{"_id":"6a1de36877b18c6a420637c0","slug":"hiding-information-about-shop-warehouse-and-tenant-in-the-house-bareilly-news-c-4-bly1053-896965-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: घर में दुकान, गोदाम व किराएदार की छुपा रहे जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: घर में दुकान, गोदाम व किराएदार की छुपा रहे जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। भवना गणना के दौरान लोग वास्तविक जानकारी छुपा रहे हैं। सबसे ज्यादा डर कर को लेकर बना हुआ है। इसी वजह से भवन स्वामी घर में दुकान, गोदाम व किरायेदार की सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। एसी व कार की जानकारी भी छुपा रहे हैं।
जनगणना के प्रथम चरण में 22 मई से भवन गणना शुरू की गई है। इसके लिए 10 हजार प्रगणकों व 1250 सुपरवाइजरों को लगाया गया है। प्रगणकों के मुताबिक, दरवाजे पर दस्तक देने के साथ भवन गणना से जुड़े 33 सवाल पूछ रहे हैं तो लोग सही जानकारी नहीं देना चाह रहे।
वह घर में दुकान, किरायेदार, गोदाम व अन्य व्यावसायिक उपयोग की जानकारी छुपा रहे हैं। दो मकान होने पर एक ही बता रहे हैं। कई तो चार पहिया वाहन होने के बाद यह स्वीकार ही नहीं कर रहे हैं कि उनके पास यह वाहन है।
विज्ञापन
कागजों पर संपन्न न दिखाई दें इसलिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी सही ब्यौरा नहीं दे रहे हैं। घर पर सिर्फ महिलाएं होने पर वह पुरुष सदस्यों से मशवरा करने के बाद ही जानकारी दे रही हैं। कई पड़ोसियों से पूछते हैं कि उन्होंने क्या-क्या लिखवाया है। इसी हिसाब से वह भी जानकारी दे रहे हैं।
निजी कर्मी दे रहे धोखा
भवन गणना के दौरान नगर निगम की तरफ से निजी कर्मियों को भी ड्यूटी में लगा दिया गया है। यह अचानक अपना काम बंद करके लापता हो जा रहे हैं। कॉल भी रिसीव नहीं करते। भवन गणना के उपकरण भी साथ ले जा रहे हैं।
वर्जन ...
प्रगणकों के घर पर पहुंचने पर सही जानकारी न देना गलत बात है। लोगों को प्रगणकों का सहयोग करना चाहिए। भवन गणना के उद्देश्य को जनता को सफल बनाने में सहयोग करना चाहिए। जो भ्रांतियां हैं, वह गलत हैं। सरकार बस भवनों का ब्यौरा दर्ज कर रही है। - संतोष सिंह, जिला जनगणना अधिकारी
विज्ञापन
जनगणना के प्रथम चरण में 22 मई से भवन गणना शुरू की गई है। इसके लिए 10 हजार प्रगणकों व 1250 सुपरवाइजरों को लगाया गया है। प्रगणकों के मुताबिक, दरवाजे पर दस्तक देने के साथ भवन गणना से जुड़े 33 सवाल पूछ रहे हैं तो लोग सही जानकारी नहीं देना चाह रहे।
विज्ञापन
वह घर में दुकान, किरायेदार, गोदाम व अन्य व्यावसायिक उपयोग की जानकारी छुपा रहे हैं। दो मकान होने पर एक ही बता रहे हैं। कई तो चार पहिया वाहन होने के बाद यह स्वीकार ही नहीं कर रहे हैं कि उनके पास यह वाहन है।
विज्ञापन
कागजों पर संपन्न न दिखाई दें इसलिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी सही ब्यौरा नहीं दे रहे हैं। घर पर सिर्फ महिलाएं होने पर वह पुरुष सदस्यों से मशवरा करने के बाद ही जानकारी दे रही हैं। कई पड़ोसियों से पूछते हैं कि उन्होंने क्या-क्या लिखवाया है। इसी हिसाब से वह भी जानकारी दे रहे हैं।
निजी कर्मी दे रहे धोखा
भवन गणना के दौरान नगर निगम की तरफ से निजी कर्मियों को भी ड्यूटी में लगा दिया गया है। यह अचानक अपना काम बंद करके लापता हो जा रहे हैं। कॉल भी रिसीव नहीं करते। भवन गणना के उपकरण भी साथ ले जा रहे हैं।
वर्जन ...
प्रगणकों के घर पर पहुंचने पर सही जानकारी न देना गलत बात है। लोगों को प्रगणकों का सहयोग करना चाहिए। भवन गणना के उद्देश्य को जनता को सफल बनाने में सहयोग करना चाहिए। जो भ्रांतियां हैं, वह गलत हैं। सरकार बस भवनों का ब्यौरा दर्ज कर रही है। - संतोष सिंह, जिला जनगणना अधिकारी