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हुक्का बार सिंडीकेट का नया फंडा: पुलिस का है डर तो हुक्का पहुंचेगा आपके घर
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Hukka Bar
- फोटो : Social Media
ज्यादा कीमत वसूलकर घरों में करा रहे हुक्का पार्टी, कॉफी बार और रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा कारोबार
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बरेली। रविवार को पकड़े गए दो हुक्का बार पकड़ने के बाद प्रेमनगर पुलिस ने मौके से पकड़े गए पांचों वेटर को जेल भेज दिया। मगर उनके मालिकों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस बीच पुलिस कार्रवाई के डर से हुक्का बार संचालकों ने कारोबार का दूसरा रास्ता भी निकाल लिया है। कॉफी बार और रेस्टोरेंट की आड़ में हुक्का बार संचालकों ने अब घर या ग्राहक के बताए स्थान पर भी हुक्का पहुंचाना शुरू कर दिया है लेकिन इसके एवज में रकम ज्यादा वसूली जाती है।
सख्त कार्रवाई न होने के चलते कॉफी बार और रेस्टोरेंट की आड़ में फिर से हुक्का बार शुरू कर दिए गए हैं। मोटी कमाई के लालच में यहां नाबालिग लड़के और लड़कियों को भी हुक्का गुड़गुड़ाने की मौका दिया जा रहा है। रविवार को प्रेमनगर पुलिस ने अचानक चेकिंग की तो ब्रू बेरी और ग्रीन चिली रेस्टोरेंट में लड़कियों और नाबालिगों समेत कई नौजवान हुक्का पीते मिले। मगर पिछली कार्रवाई की तरह ही दोनों जगह से मालिक फरार हो गए जबकि इन दोनों हुक्का बार पर पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है। इस कार्रवाई में पुलिस पिछली बार की ही तरह भवन मालिकों पर फिर मेहरबान रही, जिसके चलते इनका दोबारा संचालन शुरू हो गया। साथ ही कुछ ने बर्थ डे समेत अन्य पार्टियों में हुक्का की होम डिलीवरी भी शुरू कर दी है।
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पुलिस की कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल
हुक्का बार पर लगातार दबिशें होती हैं लेकिन इनके मालिक हर बार बच निकलते हैं। मौके से सिर्फ कर्मचारी और ग्राहक ही पकड़े जाते हैं। इसके चलते पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि दिसंबर 2019 में प्रेमनगर पुलिस ने डीडीपुरम में एक हुक्का बार पर छापा मारकर हाटमैन इलाके में रहने वाले एक बार संचालक लड़के को पकड़ा था लेकिन उसे थाने से ही जमानत मिल गई। इसके कुछ दिन बाद ही उसने अपना हुक्का बार फिर शुरू कर लिया। इसमें उसकी शादीशुदा प्रेमिका अपने साथ ग्राहकों को लेकर आती है और आए दिन पार्टी होती है।
जेजे एक्ट में फंसे तो जाना पड़ा जेल
इस बार प्रेमनगर पुलिस ने इन दोनों ही मामलों में जेजे एक्ट (जुवेनाइल जस्टिस) के तहत कार्रवाई की गई है, जिसमें किशोरों को नशा कराने के आरोपियों को सख्त सजा का प्रावधान है। इसके चलते ही पांचों आरोपियों को जेल जाना पड़ा। हालांकि पुलिस ने इस कार्रवाई की सूचना एफएसडीए को भी दी थी लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
सख्त कार्रवाई न होने के चलते कॉफी बार और रेस्टोरेंट की आड़ में फिर से हुक्का बार शुरू कर दिए गए हैं। मोटी कमाई के लालच में यहां नाबालिग लड़के और लड़कियों को भी हुक्का गुड़गुड़ाने की मौका दिया जा रहा है। रविवार को प्रेमनगर पुलिस ने अचानक चेकिंग की तो ब्रू बेरी और ग्रीन चिली रेस्टोरेंट में लड़कियों और नाबालिगों समेत कई नौजवान हुक्का पीते मिले। मगर पिछली कार्रवाई की तरह ही दोनों जगह से मालिक फरार हो गए जबकि इन दोनों हुक्का बार पर पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है। इस कार्रवाई में पुलिस पिछली बार की ही तरह भवन मालिकों पर फिर मेहरबान रही, जिसके चलते इनका दोबारा संचालन शुरू हो गया। साथ ही कुछ ने बर्थ डे समेत अन्य पार्टियों में हुक्का की होम डिलीवरी भी शुरू कर दी है।
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प्राइवेसी का पूरा खयाल
हुक्का बार ज्यादा बदनाम होने के बाद उसके मालिक दूसरे नाम से रजिस्ट्रेशन कराकर अपना धंधा फिर शुरू कर देते हैं। यहां कम उम्र के प्रेमी जोड़ों को हुक्का पीने के साथ ही प्राइवेसी भी दी जाती है और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली जाती है।
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पुलिस की कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल
हुक्का बार पर लगातार दबिशें होती हैं लेकिन इनके मालिक हर बार बच निकलते हैं। मौके से सिर्फ कर्मचारी और ग्राहक ही पकड़े जाते हैं। इसके चलते पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि दिसंबर 2019 में प्रेमनगर पुलिस ने डीडीपुरम में एक हुक्का बार पर छापा मारकर हाटमैन इलाके में रहने वाले एक बार संचालक लड़के को पकड़ा था लेकिन उसे थाने से ही जमानत मिल गई। इसके कुछ दिन बाद ही उसने अपना हुक्का बार फिर शुरू कर लिया। इसमें उसकी शादीशुदा प्रेमिका अपने साथ ग्राहकों को लेकर आती है और आए दिन पार्टी होती है।
एक बार में 500-800 तक वसूली
हुक्का बार में आने वाले लड़के-लड़कियां समृद्ध परिवार से होते हैं। यही वजह है कि 40-50 रुपये में मिलने वाले फ्लेवर को पांच सौ से आठ सौ रुपये तक में बेचा जाता है। इसी मोटी कमाई के लालच में यह कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। त्र्जेजे एक्ट में फंसे तो जाना पड़ा जेल
इस बार प्रेमनगर पुलिस ने इन दोनों ही मामलों में जेजे एक्ट (जुवेनाइल जस्टिस) के तहत कार्रवाई की गई है, जिसमें किशोरों को नशा कराने के आरोपियों को सख्त सजा का प्रावधान है। इसके चलते ही पांचों आरोपियों को जेल जाना पड़ा। हालांकि पुलिस ने इस कार्रवाई की सूचना एफएसडीए को भी दी थी लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
प्रेमनगर पुलिस ने दो जगह सूचना पर छापा मारा तो पांच लोग हुक्का बार चलाते मिले। इनके खिलाफ जेजे एक्ट में कार्रवाई की गई है। किसी और रेस्टोरेंट या होटल वाले ने हुक्का बार चलाया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी