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अमर उजाला का कोरोना योद्धा सम्मान: मानव सेवा के जज्बे को सम्मान
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2020 की शुरुआत कोरोना की दस्तक के साथ हुई। चीन समेत कई देशों में भारी तबाही मचाते हुए भारत पहुंची यह अपरिचित महामारी जितनी भयावह थी, उससे भी कहीं ज्यादा उसके डर ने दिलों को दहला रखा था। फिर भी कोई चारा नहीं था कि इस महामारी को पराजित करने के लिए उसका डटकर सामना किया जाए और इसके लिए अटूट मनोबल वाली फौज की जरूरत थी जिसका हिस्सा बनने का निर्णय आसान नहीं था। खुद अपनी जिंदगी के साथ परिवार का भविष्य भी दांव पर लगाना लाजमी था। बेहद विषम परिस्थितियों में कोरोना योद्धाओं की सेना तैयार हुई। पूरे साल भर कड़ी जंग के बाद अब कोरोना पराजय के मुकाम पर है। शनिवार को होटल स्वर्ण टॉवर में अमर उजाला की ओर से आयोजित समारोह में रुहेलखंड के उन कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों लोगों की जान बचाई।
बरेली। अमर उजाला की ओर से स्टेशन रोड स्थित होटल स्वर्ण टॉवर में आयोजित समारोह में शनिवार को रुहेलखंड के 17 प्रमुख कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया। परिवहन मंत्री अशोक कटारिया के मुख्य आतिथ्य में हुए इस कार्यक्रम में मंडल भर की हस्तियों ने शिरकत की और कोरोना योद्धाओं के जज्बे को खुले दिल से सराहा।
दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के बाद परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा कि समाज के सभी वर्गों ने इस महामारी के दौरान अद्भुत सेवा का परिचय दिया है। जिस कोरोना के सामने दुनिया के कई साधनसंपन्न देश घुटने टेक चुके थे, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूरदर्शिता का परिचय देकर काबू पाया। आज पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश की तारीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि पूरी ताकत से कोरोना से लड़ने में जुटा हमारा सरकारी तंत्र अभिनंदन का पात्र है। उन कोरोना योद्धाओं का नाम हमेशा याद रखा जाएगा जिन्होंने जान जोखिम में डालकर समाज की सेवा की। कई कोरोना योद्धा सेवा करते-करते हमारे बीच से चले गए लेकिन कर्तव्यपथ से पीछे नहीं हटे।
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अशोक कटारिया ने परिवहन निगम की भी सराहना की। कहा, हमारी बसों ने राजस्थान में फंसे छात्र-छात्राओं को उनके घर पहुंचाया। देश भर से आने वाले लाखों प्रवासियों को भी सकुशल उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सभी का सहयोग था कि हमारे यहां मृत्यु दर कम रही। विशिष्ट अतिथि मेयर उमेश गौतम ने कहा कि जब लोग संक्रमितों से दूर भाग रहे थे तो नगर निगम के सफाईकर्मी उनके घरों से कूड़ा उठाने के साथ सैनिटाइजेशन कर रहे थे। उन्होंने कोरोना के दौर में डीएम की कार्यशैली की भी सराहना की। राजशेखर जुनेजा ने भी अफसरों और समाजसेवियों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन मल्लिका एस अस्थाना ने किया।
कोरोना के खिलाफ जंग में हर वर्ग की भूमिका
अफसरों ने फ्रंटलाइन वर्कर्स और समाजसेवियों की खुले दिल से की सराहना
2020 बुरे सपने जैसा पर अब लोग स्वास्थ्य के प्रति सजग: एडीजी
समाजसेवियों की मदद ने बुरे समय में लोगों को दिया सहारा: आईजी
सरकार तंत्र ने खामियों के बाद भी आपदाग्रस्त परिवारों को संभाला: डीएम
बरेली। विशिष्ट अतिथि एडीजी अविनाश चंद्र ने कहा कि कोई व्यक्ति यह नहीं चाहेगा कि 2020 जैसा साल कभी दोबारा आए। यह साल एक बुरे सपने की तरह था, हालांकि उसने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया। अब लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सजग हो गए हैं।
आईजी राजेश पांडेय ने कहा कि कोरोना ने सभी की जीवन शैली बदल दी। जब प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू की घोषणा की तो उन्हें लगा था कि पता नहीं लोग इसका पालन करेंगे या नहीं लेकिन अगले ही दिन सभी का सहयोग देखने को मिला। यह इस बीमारी का अज्ञात भय ही था जिसकी न दवा थी न यह पता था कि उससे बचने के लिए क्या करना है। मगर हालात बदले, हम पीपीई किट और मास्क बनाने में आत्मनिर्भर बने। समाजसेवियों ने भरसक मदद की। बाहर से आने वालों का ख्याल रखा, उन्हें रोकने और खाने-पीने की व्यवस्था की।
डीएम नितीश कुमार ने इस आपदा में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि जिस पीडीएस में कई बार उन्हें खुद खामियां नजर आती हैं, वह लोगों के लिए काफी मददगार साबित हुई। हमारा प्रबंधन विकसित देशों से भी बेहतर साबित हुआ। व्यापारी हों या मीडिया, समाज के हर वर्ग ने लोगों की मदद की। पलायन के दौर में परिवहन विभाग और रेलवे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिस दौर में जब कोरोना से मौत होने पर परिवार वाले भी साथ छोड़ रहे थे, प्रशासन की टीमों ने उनकी अंत्येष्टि कराई। बीमारों का इलाज कराया और लगातार उनके संपर्क में रहा। डीएम ने जिले के निजी मेडिकल कॉलेज एसआरएमएस, रुहेलखंड और राजश्री के योगदान को भी सराहा। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने महराजगंज के अपने अनुभवों को साझा किया। बताया, किस तरह पुलिस-प्रशासन की टीमें दिन रात लोगों की सेवा में लगी रहीं। ब्यूरो
कमिश्नर की जुबानी.. जिस अस्पताल में भर्ती
थे, वहीं निरीक्षण कर रहे थे संक्रमित डीएम
कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने बताया कि यह कोरोना योद्धाओं का जज्बा ही था कि आज हम अच्छी स्थिति में आ चुके हैं। डीएम नितीश कुमार के साथ उनके माता-पिता के भी संक्रमित होने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी डीएम लगातार अपने दायित्वों का निर्वाह करते रहे। एक दिन उन्होंने हालचाल लेने के लिए फोन किया तो पता चला कि वह जिस अस्पताल में भर्ती हैं, वहां निरीक्षण कर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा चुके हैं। कमिश्नर ने बताया कि आपदा में काम करने का उनके जीवन में यह दूसरा अनुभव है, इससे पहले बतौर राहत उपायुक्त उन्होंने सुनामी के दौरान काम किया था। उन्होंने बताया कि सुनामी में तो रोते-बिलखते लोगों को गले लगाकर सांत्वना देने वाले मिल जाते थे लेकिन कोरोना ने दो गज की दूरी बना दी। लोग गले लगकर आत्मीयता तक नहीं दिखा सके।
जान गंवाने वाले स्वास्थ्यकर्मी भी शहीद
सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने कहा कि कोरोना के दौर में डॉ. विनीत शुक्ला सीएमओ थे लेकिन अपनी परवाह न करके वह दिन-रात सेवा में लगे रहे और खुद भी गंभीर रूप से संक्रमित हो गए। देश में तमाम डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई। इन लोगों को इतिहास याद करेगा और ये भी शहीद कहे जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपनी बारी आने पर कोरोना वैक्सीन जरूर लगवाएं। बताया, देश में तैयार हुई जिन दो वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू किया गया है, अपनी गुणवत्ता की वजह से पूरी दुनिया में उनकी मांग है।
अमर उजाला के मंच से मदद की घोषणा
गीता आश्रम के विनय कुमार वटवानी ने कहा कि उन्हें पता चला है कि कुछ थानों में महिला शौचालय नहीं हैं और कुछ स्कूलों में प्रोजेक्टर की जरूरत है। उन्होंने अमर उजाला के मंच से ये दोनों कमी पूरी करने की घोषणा की। जैविक खेती कर रहे क्रिएशन बायोटेक के मोहित अग्रवाल ने लोगों ने एकजुट होकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे देश के तमाम उत्पादों ने कोरोना के दौर में लोगों की ताकत बढ़ाई है। इन उत्पादों की विदेशों में भी मांग थी लेकिन उन्होंने पहले अपने देश में ये उत्पाद उपलब्ध कराए।
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बरेली। अमर उजाला की ओर से स्टेशन रोड स्थित होटल स्वर्ण टॉवर में आयोजित समारोह में शनिवार को रुहेलखंड के 17 प्रमुख कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया। परिवहन मंत्री अशोक कटारिया के मुख्य आतिथ्य में हुए इस कार्यक्रम में मंडल भर की हस्तियों ने शिरकत की और कोरोना योद्धाओं के जज्बे को खुले दिल से सराहा।
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दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के बाद परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा कि समाज के सभी वर्गों ने इस महामारी के दौरान अद्भुत सेवा का परिचय दिया है। जिस कोरोना के सामने दुनिया के कई साधनसंपन्न देश घुटने टेक चुके थे, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूरदर्शिता का परिचय देकर काबू पाया। आज पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश की तारीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि पूरी ताकत से कोरोना से लड़ने में जुटा हमारा सरकारी तंत्र अभिनंदन का पात्र है। उन कोरोना योद्धाओं का नाम हमेशा याद रखा जाएगा जिन्होंने जान जोखिम में डालकर समाज की सेवा की। कई कोरोना योद्धा सेवा करते-करते हमारे बीच से चले गए लेकिन कर्तव्यपथ से पीछे नहीं हटे।
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अशोक कटारिया ने परिवहन निगम की भी सराहना की। कहा, हमारी बसों ने राजस्थान में फंसे छात्र-छात्राओं को उनके घर पहुंचाया। देश भर से आने वाले लाखों प्रवासियों को भी सकुशल उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सभी का सहयोग था कि हमारे यहां मृत्यु दर कम रही। विशिष्ट अतिथि मेयर उमेश गौतम ने कहा कि जब लोग संक्रमितों से दूर भाग रहे थे तो नगर निगम के सफाईकर्मी उनके घरों से कूड़ा उठाने के साथ सैनिटाइजेशन कर रहे थे। उन्होंने कोरोना के दौर में डीएम की कार्यशैली की भी सराहना की। राजशेखर जुनेजा ने भी अफसरों और समाजसेवियों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन मल्लिका एस अस्थाना ने किया।
कोरोना के खिलाफ जंग में हर वर्ग की भूमिका
अफसरों ने फ्रंटलाइन वर्कर्स और समाजसेवियों की खुले दिल से की सराहना
2020 बुरे सपने जैसा पर अब लोग स्वास्थ्य के प्रति सजग: एडीजी
समाजसेवियों की मदद ने बुरे समय में लोगों को दिया सहारा: आईजी
सरकार तंत्र ने खामियों के बाद भी आपदाग्रस्त परिवारों को संभाला: डीएम
बरेली। विशिष्ट अतिथि एडीजी अविनाश चंद्र ने कहा कि कोई व्यक्ति यह नहीं चाहेगा कि 2020 जैसा साल कभी दोबारा आए। यह साल एक बुरे सपने की तरह था, हालांकि उसने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया। अब लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सजग हो गए हैं।
आईजी राजेश पांडेय ने कहा कि कोरोना ने सभी की जीवन शैली बदल दी। जब प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू की घोषणा की तो उन्हें लगा था कि पता नहीं लोग इसका पालन करेंगे या नहीं लेकिन अगले ही दिन सभी का सहयोग देखने को मिला। यह इस बीमारी का अज्ञात भय ही था जिसकी न दवा थी न यह पता था कि उससे बचने के लिए क्या करना है। मगर हालात बदले, हम पीपीई किट और मास्क बनाने में आत्मनिर्भर बने। समाजसेवियों ने भरसक मदद की। बाहर से आने वालों का ख्याल रखा, उन्हें रोकने और खाने-पीने की व्यवस्था की।
डीएम नितीश कुमार ने इस आपदा में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि जिस पीडीएस में कई बार उन्हें खुद खामियां नजर आती हैं, वह लोगों के लिए काफी मददगार साबित हुई। हमारा प्रबंधन विकसित देशों से भी बेहतर साबित हुआ। व्यापारी हों या मीडिया, समाज के हर वर्ग ने लोगों की मदद की। पलायन के दौर में परिवहन विभाग और रेलवे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिस दौर में जब कोरोना से मौत होने पर परिवार वाले भी साथ छोड़ रहे थे, प्रशासन की टीमों ने उनकी अंत्येष्टि कराई। बीमारों का इलाज कराया और लगातार उनके संपर्क में रहा। डीएम ने जिले के निजी मेडिकल कॉलेज एसआरएमएस, रुहेलखंड और राजश्री के योगदान को भी सराहा। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने महराजगंज के अपने अनुभवों को साझा किया। बताया, किस तरह पुलिस-प्रशासन की टीमें दिन रात लोगों की सेवा में लगी रहीं। ब्यूरो
कमिश्नर की जुबानी.. जिस अस्पताल में भर्ती
थे, वहीं निरीक्षण कर रहे थे संक्रमित डीएम
कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने बताया कि यह कोरोना योद्धाओं का जज्बा ही था कि आज हम अच्छी स्थिति में आ चुके हैं। डीएम नितीश कुमार के साथ उनके माता-पिता के भी संक्रमित होने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी डीएम लगातार अपने दायित्वों का निर्वाह करते रहे। एक दिन उन्होंने हालचाल लेने के लिए फोन किया तो पता चला कि वह जिस अस्पताल में भर्ती हैं, वहां निरीक्षण कर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा चुके हैं। कमिश्नर ने बताया कि आपदा में काम करने का उनके जीवन में यह दूसरा अनुभव है, इससे पहले बतौर राहत उपायुक्त उन्होंने सुनामी के दौरान काम किया था। उन्होंने बताया कि सुनामी में तो रोते-बिलखते लोगों को गले लगाकर सांत्वना देने वाले मिल जाते थे लेकिन कोरोना ने दो गज की दूरी बना दी। लोग गले लगकर आत्मीयता तक नहीं दिखा सके।
जान गंवाने वाले स्वास्थ्यकर्मी भी शहीद
सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने कहा कि कोरोना के दौर में डॉ. विनीत शुक्ला सीएमओ थे लेकिन अपनी परवाह न करके वह दिन-रात सेवा में लगे रहे और खुद भी गंभीर रूप से संक्रमित हो गए। देश में तमाम डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई। इन लोगों को इतिहास याद करेगा और ये भी शहीद कहे जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपनी बारी आने पर कोरोना वैक्सीन जरूर लगवाएं। बताया, देश में तैयार हुई जिन दो वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू किया गया है, अपनी गुणवत्ता की वजह से पूरी दुनिया में उनकी मांग है।
अमर उजाला के मंच से मदद की घोषणा
गीता आश्रम के विनय कुमार वटवानी ने कहा कि उन्हें पता चला है कि कुछ थानों में महिला शौचालय नहीं हैं और कुछ स्कूलों में प्रोजेक्टर की जरूरत है। उन्होंने अमर उजाला के मंच से ये दोनों कमी पूरी करने की घोषणा की। जैविक खेती कर रहे क्रिएशन बायोटेक के मोहित अग्रवाल ने लोगों ने एकजुट होकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे देश के तमाम उत्पादों ने कोरोना के दौर में लोगों की ताकत बढ़ाई है। इन उत्पादों की विदेशों में भी मांग थी लेकिन उन्होंने पहले अपने देश में ये उत्पाद उपलब्ध कराए।