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Bareilly News: गृहकर... इस क्लेश का अंत नहीं
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बरेली। गृहकर बिलों के क्लेश का अंत नहीं। नगर निगम पुराने बिलों की गड़बड़ियों को अभी दूर नहीं कर सका है। अब वर्ष 2024-25 के नए बिलों में भी गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। किसी को मिश्रित (आवासीय व व्यावसायिक) बिल जारी किया गया है तो किसी के बिल में भवन के फोटो मैच न होने की शिकायत है। आईडी पर गलत नाम-पते और बिल जमा होने के बाद भी पुराना बिल जुड़कर आने की समस्याएं भी हैं।
शहर में वर्ष 2024-25 में करीब 2.40 लाख उपभोक्ताओं के बिल बने हैं। इन्हीं बिलों का वितरण 20 दिन पहले से किया जा रहा है। 10 प्रतिशत छूट का समय 31 अक्टूबर को पूरा हो रहा है। ऐसे में नए गृहकर बिल की समस्याएं छूट के लिए निर्धारित तिथि से पहले दूर हो पाना भी मुश्किल माना जा रहा है।
पुराने शहर के रहने वाले जावेद अख्तर का साढ़े चार सौ गज में पुराना मकान है। उक्त मकान की रजिस्ट्री उनके पिता मोहम्मद सईद ने वर्ष 1971 में कराई थी। मकान की रजिस्ट्री के बाद से एक भी ईंट अलग से नहीं लगाई गई है। वह हर साल बिल भरते हैं, लेकिन इस बार वर्ष 2024-25 का उन्हें जो बिल दिया गया है, वह मिश्रित के हिसाब से बना है। उसमें फोटो दूसरी बिल्डिंग की लगी है। उनका बेटा बाहर नौकरी करता है। ऐसे में अब वह परेशान हैं।
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निगम के लोग अगर घरों तक बिल पहुंचाते तो ये गड़बड़ियां जल्द पकड़ में आतीं। लोगों खुद ऑनलाइन बिल निकालने से परहेज करते हैं। सूत्रों की मानें तो बरेली में गृहकर रिकवरी की हालत प्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में काफी खराब है। जिला आठवें नंबर पर आया है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई है। इसी के बाद रिकवरी बढ़ाने के लिए अधिकारी अब घरों तक बिल भेज रहे हैं। इसीलिए गड़बड़ियों के मामले भी खुलने लगे हैं।
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60 गज का मकान, बिल 200 गज का
हर बार बिल भरते हैं। इस बार निगम का कर्मचारी बिल पहुंचाने घर आया था। बिल में कर काफी ज्यादा दिखाया गया है। 60 गज में मकान बना है और बिल 200 गज के मकान का है। - कृष्ण मुरारी, चाहबाई
82 गज के मकान का कर 10 हजार
कर जमा करने में दिक्कत नहीं, लेकिन नया बिल समझ में नहीं आ रहा है। इस बार 10 हजार रुपये का बिल आया है। इतना बिल भर देंगे तो परिवार कैसे पालेंगे? 82 गज के मकान पर इतना बिल। - मुख्त्यार खान, पुराना शहर
नाम-पता गलत, फोटो भी दूसरे मकान का
दो दिन पहले मिले बिल में नाम-पता गलत है। फोटो भी दूसरे मकान का लगा हुआ है। अब हम क्या करें, कहां जाएं? पहले बिल पांच से छह सौ रुपये आता था, जिसे समय पर जमा कर देते थे। - अनमोल शर्मा, भूड़
पहले आईडी मैच नहीं कर रहा था, अब बढ़ाकर भेजा बिल
बिलों की समस्या कम नहीं हो रही है। हम और परिजन कई बार ठीक कराने के लिए चक्कर भी लगा चुके हैं। पहले आईडी नो मैच बता रहा था। अब काफी बढ़ाकर बिल बना दिया है। - अंजुम बेग, शाहबाद
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पार्षद बोले- विभाग की हठधर्मिता का नतीजा
विभाग अपनी हठधर्मिता पर उतर आया है, हमने गृहकर बिलों के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद कुछ राहत मिली, लेकिन अब पुराने करदाताओं के बिलों में गड़बड़ी सामने आ रही है। स्वयंकर भी विभाग बंद करने की बात कर रहा है, जो हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। - राजेश अग्रवाल, पार्षद
बिलों में शिकायतें सामने आ रही हैं, इसको लेकर महापौर और उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। किसी भी हाल में जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। हम जनता के साथ खड़े हैं। - गौरव सक्सेना, पार्षद
वर्जन...
बिलों में आ रहीं गड़बडियों को दिखवाया जाएगा। जनता के हित की बात होगी। किसी भी हाल में अधिकारियों को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। - उमेश गौतम, महापौर
समस्याएं अभी मेरे पास नहीं आई हैं। अगर कोई समस्या आती है तो उसका निश्चित तौर पर निस्तारण कराया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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शहर में वर्ष 2024-25 में करीब 2.40 लाख उपभोक्ताओं के बिल बने हैं। इन्हीं बिलों का वितरण 20 दिन पहले से किया जा रहा है। 10 प्रतिशत छूट का समय 31 अक्टूबर को पूरा हो रहा है। ऐसे में नए गृहकर बिल की समस्याएं छूट के लिए निर्धारित तिथि से पहले दूर हो पाना भी मुश्किल माना जा रहा है।
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पुराने शहर के रहने वाले जावेद अख्तर का साढ़े चार सौ गज में पुराना मकान है। उक्त मकान की रजिस्ट्री उनके पिता मोहम्मद सईद ने वर्ष 1971 में कराई थी। मकान की रजिस्ट्री के बाद से एक भी ईंट अलग से नहीं लगाई गई है। वह हर साल बिल भरते हैं, लेकिन इस बार वर्ष 2024-25 का उन्हें जो बिल दिया गया है, वह मिश्रित के हिसाब से बना है। उसमें फोटो दूसरी बिल्डिंग की लगी है। उनका बेटा बाहर नौकरी करता है। ऐसे में अब वह परेशान हैं।
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निगम के लोग अगर घरों तक बिल पहुंचाते तो ये गड़बड़ियां जल्द पकड़ में आतीं। लोगों खुद ऑनलाइन बिल निकालने से परहेज करते हैं। सूत्रों की मानें तो बरेली में गृहकर रिकवरी की हालत प्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में काफी खराब है। जिला आठवें नंबर पर आया है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई है। इसी के बाद रिकवरी बढ़ाने के लिए अधिकारी अब घरों तक बिल भेज रहे हैं। इसीलिए गड़बड़ियों के मामले भी खुलने लगे हैं।
60 गज का मकान, बिल 200 गज का
हर बार बिल भरते हैं। इस बार निगम का कर्मचारी बिल पहुंचाने घर आया था। बिल में कर काफी ज्यादा दिखाया गया है। 60 गज में मकान बना है और बिल 200 गज के मकान का है। - कृष्ण मुरारी, चाहबाई
82 गज के मकान का कर 10 हजार
कर जमा करने में दिक्कत नहीं, लेकिन नया बिल समझ में नहीं आ रहा है। इस बार 10 हजार रुपये का बिल आया है। इतना बिल भर देंगे तो परिवार कैसे पालेंगे? 82 गज के मकान पर इतना बिल। - मुख्त्यार खान, पुराना शहर
नाम-पता गलत, फोटो भी दूसरे मकान का
दो दिन पहले मिले बिल में नाम-पता गलत है। फोटो भी दूसरे मकान का लगा हुआ है। अब हम क्या करें, कहां जाएं? पहले बिल पांच से छह सौ रुपये आता था, जिसे समय पर जमा कर देते थे। - अनमोल शर्मा, भूड़
पहले आईडी मैच नहीं कर रहा था, अब बढ़ाकर भेजा बिल
बिलों की समस्या कम नहीं हो रही है। हम और परिजन कई बार ठीक कराने के लिए चक्कर भी लगा चुके हैं। पहले आईडी नो मैच बता रहा था। अब काफी बढ़ाकर बिल बना दिया है। - अंजुम बेग, शाहबाद
पार्षद बोले- विभाग की हठधर्मिता का नतीजा
विभाग अपनी हठधर्मिता पर उतर आया है, हमने गृहकर बिलों के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद कुछ राहत मिली, लेकिन अब पुराने करदाताओं के बिलों में गड़बड़ी सामने आ रही है। स्वयंकर भी विभाग बंद करने की बात कर रहा है, जो हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। - राजेश अग्रवाल, पार्षद
बिलों में शिकायतें सामने आ रही हैं, इसको लेकर महापौर और उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। किसी भी हाल में जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। हम जनता के साथ खड़े हैं। - गौरव सक्सेना, पार्षद
वर्जन...
बिलों में आ रहीं गड़बडियों को दिखवाया जाएगा। जनता के हित की बात होगी। किसी भी हाल में अधिकारियों को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। - उमेश गौतम, महापौर
समस्याएं अभी मेरे पास नहीं आई हैं। अगर कोई समस्या आती है तो उसका निश्चित तौर पर निस्तारण कराया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त