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Bareilly News: दिल्ली में मायका... बरेली में ससुराल, बुलंदशहर में मैप हो गया नरगिस का नाम

Sun, 01 Feb 2026 02:06 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 01 Feb 2026 02:06 AM IST
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Her maternal home is in Delhi, her in-laws' home is in Bareilly, and Nargis's name is mapped in Bulandshahr
बरेली। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में त्रुटियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रबड़ी टोला की नरगिस का मायका दिल्ली में है। उनके नाम को बुलंदशहर की बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने मैप कर लिया है। अब उनका फॉर्म आयोग की वेबसाइट पर सबमिट नहीं हो पा रहा है। मतदाताओं को अपना नाम दूसरे जिले में स्थानांतरित कराने में भी तमाम दिक्कतें आ रही हैं। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की वजह से नो मैपिंग में नोटिस पाने वाले बुजुर्गों का मताधिकार भी दांव पर है।
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श्यामगंज के मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के बूथों पर शनिवार को मतदाताओं की भीड़ लगी थी। यहां बूथ-217 पर मौजूद नरगिस ने बताया कि उनका मायका दिल्ली में है। यहां रबड़ी टोला में उनकी ससुराल है। उनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है। नोटिस मिला है। बीएलओ ने उन्हें बताया है कि आपका नाम बुलंदशहर जिले में मैप हो चुका है। बीएलओ सविता ने बताया कि नरगिस के नाम की मैपिंग बुलंदशहर की बीएलओ कमला देवी ने कर ली है। इसलिए अब दोबारा इनका आवेदन सबमिट नहीं हो रहा है।
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बूथ-220 पर मौजूद फुरकान अहमद ने बताया कि वह रामपुर जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं। पत्नी शीना जाहिद का मायका रबड़ी टोला में है। यहीं मायके में ही उनका वोट है, जबकि शादी हुए कई वर्ष बीत गए हैं। शीना का वोट रामपुर में शिफ्ट नहीं हो पा रहा है। बीएलओ अलीना का कहना है कि वह विधानसभा क्षेत्र से बाहर मतदाता का नाम स्थानांतरित नहीं कर सकती हैं। शहाना ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनके घर के किसी सदस्य का नाम नहीं है। उनके पास दस्तावेज भी नहीं हैं। इसलिए इस बार भी वह मतदाता नहीं बन पा रही हैं।
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बूथ 226 की बीएलओ रजनेश कुमारी ने बताया कि बुजुर्गों के पास आधार कार्ड हैं, पर अन्य पहचान पत्र न होने से उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने में समस्या आ रही है। बूथ पर मौजूद शगुफ्ता ने बताया कि मतदाता सूची में उनका नाम-पता गलत अंकित हो गया है। वेबसाइट पर संशोधन नहीं हो पा रहा है। बूथ-215 के संतोष कुमार ने बताया कि वर्ष 2003 और वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के नाम में काफी अंतर है। ऐसे में वोटर नई मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए शपथपत्र या अन्य संबंधित प्रमाण दें।
बूथ-335 के बीएलओ लापता, राजीव को बना दिया राजू
दोपहर एक बजे कालीबाड़ी के विष्णु बाल सदन जूनियर हाईस्कूल के तीन बूथों में से दो पर ही बीएलओ मिले। बूथ-335 के बीएलओ अरविंद पांडेय मौजूद नहीं थे। दूसरे बीएलओ ने बताया कि अरविंद दवाई लेने गए हैं। 1:30 बजे जिला पंचायत कार्यालय के समीम श्रीराम भरोसे गर्ल्स इंटर कॉलेज के तीनों बूथ के बीएलओ अलाव तापते मिले। बुजुर्ग राजेश्वर प्रसाद सक्सेना भी परिवार वालों के दस्तावेज लेकर पहुंचे थे। बताया कि बेटा राजीव कुमार सक्सेना का नाम ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में राजू लिखकर आया है, जबकि बहू अर्चना व दूसरे बेटे संजीव कुमार सक्सेना के नाम में भी त्रुटि है।
अपराह्न 3:44 बजे नगर क्षेत्र प्रथम के प्राथमिक विद्यालय बालजती में मिलीं रेशमा ने बताया कि उनकी आयु 62 साल है, जबकि मतदाता सूची में 50 वर्ष अंकित है। पता भी गलत लिखा है। इसे ठीक कराने के लिए पहले भी कागज जमा किए थे और अब फिर फाॅर्म भरकर बीएलओ को दिया है, लेकिन त्रुटि दूर होने की उम्मीद कम ही है।
मतदाता सूची के ड्राॅफ्ट में भी 3.50 लाख मतदाताओं के नाम गलत हैं। अब इन लोगों को अगले दो-तीन दिनों में नोटिस जारी किए जाएंगे। निस्तारण के लिए जिला प्रशासन सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) की संख्या में बढ़ोतरी करने जा रहा है।
चार नवंबर से 26 दिसंबर तक चले एसआईआर अभियान के बाद प्रकाशित अनंतिम ड्रॉफ्ट में 14.82 लाख पुरुष और 12.08 लाख महिला मतदाता हैं, जबकि 53 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। पुनरीक्षण से पहले जिले में 34 लाख वोटर थे। इनमें से 7.16 लाख मतदाता एएसडी (मृतक, शिफ्टेड, अनुपस्थित) मिले हैं, जबकि 2.20 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो पा रही है। इन मतदाताओं को नोटिस जारी हो चुके हैं। नौ निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ)/एसडीएम सहित 133 एईआरओ इसकी सुनवाई कर रहे हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित ड्रॉफ्ट में 3.50 लाख ऐसे मतदाता चिह्नित हुए हैं, जिनके नाम में अशुद्धियां हैं। इनके निस्तारण के लिए 32 अन्य अधिकारियों को भी एईआरओ की जिम्मेदारी देने के लिए प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जा रहा है। अगले दो-तीन दिन में इनकी नियुक्ति होते ही संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
27 अक्तूबर के बाद से अब तक 1.70 लाख से अधिक लोगों ने मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरा है। विशेष अभियान के दौरान शनिवार को भी करीब 40 हजार लोगों ने आवेदन दिए हैं। 40 हजार लोगों ने संशोधन या फिर दूसरे बूथ पर वोट शिफ्ट करने के लिए फाॅर्म भरा है। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए भी 1,870 लोगों ने आवेदन किया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 27 अक्तूबर से 30 जनवरी तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 1.30 लाख लोगों ने फॉर्म भरा है। इसमें बरेली शहर विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक 26,221 और कैंट इलाके से 20,389 लोगों ने आवेदन किया है। मतदाता सूची में नाम बढ़वाने के लिए सबसे कम 6,574 आवेदन आंवला विधानसभा क्षेत्र से आए हैं।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने शनिवार को बरेली काॅलेज और साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज में बीएलओ के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बूथ पर मौजूद लोगों को बताया कि ड्रॉफ्ट मतदाता सूची पर छह फरवरी तक ही आपत्तियां ली जाएंगी। इनका निस्तारण 27 फरवरी तक होगा। छह मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
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