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Bareilly News: बिना अतिक्रमण हटाए, कैसे साफ हो रहे है शहर के नाले
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अस्पताल रोड पर कूड़े और गंदगी से भरा नाला। संंवाद
बदायूं। शहर में नालों की कुल लंबाई 28 किलोमीटर है। नालों के 40 प्रतिशत हिस्से (करीब 12 किलोमीटर) पर स्थायी और अस्थायी कब्जे हैं। अब तक कोई कब्जा हटवाया भी नहीं गया है, फिर वहां पर सफाई कैसे हो गई। ऐसे में पालिका के उस दावे पर सवाल उठ रहा है, जिसमें कहा गया है कि 85 प्रतिशत हिस्से में सफाई हो चुकी है और 15 प्रतिशत हिस्से में बारिश से पहले करा दी जाएगी।
शहर में पानी निकासी के लिए विभिन्न मोहल्लों व बाजारों में नाले बनाए गए थे। पालिका पिछले डेढ़ माह से खुद के कर्मचारियों से इन नालों की सफाई करा रही है। पालिका का दावा है इस बार शहर में जलभराव नहीं होगा, लेकिन मौजूदा हालात कुछ और ही तस्वीर बयां कर रहे हैं। कुछ ही दिनों में प्री मानसून दस्तक दे सकता है।
ऐसे में सड़कों पर जलभराव होने की प्रबल संभावना है, क्योंकि अधिकांश नालों पर शहर में अतिक्रमण हो रहा है। पालिका की टीम ने पहुंचकर सफाई नहीं की है। वजह यह है कि वहां पर बिना अतिक्रमण हटाए न तो कर्मचारी सफाई और न मशीन से सफाई हो सकती है। ऐसे में वहां पर नाला आज भी चोक है।
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नाले लंबाई
10 बड़े आठ किलोमीटर
14 मझोले सात किलोमीटर
46 छोटे 13 किलोमीटर
यह लगी हैं टीम
- दो नाला सफाई गैंग में 50 कर्मचारी लगे हैं।
-दो अतिरिक्त नाला सफाई टीम में 40 कर्मचारी लगे हैं।
- दो जेसीबी और एक छोटी मशीन से की जा रही है सफाई।
यहां पर है नालों पर कब्जा
-जिला अस्पताल से महिला अस्पताल के बीच
-पनवाड़ी बिजली उपकेंद्र के आसपास
-ब्राह्मण धर्मशाला के आसपास
-छह सड़का से गांधी ग्राउंड रोड पर
-चुना मंडी
-सुभाष चौक
-परशुराम चौक
-स्टेशन रोड
कई नाले तो काफी समय से चोक थे। उनको साफ कराया गया है। इसके अलावा अन्य जो भी नाले हैं, उनको साफ कराया जा रहा है। शहर में कहीं पर भी जलभराव नहीं होने दिया जाएगा। - अरुण कुमार, ईओ
नाला सफाई का 30 जून का काम पूरा कर दें सभी ईओ
बदायूं। डीएम मनोज कुमार ने शनिवार को कलक्ट्रेट सभी अधिशासी अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि सभी अधिशासी अधिकारी वह अपने-अपने क्षेत्र का नियमित रूप से भ्रमण करें। जल निकासी व नाला सफाई के संबंध में सभी अधिशासी अधिकारी 30 जून तक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं। नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलभराव आदि की समस्या न हो, इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। संवाद
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शहर में पानी निकासी के लिए विभिन्न मोहल्लों व बाजारों में नाले बनाए गए थे। पालिका पिछले डेढ़ माह से खुद के कर्मचारियों से इन नालों की सफाई करा रही है। पालिका का दावा है इस बार शहर में जलभराव नहीं होगा, लेकिन मौजूदा हालात कुछ और ही तस्वीर बयां कर रहे हैं। कुछ ही दिनों में प्री मानसून दस्तक दे सकता है।
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ऐसे में सड़कों पर जलभराव होने की प्रबल संभावना है, क्योंकि अधिकांश नालों पर शहर में अतिक्रमण हो रहा है। पालिका की टीम ने पहुंचकर सफाई नहीं की है। वजह यह है कि वहां पर बिना अतिक्रमण हटाए न तो कर्मचारी सफाई और न मशीन से सफाई हो सकती है। ऐसे में वहां पर नाला आज भी चोक है।
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नाले लंबाई
10 बड़े आठ किलोमीटर
14 मझोले सात किलोमीटर
46 छोटे 13 किलोमीटर
यह लगी हैं टीम
- दो नाला सफाई गैंग में 50 कर्मचारी लगे हैं।
-दो अतिरिक्त नाला सफाई टीम में 40 कर्मचारी लगे हैं।
- दो जेसीबी और एक छोटी मशीन से की जा रही है सफाई।
यहां पर है नालों पर कब्जा
-जिला अस्पताल से महिला अस्पताल के बीच
-पनवाड़ी बिजली उपकेंद्र के आसपास
-ब्राह्मण धर्मशाला के आसपास
-छह सड़का से गांधी ग्राउंड रोड पर
-चुना मंडी
-सुभाष चौक
-परशुराम चौक
-स्टेशन रोड
कई नाले तो काफी समय से चोक थे। उनको साफ कराया गया है। इसके अलावा अन्य जो भी नाले हैं, उनको साफ कराया जा रहा है। शहर में कहीं पर भी जलभराव नहीं होने दिया जाएगा। - अरुण कुमार, ईओ
नाला सफाई का 30 जून का काम पूरा कर दें सभी ईओ
बदायूं। डीएम मनोज कुमार ने शनिवार को कलक्ट्रेट सभी अधिशासी अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि सभी अधिशासी अधिकारी वह अपने-अपने क्षेत्र का नियमित रूप से भ्रमण करें। जल निकासी व नाला सफाई के संबंध में सभी अधिशासी अधिकारी 30 जून तक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं। नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलभराव आदि की समस्या न हो, इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। संवाद

अस्पताल रोड पर कूड़े और गंदगी से भरा नाला। संंवाद