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Bareilly News: जिला और केंद्रीय जेल में शुरू हुई बंदियों की हेपेटाइटिस, टीबी जांच
Mon, 11 Dec 2023 01:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 11 Dec 2023 01:43 AM IST
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बरेली। जेल में निरुद्ध बंदियों की हेपेटाइटिस, टीबी, एचआईवी व अन्य बीमारियों की जांच की कवायद स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की है। रविवार को जिला और केंद्रीय जेल (कारागार) में शिविर लगाकर बंदी समेत सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को रोगों के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्य अतिथि एडीएस सिटी सौरभ दुबे ने शिविर का शुभारंभ किया। एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम अब्बास ने बीमारियों की जांच और उसके इलाज के बारे में जानकारी दी। जिला कारागार के जेलर विपिन कुमार मिश्रा, जिला क्षय/एड्स नियंत्रण अधिकारी डाॅ.केसी जोशी समेत जिला कारागार के मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, क्षय रोग केंद्र से डीपीटीसी आलोक कुमार, संजय सिंह ने भी विचार साझा किए।
अप्रैल से अब तक 11 सौ मरीज मिले
जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिमाह करीब डेढ़ सौ मरीज हेपेटाइटिस सी, बी की चपेट में मिल रहे हैं। अक्तूबर में हेपेटाइटिस बी के लिए 1715 जांच हुई इसमें 46 मरीज और सी संबंधी 1744 जांच में 123 लोग चपेट में मिले। क्रमश: अक्तूबर में बी के 50 और सी के 123 मरीज मिले थे। करीब साल भर पहले जिला और केंद्रीय कारागार में भी जांच के दौरान दस बंदी चपेट में मिले थे।
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कैसे फैलता है हेपेटाइटिस सी, बी
हेपेटाइटिस-बी और सी पीड़ित व्यक्ति के दूषित रक्त के जरिये फैलता है। नशीली दवा के लिए इंजेक्शन, अनस्टरलाइज्ड सुई से टैटू बनवाने, कान छिदवाने से, असुरक्षित यौन संबंध से, शेविंग रेजर, नेल कटर को एक-दूसरे से साझा करने से वायरस चपेट में ले सकता है। इससे पीड़ित मां का बच्चा भी वायरस की गिरफ्त में आ सकता है। बचाव के लिए हर बार नई सिरिंज का इस्तेमाल करें।
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मुख्य अतिथि एडीएस सिटी सौरभ दुबे ने शिविर का शुभारंभ किया। एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम अब्बास ने बीमारियों की जांच और उसके इलाज के बारे में जानकारी दी। जिला कारागार के जेलर विपिन कुमार मिश्रा, जिला क्षय/एड्स नियंत्रण अधिकारी डाॅ.केसी जोशी समेत जिला कारागार के मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, क्षय रोग केंद्र से डीपीटीसी आलोक कुमार, संजय सिंह ने भी विचार साझा किए।
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अप्रैल से अब तक 11 सौ मरीज मिले
जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिमाह करीब डेढ़ सौ मरीज हेपेटाइटिस सी, बी की चपेट में मिल रहे हैं। अक्तूबर में हेपेटाइटिस बी के लिए 1715 जांच हुई इसमें 46 मरीज और सी संबंधी 1744 जांच में 123 लोग चपेट में मिले। क्रमश: अक्तूबर में बी के 50 और सी के 123 मरीज मिले थे। करीब साल भर पहले जिला और केंद्रीय कारागार में भी जांच के दौरान दस बंदी चपेट में मिले थे।
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कैसे फैलता है हेपेटाइटिस सी, बी
हेपेटाइटिस-बी और सी पीड़ित व्यक्ति के दूषित रक्त के जरिये फैलता है। नशीली दवा के लिए इंजेक्शन, अनस्टरलाइज्ड सुई से टैटू बनवाने, कान छिदवाने से, असुरक्षित यौन संबंध से, शेविंग रेजर, नेल कटर को एक-दूसरे से साझा करने से वायरस चपेट में ले सकता है। इससे पीड़ित मां का बच्चा भी वायरस की गिरफ्त में आ सकता है। बचाव के लिए हर बार नई सिरिंज का इस्तेमाल करें।