फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Hither and thither Pancpir Baba Angnbaba

इधर पंचपीर बाबा उधर अंगनबाबा

Sun, 19 Jun 2016 12:37 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Sun, 19 Jun 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
Hither and thither Pancpir Baba Angnbaba
अ‌िततिमक्रमण्‍ा
खुर्रमनगर गौंटिया तिराहा पर कब्रिस्तान के बराबर में रोड के किनारे पीडब्ल्यूडी की जमीन पर पंचपीर बाबा की जियारत बनी है। इसमें पांच कब्रें हैं। ये पंचपीर बाबा कौन थे। कब और कहां पैदा हुए। बरेली में कैसे आ गए। ये जियारत की देखभाल करने वाले फहीम को भी नहीं पता। फहीम सिर्फ इतना जानते हैं कि पंचपीर बाबा की सेवा अब्बू फरीब भी करते थे। तीन साल पहले वह गुजर गए तो अब  सेवा उनको करनी है। 
विज्ञापन

भूसे का कारोबार करने वाले फहीम ने पंचपीर बाबा के चारों ओर बाउंड्रीवाल करा दी है। लोग यहां रोजाना अगरबत्ती और प्रसाद चढ़ाते हैं। बृहस्पतिवार को इज्जतनगर के मौलाना कामिल जियारत पर आकर लोगों के लिए दुआएं मांगते हैं। जियारत की जमीन के बगल से हाइवे की सड़क है जो अब पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर हो चुकी है।  सेना ने बगल में डिफेंस लैंड का बोर्ड लगा रखा है। यहां सरकारी जमीन पर धीरे-धीरे मस्जिद बनाने की तैयारी चल रही है। 
विज्ञापन

 जियारत की देखादेखी थोड़ी दूर आगे चलकर सड़क के किनारे ही अंगन बाबा का दरबार बन चुका है। यहां बाउंड्रीवाल कराकर दो छोटे-छोटे मंदिर बना दिए गए हैं। मंदिर के सामने रहने वाले ब्रजेश सोनकर बताते हैं कि अंगनबाबा दरबार में हर सावन को पूजा अर्चना और भंडारा होने लगा है। होली को पूजा होती है। अंगनबाबा दरबार से सौ कदम की दूरी पर काली मां का मंदिर बन गया है। ये सड़क से सटकर बना है।  सरकारी हैंडपंप भी लग चुका है। पांच साल के अंदर सेना और पीडब्ल्यूडी की जमीन पर तीन नए धार्मिक स्थल बनने से सड़क संकरी होती जा रही है। मंदिर की देख रेख करने वाले मानते हैं कि अतिक्रमण है लेकिन वही पुराना जवाब कि उनका हट जाएगा तो ये भी हटा लेंगे। धार्मिक कंपटीशन की वजह से पंचपीर बाबा और मंदिरों का आकार बढ़ता जा रहा है। इससे भविष्य में सड़क का चौड़ीकरण होना भी मुश्किल होगा। पीडब्ल्यूडी से किसी को नोटिस तक नहीं भेजा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


‘पीडब्ल्यूडी की जमीन पर नए धार्मिक स्थल बन रहे हैं जो कि गलत है। इन स्थलों को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन को पत्र लिखेंगे। दोनों में समन्वय बनाकर ही धार्मिक स्थलों का अतिक्रमण हटाया जा सकता है।’ 
केके पाहुंजा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी 
  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed