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दो निजी कॉलेज फिर बनेंगे कोविड अस्पताल
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बरेली। करीब तीन माह कोरोना संक्रमितों की तादाद में भारी कमी आने के चलते कोविड एल-2 और एल-3 अस्पतालों में एक बार फिर गंभीर संक्रमितों के इलाज के लिए बेड आरक्षित हो गए हैं। संक्रमितों की बढ़ती तादाद के बाद गंभीर संक्रमितों को भर्ती करने से इनकार के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नाराजगी पर निजी मेडिकल कॉलेजों में बेड आरक्षित हुए हैं।
महज तीन दिनों में कोविड संक्रमण के 180 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसमें से करीब 20 फीसदी संक्रमितों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वे अन्य बीमारियों से भी ग्रसित हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें नियामानुसार कोविड एल-3 अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश है। हैरत यह कि पिछले दिनों प्रतिदिन एक या दो संक्रमित मिलने के चलते भोजीपुरा और दिल्ली हाईवे स्थित कोविड एल-3 अस्पतालों ने प्रशासन से आरक्षित बेड मुक्त करने की मांग की थी। इसके लिए प्रशासन ने हामी भी भर ली थी। इधर, करीब 15 दिनों से एक बार फिर संक्रमित बढ़े हैं, लेकिन कोविड एल-3 अस्पतालोें ने भर्ती करने से साफ इनकार कर दिया। सीएमएस डॉ. वागीश वैश ने बताया कि तीन सौ बेड अस्पताल में भर्ती कई संक्रमितों की हालत गंभीर हो रही है। अस्पताल में एल-3 मरीजों की देखभाल और इलाज की सुविधा न होने से उन्हें एसआरएमएस भेजा जा रहा था, लेकिन अस्पताल प्रशासन वापस कर रहा था। इसकी सूचना सीएमओ को दी गई थी।
डीजी हेल्थ ने चेताया तो बैकफुट पर आए अस्पताल
पूर्व में कोविड एल-3 के लिए निर्धारित अस्पतालों द्वारा संक्रमितों को वापस करने की जानकारी मिलने पर सोमवार को सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम को अस्पतालों में बेड आरक्षित कराने का जिम्मा सौंपा था। एसीएमओ अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन की अनाकानी पर डीजी हेल्थ से फोन पर बात की। अस्पताल प्रशासन को डीजी हेल्थ ने चेताया तो वह बैकफुट पर आ गए। इसके बाद भोजीपुरा के निजी मेडिकल कॉलेज में 247 जनरल ऑक्सीजन बेड, 20 वेंटिलेटर बेड और दिल्ली हाइवे स्थित मेडिकल इंस्टीट्यूट में 140 जनरल ऑक्सीजन बेड आरक्षित हो गए हैं।
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कंटेन्मेंट जोन में सर्वे के लिए बनेंगी टीमें
शासन से निर्देश जारी होने के बाद संक्रमितों की ट्रेसिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सर्वे के लिए टीमें बनाने की कवायद शुरू कर दी है। टीम में एक स्वास्थ्यकर्मी के अलावा एक प्रशासन और एक नगर निगम का कर्मचारी शामिल रहेगा। इसके लिए सीएमओ ने संबंधित विभागों के अफसरों को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। उधर, कंटेन्मेंट जोन बनाने के लिए सर्विलांस टीमें जुट गई हैं।
पॉश इलाकों में मिल रहे हैं सर्वाधिक संक्रमित
बताया जाता है कि शहर की पॉश कॉलोनियों में सबसे ज्यादा जोन बनेंगे। दरअसल, इनमें ही सबसे ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। इनमें रामपुर गार्डन, राजेंद्रनगर, जनकपुरी, ग्रीन पार्क, ग्रेटर ग्रीन पार्क, महानगर, डीडीपुरम के अलावा संजयनगर, सुभाषनगर, इज्जतनगर इलाके की कॉलोनियां शामिल हैं। सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने बताया कि कंटेन्मेंट जोन बनाने और निगरानी की जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस विभाग संभालेगा।
संक्रमितों को तनावमुक्त करेंगे मनोचिकित्सक
अस्पतालों में भर्ती हो रहे संक्रमितों को मानसिक तनाव न हो इसके लिए सीएमओ ने तीन सौ बेड कोविड अस्पताल में मनोचिकित्सक को काउंसलिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। जिला अस्पताल मनकक्ष के डॉ. आशीष मरीजों को होने वाली मानसिक समस्या को दूर करेंगे। साथ ही, वह वहां ड्यूटी कर रहे स्टाफ को भी मरीजों से बातचीत करने, उन्हें तनावमुक्त बनाने का प्रशिक्षण देंगे।
कंटेन्मेंट जोन में सर्वे के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की जा रही है। जो घर-घर जाकर संदिग्ध संक्रमितों की तलाश करेगी और लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करेगी। उधर, कोविड एल-3 अस्पतालों में बेड आरक्षित हो गए हैं। गंभीर संक्रमितों को वहां भर्ती कराया जाएगा। - डॉ. सुधीर गर्ग, सीएमओ
तीन सौ बेड अस्पताल में एल-3 इलाज की सुविधा नहीं है। गंभीर रू प बीमार संक्रमितों को इलाज की व्यवस्था के लिए भोजीपुरा के एसआरएमएस और दिल्ली हाइवे स्थित राजश्री मेडिकल कॉलेज में जनरल ऑक्सीजन बेड और वेंटीलेटर बेड आरक्षित कराए हैं। - डॉ. रंजन गौतम, जिला सर्विलांस अधिकारी
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महज तीन दिनों में कोविड संक्रमण के 180 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसमें से करीब 20 फीसदी संक्रमितों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वे अन्य बीमारियों से भी ग्रसित हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें नियामानुसार कोविड एल-3 अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश है। हैरत यह कि पिछले दिनों प्रतिदिन एक या दो संक्रमित मिलने के चलते भोजीपुरा और दिल्ली हाईवे स्थित कोविड एल-3 अस्पतालों ने प्रशासन से आरक्षित बेड मुक्त करने की मांग की थी। इसके लिए प्रशासन ने हामी भी भर ली थी। इधर, करीब 15 दिनों से एक बार फिर संक्रमित बढ़े हैं, लेकिन कोविड एल-3 अस्पतालोें ने भर्ती करने से साफ इनकार कर दिया। सीएमएस डॉ. वागीश वैश ने बताया कि तीन सौ बेड अस्पताल में भर्ती कई संक्रमितों की हालत गंभीर हो रही है। अस्पताल में एल-3 मरीजों की देखभाल और इलाज की सुविधा न होने से उन्हें एसआरएमएस भेजा जा रहा था, लेकिन अस्पताल प्रशासन वापस कर रहा था। इसकी सूचना सीएमओ को दी गई थी।
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डीजी हेल्थ ने चेताया तो बैकफुट पर आए अस्पताल
पूर्व में कोविड एल-3 के लिए निर्धारित अस्पतालों द्वारा संक्रमितों को वापस करने की जानकारी मिलने पर सोमवार को सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम को अस्पतालों में बेड आरक्षित कराने का जिम्मा सौंपा था। एसीएमओ अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन की अनाकानी पर डीजी हेल्थ से फोन पर बात की। अस्पताल प्रशासन को डीजी हेल्थ ने चेताया तो वह बैकफुट पर आ गए। इसके बाद भोजीपुरा के निजी मेडिकल कॉलेज में 247 जनरल ऑक्सीजन बेड, 20 वेंटिलेटर बेड और दिल्ली हाइवे स्थित मेडिकल इंस्टीट्यूट में 140 जनरल ऑक्सीजन बेड आरक्षित हो गए हैं।
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कंटेन्मेंट जोन में सर्वे के लिए बनेंगी टीमें
शासन से निर्देश जारी होने के बाद संक्रमितों की ट्रेसिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सर्वे के लिए टीमें बनाने की कवायद शुरू कर दी है। टीम में एक स्वास्थ्यकर्मी के अलावा एक प्रशासन और एक नगर निगम का कर्मचारी शामिल रहेगा। इसके लिए सीएमओ ने संबंधित विभागों के अफसरों को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। उधर, कंटेन्मेंट जोन बनाने के लिए सर्विलांस टीमें जुट गई हैं।
पॉश इलाकों में मिल रहे हैं सर्वाधिक संक्रमित
बताया जाता है कि शहर की पॉश कॉलोनियों में सबसे ज्यादा जोन बनेंगे। दरअसल, इनमें ही सबसे ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। इनमें रामपुर गार्डन, राजेंद्रनगर, जनकपुरी, ग्रीन पार्क, ग्रेटर ग्रीन पार्क, महानगर, डीडीपुरम के अलावा संजयनगर, सुभाषनगर, इज्जतनगर इलाके की कॉलोनियां शामिल हैं। सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने बताया कि कंटेन्मेंट जोन बनाने और निगरानी की जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस विभाग संभालेगा।
संक्रमितों को तनावमुक्त करेंगे मनोचिकित्सक
अस्पतालों में भर्ती हो रहे संक्रमितों को मानसिक तनाव न हो इसके लिए सीएमओ ने तीन सौ बेड कोविड अस्पताल में मनोचिकित्सक को काउंसलिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। जिला अस्पताल मनकक्ष के डॉ. आशीष मरीजों को होने वाली मानसिक समस्या को दूर करेंगे। साथ ही, वह वहां ड्यूटी कर रहे स्टाफ को भी मरीजों से बातचीत करने, उन्हें तनावमुक्त बनाने का प्रशिक्षण देंगे।
कंटेन्मेंट जोन में सर्वे के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की जा रही है। जो घर-घर जाकर संदिग्ध संक्रमितों की तलाश करेगी और लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करेगी। उधर, कोविड एल-3 अस्पतालों में बेड आरक्षित हो गए हैं। गंभीर संक्रमितों को वहां भर्ती कराया जाएगा। - डॉ. सुधीर गर्ग, सीएमओ
तीन सौ बेड अस्पताल में एल-3 इलाज की सुविधा नहीं है। गंभीर रू प बीमार संक्रमितों को इलाज की व्यवस्था के लिए भोजीपुरा के एसआरएमएस और दिल्ली हाइवे स्थित राजश्री मेडिकल कॉलेज में जनरल ऑक्सीजन बेड और वेंटीलेटर बेड आरक्षित कराए हैं। - डॉ. रंजन गौतम, जिला सर्विलांस अधिकारी