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बरेली: प्रतियोगिता से पहले बदइंतजामी से जूझे खिलाड़ी, गद्दों पर चादर नहीं, रातभर गुल रही बिजली
Thu, 24 Sep 2026 01:40 PM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:40 PM IST
सार
बरेली में आयोजित 70वीं प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन व टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भाग लेने आए खिलाड़ियों को अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। उन्हें जमीन पर बिना चादर के गद्दे मिले और बिजली गुल होने से मच्छर परेशान करते रहे।
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बिना चादर के गद्दे पर सोए खिलाड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बरेली में शुरू हुई 70वीं प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन व टेबल टेनिस प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ी बुधवार को शहर पहुंचे तो बदइंतजामी से सामना हुआ। प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थाओं की वजह से प्रदेशभर से अपनी खेल प्रतिभा दिखाने पहुंचे 189 टीमों के युवा खिलाड़ियों को जूझना पड़ा। उनके सोने के लिए जमीन पर गद्दे बिछा दिए गए। उन पर चादरें भी नहीं डाली गईं। बिजली गुल होने पर वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने से मच्छर रातभर खिलाड़ियों का खून चूसते रहे।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बड़े-बड़े दावों के साथ आयोजन की रूपरेखा तैयार की थी, लेकिन धरातल पर सारी तैयारियां हवा हो गईं। विभागीय अधिकारियों ने सारा जिम्मा संबंधित विद्यालयों के मत्थे मढ़ दिया। नतीजा, न तो खिलाड़ियों के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था है, न ही स्टेडियम से उनके निवास स्थलों तक आने-जाने के लिए परिवहन का कोई इंतजाम किया गया है।
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घास के बीच से होकर गुजरना पड़ा
विष्णु इंटर कॉलेज में खिलाड़ियों को अपने कमरों तक पहुंचने के लिए अंधेरे रास्तों और बड़ी-बड़ी घास के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में उगी घास और झाड़ियों में सांप, बिच्छू व अन्य जहरीले कीड़े घूमते रहते हैं। इससे हर पल अनहोनी की आशंका बनी हुई है। गुरु गोविंद सिंह इंटर कॉलेज में विभाग ने गद्दों का इंतजाम तो कर दिया है, लेकिन चादरे उपलब्ध नहीं कराईं। ऊपर से बिजली गुल होने पर पूरे परिसर में अंधेरा छाया रहा।
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परिसर के बाहर घूमते कुत्ते भी इन युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। सुबह से अपनी टीमों के साथ स्टेडियम पहुंचे अधिकारी चार बजे शाम तक चाय-नाश्ते और खाने का इंतजार करते रहे।
संयुक्त निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) रामाज्ञा कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक की है। हालांकि दो दिन पहले हुई बैठक में सभी प्रधानाचार्यों को खिलाड़ियों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने के लिए आदेशित किया गया था। दो बार स्टेडियम में भी खिलाड़ियों के बीच जा चुका हूं। अब तक कहीं से ऐसी शिकायत नहीं आई है।
संयुक्त निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) रामाज्ञा कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक की है। हालांकि दो दिन पहले हुई बैठक में सभी प्रधानाचार्यों को खिलाड़ियों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने के लिए आदेशित किया गया था। दो बार स्टेडियम में भी खिलाड़ियों के बीच जा चुका हूं। अब तक कहीं से ऐसी शिकायत नहीं आई है।