UP: एक लाख के इनामी सद्दाम की अग्रिम जमानत पर अब 17 मई को सुनवाई, अशरफ का मददगार कई महीने से है फरार
सद्दाम उर्फ समद थाना बारादरी क्षेत्र के खुशबू एंक्लेव में रहकर बरेली जेल में बंद रहे अशरफ को सहूलियतें मुहैया कराता था। उसके खिलाफ थाना बिथरी चैनपुर में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद से वह फरार है।
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बरेली जिला जेल में बंद रहे अशरफ को सहूलियत देने के मामले में आरोपी उसके साले सद्दाम ने जिला जज के यहां अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। केस डायरी कोर्ट में न आने की वजह से सुनवाई टल गई, अब 17 मई की तारीख तय की गई है। एडीजी बरेली जोन ने सद्दाम पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
उमेशपाल हत्याकांड के बाद बिथरी चैनपुर थाने में सद्दाम, लल्ला गद्दी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अशरफ को मदद करने का मुख्य आरोपी उसका साला सद्दाम उर्फ समद फरार चल रहा है। अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड के बाद एडीजी ने सद्दाम पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
सद्दाम की गिरफ्तारी को टीमें लगीं तो दबाव में उसने वकील के जरिये जिला जज के यहां अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर दी। केस डायरी नहीं पहुंचने पर छह मई को जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख तय की है। वहीं एसआईटी सद्दाम को पकड़ने में लगी है।
जेल आरक्षियों की जमानत अर्जी खारिज
अशरफ की मदद करने के आरोप में जेल भेजे गए आरक्षी शिवहरि अवस्थी की जमानत याचिका पर शनिवार को सुनवाई हुई। दो दिन पहले मनोज गौड़ और दयाराम उर्फ नन्हे की जमानत याचिका विशेष अदालत ने खारिज कर दी थी। प्रयागराज में हुए उमेशपाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने अशरफ की मदद करने के आरोप में लल्ला गद्दी, नन्हे उर्फ दयाराम, फरहद, आरक्षी शिवहरि अवस्थी, आरक्षी मनोज गौड़ आदि को जेल भेजा था।