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स्वास्थ्य विभाग ने नहीं निभाया वादा गुस्साईं आशा वर्कर्स ने किया प्रदर्शन
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जिला अस्पताल में हंगामा करतीं आशा वर्कर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सीएमओ से की पूरा मानदेय और सुविधाएं मुहैया कराने की मांग
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बरेली। सुभाषनगर में कोरोना संक्रमित परिवार मिलने के बाद तीन किलोमीटर तक कंटेनमेंट जोन में कोरोना संक्रमितों की तलाश कर रहीं आशा वर्कर्स की उम्मीद स्वास्थ्य विभाग ने तोड़ दी है। आरोप है कि सर्वे के लिए दो हजार रुपये मानदेय और आवाजाही के लिए वाहन मुहैया कराने का वादा किया गया था, लेकिन अब महज एक हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। इस वादाखिलाफी से गुस्साईं आशा वर्कर्स ने शनिवार को करीब चार घंटे सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बाद में सीएमओ को ज्ञापन सौंपा।
शनिवार पूर्वान्ह 11 बजे सीमा, मुमताज, नीलम, ज्योति, आयशा बानो, लीलावती, नीतू अग्रवाल, सीता समेत 40 से ज्यादा आशा वर्कर्स सीएमओ कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे के दौरान दो हजार रुपये मानदेय और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का वादा किया गया था। प्रत्येक आशा वर्कर प्रतिदिन सौ घरों का सर्वे कर रही है। इस दौरान आने जाने में रोजाना सौ रुपये खर्च हो रहे हैं। दिन भर फील्ड में रहने के दौरान उन्हें सैनिटाइजर भी नहीं दिया जा रहा है, जबकि संक्रमित मिलने के बाद से क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है। ऐसे में सर्वे के दौरान अगर कोई संक्रमित मिला तो आशा वर्कर्स भी संक्रमित हो सकती हैं। तब उनका परिवार संकट में पड़ सकता है। इसके बावजूद वे सर्वे कर रही हैं, लेकिन अफसर उनकी मांगें पूरी नहीं कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने आशा वर्कर्स के ज्ञापन पर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
शनिवार पूर्वान्ह 11 बजे सीमा, मुमताज, नीलम, ज्योति, आयशा बानो, लीलावती, नीतू अग्रवाल, सीता समेत 40 से ज्यादा आशा वर्कर्स सीएमओ कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे के दौरान दो हजार रुपये मानदेय और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का वादा किया गया था। प्रत्येक आशा वर्कर प्रतिदिन सौ घरों का सर्वे कर रही है। इस दौरान आने जाने में रोजाना सौ रुपये खर्च हो रहे हैं। दिन भर फील्ड में रहने के दौरान उन्हें सैनिटाइजर भी नहीं दिया जा रहा है, जबकि संक्रमित मिलने के बाद से क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है। ऐसे में सर्वे के दौरान अगर कोई संक्रमित मिला तो आशा वर्कर्स भी संक्रमित हो सकती हैं। तब उनका परिवार संकट में पड़ सकता है। इसके बावजूद वे सर्वे कर रही हैं, लेकिन अफसर उनकी मांगें पूरी नहीं कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने आशा वर्कर्स के ज्ञापन पर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
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