{"_id":"69389806bf5ff90e440fbf34","slug":"health-department-spoiled-the-health-of-zero-poverty-campaign-bareilly-news-c-4-vns1074-782970-2025-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: स्वास्थ्य विभाग ने खराब की जीरो पावर्टी अभियान की सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: स्वास्थ्य विभाग ने खराब की जीरो पावर्टी अभियान की सेहत
विज्ञापन
पहले फेज के पात्र 25,337 परिवार सभी आठ योजनाओं से वंचित, 14 हजार परिवारों की पात्रता ही नहीं तय कर सका महकमा
बरेली। स्वास्थ्य विभाग के खराब प्रदर्शन के चलते जीरो पावर्टी अभियान की सेहत बिगड़ रही है। श्रम विभाग का भी प्रदर्शन बेहतर नहीं है। यह हाल तब है जब दूसरा फेज शुरू हो गया है। स्किल डेवलपमेंट में भी जीरो पावर्टी अभियान काफी पीछे है।
गरीबी खत्म करने के लिए राज्य सरकार की ओर से दो अक्तूबर 2024 से जीरो पावर्टी अभियान शुरू हुआ किया गया था। जिले में इसके नोडल अधिकारी डीपीआरओ कमल किशोर हैं। जीरो पावर्टी में चिह्नित परिवारों की गरीबी खत्म करने का जिम्मा आठ विभागों पर है।
इन विभागों ने ग्राम पंचायतों में सर्वे कर 75,172 परिवारों को चिह्नित किया। सर्वे के बाद संबंधित परिवारों की पात्रता का सत्यापन हुआ। इसमें 37,829 परिवारों को जीरो पावर्टी की श्रेणी में पात्र रखा गया।
विज्ञापन
इनमें से 16,468 परिवारों को आयुष्मान कार्ड देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नित किया। कार्ड देना तो दूर अब तक विभाग इनमें से 14,056 परिवारों की पात्रता ही नहीं तय कर पाए हैं।
ऐसे ही श्रम विभाग की तरफ से 109, खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से 45 और ग्राम्य विकास की तरफ से 21 परिवारों की पात्रता तय होना बाकी है। चिह्नित पात्र परिवारों में अभियान प्रारंभ होने से अब तक केवल 12,492 को ही सभी आठ योजनाओं से लाभान्वित किया जा सका है।
अभियान का दूसरा फेज शुरू
जीरो पावर्टी अभियान के पहले फेज में अधिकारी भले ही सफल नहीं हो सके हैं, पर दूसरे फेज की शुरूआत हो गई है। इस फेज के लिए ग्राम पंचायतों में सर्वे कर 98,458 परिवार चिह्नित किए गए हैं। इनमें से पंचायतीराज विभाग ने 1,288 परिवारों को शौचालय देने के लिए उनकी पात्रता तय कर ली है, जबकि अन्य सात विभाग के अधिकारी अभी तक एक भी व्यक्ति की पात्रता तय नहीं कर सके हैं। दूसरे फेज में 14 से 35 वर्ष के युवाओं को प्रशिक्षित कर स्वरोजगार देने का लक्ष्य है। इसके लिए 49,905 युवाओं को चिह्नित किया है, लेकिन पात्रता केवल 716 युवाओं की ही तय हो पाई है।
क्या है जीरो पावर्टी
आमजन में गरीबी को खत्म करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। ग्राम पंचायतों में गरीब परिवारों को चिह्नित कर उन्हें आवास, आयुष्मान कार्ड, कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार और वृद्धावस्था, दिव्यांग व विधवा पेंशन जैसी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। संवाद
--
अभियान की समीक्षा की है। फेज एक में जो भी पात्र लाभ पाने से वंचित हैं, उनसे आवेदन कराकर लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। फेज-दो में जिन परिवारों के सर्वे का आंकड़ा मिला है, उनका सत्यापन कराकर योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। हाल के दो-तीन दिनों में स्वास्थ्य विभाग की प्रगति सुधरी है। - देवयानी, सीडीओ
विज्ञापन
बरेली। स्वास्थ्य विभाग के खराब प्रदर्शन के चलते जीरो पावर्टी अभियान की सेहत बिगड़ रही है। श्रम विभाग का भी प्रदर्शन बेहतर नहीं है। यह हाल तब है जब दूसरा फेज शुरू हो गया है। स्किल डेवलपमेंट में भी जीरो पावर्टी अभियान काफी पीछे है।
गरीबी खत्म करने के लिए राज्य सरकार की ओर से दो अक्तूबर 2024 से जीरो पावर्टी अभियान शुरू हुआ किया गया था। जिले में इसके नोडल अधिकारी डीपीआरओ कमल किशोर हैं। जीरो पावर्टी में चिह्नित परिवारों की गरीबी खत्म करने का जिम्मा आठ विभागों पर है।
विज्ञापन
इन विभागों ने ग्राम पंचायतों में सर्वे कर 75,172 परिवारों को चिह्नित किया। सर्वे के बाद संबंधित परिवारों की पात्रता का सत्यापन हुआ। इसमें 37,829 परिवारों को जीरो पावर्टी की श्रेणी में पात्र रखा गया।
विज्ञापन
इनमें से 16,468 परिवारों को आयुष्मान कार्ड देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नित किया। कार्ड देना तो दूर अब तक विभाग इनमें से 14,056 परिवारों की पात्रता ही नहीं तय कर पाए हैं।
ऐसे ही श्रम विभाग की तरफ से 109, खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से 45 और ग्राम्य विकास की तरफ से 21 परिवारों की पात्रता तय होना बाकी है। चिह्नित पात्र परिवारों में अभियान प्रारंभ होने से अब तक केवल 12,492 को ही सभी आठ योजनाओं से लाभान्वित किया जा सका है।
अभियान का दूसरा फेज शुरू
जीरो पावर्टी अभियान के पहले फेज में अधिकारी भले ही सफल नहीं हो सके हैं, पर दूसरे फेज की शुरूआत हो गई है। इस फेज के लिए ग्राम पंचायतों में सर्वे कर 98,458 परिवार चिह्नित किए गए हैं। इनमें से पंचायतीराज विभाग ने 1,288 परिवारों को शौचालय देने के लिए उनकी पात्रता तय कर ली है, जबकि अन्य सात विभाग के अधिकारी अभी तक एक भी व्यक्ति की पात्रता तय नहीं कर सके हैं। दूसरे फेज में 14 से 35 वर्ष के युवाओं को प्रशिक्षित कर स्वरोजगार देने का लक्ष्य है। इसके लिए 49,905 युवाओं को चिह्नित किया है, लेकिन पात्रता केवल 716 युवाओं की ही तय हो पाई है।
क्या है जीरो पावर्टी
आमजन में गरीबी को खत्म करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। ग्राम पंचायतों में गरीब परिवारों को चिह्नित कर उन्हें आवास, आयुष्मान कार्ड, कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार और वृद्धावस्था, दिव्यांग व विधवा पेंशन जैसी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। संवाद
अभियान की समीक्षा की है। फेज एक में जो भी पात्र लाभ पाने से वंचित हैं, उनसे आवेदन कराकर लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। फेज-दो में जिन परिवारों के सर्वे का आंकड़ा मिला है, उनका सत्यापन कराकर योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। हाल के दो-तीन दिनों में स्वास्थ्य विभाग की प्रगति सुधरी है। - देवयानी, सीडीओ