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हैरिटेज पोल! दो का माल दस में और जिंदगी से खिलवाड़ भी

Sat, 20 Jun 2020 01:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 01:58 AM IST
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Heritage Poll Goods for two in ten and messing with life
शहर में लगाए गए हैरीटेज पोल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

स्मार्ट सिटी बनाने की आड़ में नगर निगम का खेल
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गुणवत्ता, मानक और विद्युत सुरक्षा को भी पछाड़ा

बरेली। शहर को कभी हरा-भरा तो कभी सुंदर बनाने की योजनाएं बन रही हैं। इनमें खूब बंदरबांट हो रहा है। कई गुना कीमतों पर घटिया सामान खरीदकर लगाया जा रहा है। इन दिनों गांधी उद्यान से विकास भवन, मॉडल टाउन, स्टेडियम मार्ग पर नकली हैरिटेज यानी सजावटी बिजली खंभे लगाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि नगर निगम खुले बाजार से पांच गुना ज्यादा कीमत पर इस प्रोजेक्ट पर काम करा रहा है। लिहाजा कई सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं। इस बीच संयुक्त नगर आयुक्त ने मामले की जांच की बात कही है।
नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कई निर्माण और सजावटी कार्य शुरू कराए हैं। इसके तहत गांधी उद्यान से स्टेडियम मार्ग पर हैरिटेज खंभे लगाए जा रहे हैं। करीब दो करोड़ रुपये लागत से 160 खंभे लगाए जाने हैं। ऊपर से हैरिजेट और कास्ट आयरन जैसे दिखने वाले खंभे लोहे के हैं, जबकि उनके ऊपर कॉपर कलर किया गया है। कुछ ही दिनों में कलर छूटने पर ये असली शक्ल में दिखने लगेंगे। डिवाइडर तोड़कर लगाए जा रहे नकली हैरिटेज पोल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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कीमत में भारी अंतर

कथित हैरिटेज खंभा खुले बाजार में अधिकतम 18 हजार रुपये में मिल जाता है, लेकिन बताया जा रहा है कि नगर निगम प्रशासन ने इसकी खरीद करीब 70 हजार रुपये में की है। दो करोड़ रुपये में 160 पोल लगाना यानी एक खंभे पर करीब सवा लाख रुपये लागत आएगी। निगम अफसर सही स्थिति बताने से कतरा रहे हैं। पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि निगम अधिकारी सभी प्रोजेक्टों में गड़बड़ियां कर रहे हैं। हैरिटेज पोल मामले में जानकारी मांगी है।
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सुरक्षा मानक भी ताक पर

डिवाइडर क्षतिग्रस्त कर जुगाड़ से पोल लगाए गए हैं, जो मानकों के विपरीत है। पोल पर लाइटों को कनेक्शन देने के लिए सड़क के ऊपर ही केबल डाल दी है, जबकि कम से कम एक फुट नीचे केबल डाला जाना चाहिए। इस लापरवाही से हादसे होने की आशंका है। निगम ने विद्युतीकरण की अनुमति भी विद्युत सुरक्षा विभाग सेे नहीं ली है। बिजली विभाग से भी अनुमति लेना उचित नहीं समझा है।

रिटेज खंभे लगाने में भूमिगत सप्लाई केबल मानकों के अनुरूप नहीं बिछाने की जानकारी सामने आई है। इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद नगर निगम को नोटिस जारी होगा। - ओम प्रकाश, उप निदेशक विद्युत सुरक्षा

पांच साल पहले हमने 36 हजार रुपये में जंक्शन मार्ग पर हैरिटेज पोल पीपीपी मोड पर लगवाए थे। निगम का एक पैसा इसमें खर्च नहीं हुआ था। चौपुला मार्ग पर सिर्फ 13 हजार में खंभा लगा है। गांधी उद्यान-श्यामगंज मार्ग पर लगने वाले आयरन खंभे 70 हजार रुपये में लगाए जा रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। - डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर

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