{"_id":"f2ccbad0d685911706dee280c6c943e5","slug":"hospital-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पतालों में इलाज करेंगे प्राइवेट डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पतालों में इलाज करेंगे प्राइवेट डॉक्टर
बीरेली
Updated Fri, 12 Dec 2014 09:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश शासन ने सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए प्राइवेट डॉक्टरों की मदद लेने का निर्णय लिया है। शुरुआत मंडल स्तर के अस्पतालों में की गई है। सरकारी अस्पताल में जो विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं उनके स्थान पर प्राइवेट डॉक्टर से कांटेक्ट किया जाएगा, ताकि जरूरत पर उनको कॉल करके बुलाया जा सके। शासन ने इस बारे में समस्त स्वास्थ्य अधिकारियों को सर्कुलर जारी कर दिया है। यहां जिला अस्पताल में सात प्राइवेट डॉक्टरों से कांटेक्ट किया गया है।
विज्ञापन
जिला अस्पतालों में न्यूरोलॉजिस्ट, गेस्ट्रोइंट्रालॉजिस्ट, हिस्ट्रोपैथोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, स्किन स्पेशलिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट आदि विशेषज्ञ डॉक्टरों का टोटा है। नए चिकित्सक सरकारी सेवा में आना नहीं चाहते। सरकारी अस्पताल में गरीब मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता। दूसरे गंभीर मरीजों को डॉक्टर की बगैर ओपेनियन लिए सीधे हायर सेंटर (लखनऊ) रेफर करना पड़ता है। कई बार हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही मरीज दम तोड़ देते हैं। इस दिक्कत को दूर करने के लिए निजी डॉक्टरों से कांटेक्ट किया जा रहा है। निजी डॉक्टरों को कॉल के हिसाब से महीने के आखिर में भुगतान किया जाएगा। इसका बोझ सरकार उठाएगी।
विज्ञापन
यहां जिला अस्पताल में सात निजी डॉक्टरों से कांटेक्ट किया गया है। इनमें न्यूरोलॉजिस्ट, गेस्ट्रोइंट्रालॉजिस्ट, हिस्ट्रोपैथालॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, स्किन स्पेशलिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट शामिल हैं। सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा ने बताया कि यह व्यवस्था एनएचएम के तहत की गई है। मरीजों की जरूरत के हिसाब से संबंधित डॉक्टर को कॉल किया जाएगा। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर किया जाएगा।
विज्ञापन
अपग्रेड होगा आपरेशन थिएटर
जिला अस्पताल के आपरेशन थिएटर में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, जिससे कॉल पर आने वाले निजी डॉक्टर यूज कर सकें। सीएमएस इसका बजट बनाकर सीएमओ व डीएम के माध्यम से शासन को भेजेंगे।