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दिवाली पर मुश्किल भरा सफर: ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं, बस अड्डों पर भी बढ़ी भीड़; त्योहार पर दिखा ये हाल
Sun, 19 Oct 2025 08:37 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 19 Oct 2025 08:37 PM IST
सार
दिवाली पर घर जाने वालों को मुश्किल भरा सफर करना पड़ा। बरेली जंक्शन पर ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी रही तो रोडवेज की बसों में भी भारी भीड़ रही। वहीं ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण भी यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
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श्रमजीवी एक्सप्रेस में दिखी भारी भीड़
- फोटो : संवाद
विस्तार
त्योहार मनाने के लिए घर लौट रहे कामगारों की भीड़ के चलते रविवार को ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी का आलम दिखा। बरेली जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ रही। शहर के दोनों बस अड्डों पर भी भीड़ के चलते अव्यवस्थाएं रहीं। बस अड्डों पर जहां यात्रियों को गंतव्य की बस के लिए परेशान होना पड़ा, वहीं ट्रेनों की लेटलतीफी ने घर वापसी के इंतजार को लंबा कर दिया।
रेलवे की ओर से कई त्योहार विशेष ट्रेनें चलाने के बावजूद भीड़ के चलते सीटें कम पड़ गई हैं। रविवार को बरेली जंक्शन होकर गुजरने वाली अमृतसर एक्सप्रेस, जम्मूतवी, जनता एक्सप्रेस, सियालदाह एक्सप्रेस व पदमावत एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली।
आरक्षित बोगियों का हाल जनरल जैसा था। इस वजह से बरेली जंक्शन से सवार होने वाले यात्रियों को परेशानी आई। ट्रेनों में सीट न मिलने पर यात्री जब सेटेलाइट व पुराना बस अड्डा पहुंचे तो गंतव्य की बस देरी से मिली।
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रेलवे की ओर से कई त्योहार विशेष ट्रेनें चलाने के बावजूद भीड़ के चलते सीटें कम पड़ गई हैं। रविवार को बरेली जंक्शन होकर गुजरने वाली अमृतसर एक्सप्रेस, जम्मूतवी, जनता एक्सप्रेस, सियालदाह एक्सप्रेस व पदमावत एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली।
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आरक्षित बोगियों का हाल जनरल जैसा था। इस वजह से बरेली जंक्शन से सवार होने वाले यात्रियों को परेशानी आई। ट्रेनों में सीट न मिलने पर यात्री जब सेटेलाइट व पुराना बस अड्डा पहुंचे तो गंतव्य की बस देरी से मिली।
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295 विशेष ट्रेनों में 10 लाख से अधिक लोगों ने की यात्रा
मुरादाबाद मंडल की ओर से जारी हुए आंकड़ों के तहत 295 विशेष ट्रेनों का त्योहार पर संचालन किया जा रहा है। इसमें 10 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की है। दिल्ली और बरेली के बीच ही विशेष ट्रेनों से ढाई लाख यात्रियों ने यात्रा की है। रोडवेज के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली से दो दिन में डेढ़ लाख, लखनऊ से बरेली की ओर 80 हजार व अन्य इलाकों से आने वाली बसों में कुल पांच लाख से अधिक यात्रियों के आने का अनुमान है।
ढाई से साढ़े तीन घंटे तक की देरी से आईं ट्रेनें
त्योहार पर ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी रही। रविवार को पूर्णिया कोट जाने वाली 05580 विशेष ट्रेन साढ़े तीन घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। इसी तरह आनंद विहार से जाने वाली 04015 स्पेशल दो घंटा 50 मिनट, छपरा वाया सीतापुर 04608 स्पेशल दो घंटा 25 मिनट की देरी से आई। 14618 जनसेवा एक्सप्रेस ने एक घंटा 53 मिनट और डिब्रूगढ़ के लिए जाने वाली 15910 अवध असम एक्सप्रेस ने एक घंटा 15 मिनट का इंतजार कराया।
मुरादाबाद मंडल की ओर से जारी हुए आंकड़ों के तहत 295 विशेष ट्रेनों का त्योहार पर संचालन किया जा रहा है। इसमें 10 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की है। दिल्ली और बरेली के बीच ही विशेष ट्रेनों से ढाई लाख यात्रियों ने यात्रा की है। रोडवेज के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली से दो दिन में डेढ़ लाख, लखनऊ से बरेली की ओर 80 हजार व अन्य इलाकों से आने वाली बसों में कुल पांच लाख से अधिक यात्रियों के आने का अनुमान है।
ढाई से साढ़े तीन घंटे तक की देरी से आईं ट्रेनें
त्योहार पर ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी रही। रविवार को पूर्णिया कोट जाने वाली 05580 विशेष ट्रेन साढ़े तीन घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। इसी तरह आनंद विहार से जाने वाली 04015 स्पेशल दो घंटा 50 मिनट, छपरा वाया सीतापुर 04608 स्पेशल दो घंटा 25 मिनट की देरी से आई। 14618 जनसेवा एक्सप्रेस ने एक घंटा 53 मिनट और डिब्रूगढ़ के लिए जाने वाली 15910 अवध असम एक्सप्रेस ने एक घंटा 15 मिनट का इंतजार कराया।
वसूल रहे मनमाना किराया
यात्रियों की परेशानी का फायदा उठाते हुए डग्गामार वाहनों के चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। यही नहीं निजी एप पर भी टैक्सी बुक करने पर प्रत्येक सवारी के दिल्ली के लिए 1500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सामान्य दिनों में यह 500 से 550 के बीच रहता है। लखनऊ जाने वालों से भी 800 रुपये तक लिए जा रहे हैं। ट्रेनों और बसों में सीट न मिलने की वजह से इतना किराया देना यात्रियों की मजबूरी है।
यात्रियों की परेशानी का फायदा उठाते हुए डग्गामार वाहनों के चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। यही नहीं निजी एप पर भी टैक्सी बुक करने पर प्रत्येक सवारी के दिल्ली के लिए 1500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सामान्य दिनों में यह 500 से 550 के बीच रहता है। लखनऊ जाने वालों से भी 800 रुपये तक लिए जा रहे हैं। ट्रेनों और बसों में सीट न मिलने की वजह से इतना किराया देना यात्रियों की मजबूरी है।