ड्यूटी की चोरी की। इसी जमीन पर यह विवादित निजी टाउनशिप बसी। इसकी जांच शुरू हुई और तत्कालीन डीएम से रिपोर्ट भी मांगी गई थी।

एसडीएम सदर ने इसकी जांच की थी। मंडलायुक्त कार्यालय में इसके खिलाफ अपील हुई। यहां से केस सुनवाई के लिए एसडीएम कार्यालय को लौटा दिया गया। राजस्व परिषद में अपील हुई तो जांच लखनऊ के एसडीएम सदर को ट्रांसफर हो गई। यह उस समय हुआ, जब अभिषेक प्रकाश खुद लखनऊ के डीएम थे। यह प्रकरण अभी लंबित है और इसमें कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस मामले में स्थानीय अधिकारी भी बोलने से बच रहे हैं।

मांस कारोबारी के साथ भी जुड़ा नाम
बरेली में तैनाती के दौरान एक मांस कारोबारी के साथ भी उनका नाम जुड़ा। स्लॉटर हाउस संचालन में खामियां पाए जाने और इनकी जांच में राहत दिलवाने में उनकी भूमिका चर्चा में रही। आरोप था कि स्लॉटर हाउस में उनकी साझेदारी थी, पर इस बाबत कोई साक्ष्य नहीं मिले।

ये भी पढ़ें- Bareilly News: प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक वीडियो बनाना पड़ा भारी, आरोपी युवती गिरफ्तार

प्रतिष्ठान संचालकों को मनमुटाव पड़ा था भारी
बताया जाता है कि कार्यकाल के दौरान अभिषेक प्रकाश की शहर के एक बड़े कपड़ा कारोबारी से मनमुटाव की चर्चा थी। कार्यकाल के दौरान दर्जनभर से ज्यादा विभागों से छापा डलवाने की चर्चा रही। एक निजी अस्पताल को सील कराने को लेकर भी चर्चा में रहे। बताते हैं कि अस्पताल संचालक ने डीएम की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इसी के बाद कार्रवाई हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed