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Bareilly News: भाई की साली से की थी शादी, एक साल में ही भर गया मन
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नवाबगंज। अनीता की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार अनीता रिश्ते में अनिल के फुफेरे भाई की साली थी। पिछली साल नवंबर में परिवारों की सहमति से उनकी शादी कर दी गई। जांच में कई ऐसे तथ्य मिले, जिससे लगा कि प्रेम विवाह का एक साल पूरा होने से पहले ही अनिल पत्नी अनीता से उकता गया था। मायका पक्ष का आरोप है कि उसका किसी और महिला से भी संबंध थे, अनीता विरोध करती थी। अब पुलिस खुलासे में इन तथ्यों को सार्वजनिक करेगी।
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक शादी से पहले करीब चार साल से दोनों संपर्क में थे। पिछली साल नवंबर में परिवारों की सहमति से उनकी शादी कर दी गई। दोनों का पैतृक गांव पास में ही है। अनीता के परिजन कस्बे के मोहल्ला बालाजीपुरम में घर बनाकर रहने लगे तो अनिल ने भी कस्बे से सटी कॉलोनी में घर बनाकर पत्नी व भाई को रख लिया था, बाकी परिवार अभी गांव में रहता है। सूत्रों के मुताबिक अनिल का कहीं प्रेमप्रसंग था जिसका अनीता विरोध करती थी।
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सास ने दोपहर में की कॉल पर नहीं आया अनिल
- ससुरालवालों से पुलिस को पता लगा कि दोपहर दो बजे करीब अनीता का फोन रिसीव न होने पर उसकी मां ने दामाद अनिल को कॉल की थी। कहा कि अनीता का फोन रिसीव नहीं हो रहा है। सामान्य दिनों में अनिल काम के बीच में घर के तीन से चार चक्कर लगाता था, लेकिन सास की बात सुनने के बाद भी उसने न तो पत्नी को कॉल की और न ही घर पहुंचा। पुलिस सूत्रों की मानें तो अनिल ने ही सुबह अनीता की हत्या की और फिर घर में ताला लगाकर चला गया। चूंकि इस बस्ती में दस या 12 ही घर बने हैं तो किसी ने उसे देखा भी नहीं।
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पुलिस की कर रही थी तैयारी, जान बचाने को जूझी अनीता
- घटनास्थल पर रखा सामान तितर-बितर था। शव के पास पड़े हंसिया की नोंक भी मुड़ गई थी। लग रहा था कि अनीता ने मरने से पहले काफी संघर्ष किया होगा। वह शरीर से बलिष्ठ थी, पुलिस भर्ती की काफी समय से तैयारी कर रही थी। शुरू में पुलिस को यह दिखाने की कोशिश की गई कि बदमाश आए होंगे, लेकिन घर का सारा सामान मिल गया तो यह आशंका खारिज हो गई। संवाद
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एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक शादी से पहले करीब चार साल से दोनों संपर्क में थे। पिछली साल नवंबर में परिवारों की सहमति से उनकी शादी कर दी गई। दोनों का पैतृक गांव पास में ही है। अनीता के परिजन कस्बे के मोहल्ला बालाजीपुरम में घर बनाकर रहने लगे तो अनिल ने भी कस्बे से सटी कॉलोनी में घर बनाकर पत्नी व भाई को रख लिया था, बाकी परिवार अभी गांव में रहता है। सूत्रों के मुताबिक अनिल का कहीं प्रेमप्रसंग था जिसका अनीता विरोध करती थी।
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सास ने दोपहर में की कॉल पर नहीं आया अनिल
- ससुरालवालों से पुलिस को पता लगा कि दोपहर दो बजे करीब अनीता का फोन रिसीव न होने पर उसकी मां ने दामाद अनिल को कॉल की थी। कहा कि अनीता का फोन रिसीव नहीं हो रहा है। सामान्य दिनों में अनिल काम के बीच में घर के तीन से चार चक्कर लगाता था, लेकिन सास की बात सुनने के बाद भी उसने न तो पत्नी को कॉल की और न ही घर पहुंचा। पुलिस सूत्रों की मानें तो अनिल ने ही सुबह अनीता की हत्या की और फिर घर में ताला लगाकर चला गया। चूंकि इस बस्ती में दस या 12 ही घर बने हैं तो किसी ने उसे देखा भी नहीं।
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पुलिस की कर रही थी तैयारी, जान बचाने को जूझी अनीता
- घटनास्थल पर रखा सामान तितर-बितर था। शव के पास पड़े हंसिया की नोंक भी मुड़ गई थी। लग रहा था कि अनीता ने मरने से पहले काफी संघर्ष किया होगा। वह शरीर से बलिष्ठ थी, पुलिस भर्ती की काफी समय से तैयारी कर रही थी। शुरू में पुलिस को यह दिखाने की कोशिश की गई कि बदमाश आए होंगे, लेकिन घर का सारा सामान मिल गया तो यह आशंका खारिज हो गई। संवाद