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घर बैठकर नहीं होगा काम, अब टैबलेट से रिपोर्ट भेजेंगी एएनएम
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बरेली। घर बैठकर रिपोर्ट तैयार करनी वाली एएनएम को अब क्षेत्र में भागदौड़ कर मौके से ही ऑनलाइन रिपोर्ट भेजनी होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी एएनएम को टैबलेट दे दिए हैं। अगले सप्ताह से तीन मास्टर ट्रेनर इन्हें ऑनलाइन काम करने के तौर तरीके सिखाएंगे।
अफसरों के मुताबिक अब एएनएम को हर गांव की रिपोर्ट देने के लिए मौके पर जाना होगा। ऑनलाइन दी जाने वाली इस रिपोर्ट में मौके के फोटो और लोकेशन भी अपलोड करनी होगी, जिसके चलते यह रिपोर्ट घर या कार्यालय में बैठकर नहीं तैयार हो सकेगी। इसके लिए जिले की सभी 292 एएनएम को टैबलेट उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब तक रजिस्टर और फाइल के जरिये विभाग को दी जाने वाली रिपोर्ट अब इस टैबलेट के माध्यम से साफ्टवेयर पर अपलोड करनी होंगी। इससे रिपोर्ट में होने वाली लेटलतीफी पर भी लगाम कसेगी। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि एएनएम अपनी रिपोर्ट में गांव में बीमार लोगों की संख्या, रोग, बच्चों की संख्या और उनकी श्रेणी बतानी होगी। साथ ही गांव में गर्भवती, प्रसूता, उनके टीकारण की स्थिति बतानी होगी। गांव में संक्रामक रोगों की स्थिति की रिपोर्ट हर पांचवें दिन भेजनी होगी। यह सभी जानकारी एक एप के माध्यम से अपलोड की जाएगी, जिसके जरिये सीएमओ, एसीएमओे और चिकित्सा प्रभारी भी गांव की स्थिति पर नजर रख सकेंगे।
एएनएम की बनेगी आईडी
जिले में स्वास्थ्य विभाग के 292 एएनएम सब सेंटर हैं। यहां चिकित्सा व्यवस्था की जिम्मेदारी एएनएम के हाथों में है। टैबलेट देने के बाद अब सभी एएनएम की स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर एप के माध्यम से लॉग इन आईडी बनाई जाएगी। इस आईडी के माध्यम से ही एएनएम अपनी रिपोर्ट भेजेंगी।
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अफसरों के मुताबिक अब एएनएम को हर गांव की रिपोर्ट देने के लिए मौके पर जाना होगा। ऑनलाइन दी जाने वाली इस रिपोर्ट में मौके के फोटो और लोकेशन भी अपलोड करनी होगी, जिसके चलते यह रिपोर्ट घर या कार्यालय में बैठकर नहीं तैयार हो सकेगी। इसके लिए जिले की सभी 292 एएनएम को टैबलेट उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब तक रजिस्टर और फाइल के जरिये विभाग को दी जाने वाली रिपोर्ट अब इस टैबलेट के माध्यम से साफ्टवेयर पर अपलोड करनी होंगी। इससे रिपोर्ट में होने वाली लेटलतीफी पर भी लगाम कसेगी। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि एएनएम अपनी रिपोर्ट में गांव में बीमार लोगों की संख्या, रोग, बच्चों की संख्या और उनकी श्रेणी बतानी होगी। साथ ही गांव में गर्भवती, प्रसूता, उनके टीकारण की स्थिति बतानी होगी। गांव में संक्रामक रोगों की स्थिति की रिपोर्ट हर पांचवें दिन भेजनी होगी। यह सभी जानकारी एक एप के माध्यम से अपलोड की जाएगी, जिसके जरिये सीएमओ, एसीएमओे और चिकित्सा प्रभारी भी गांव की स्थिति पर नजर रख सकेंगे।
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एएनएम की बनेगी आईडी
जिले में स्वास्थ्य विभाग के 292 एएनएम सब सेंटर हैं। यहां चिकित्सा व्यवस्था की जिम्मेदारी एएनएम के हाथों में है। टैबलेट देने के बाद अब सभी एएनएम की स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर एप के माध्यम से लॉग इन आईडी बनाई जाएगी। इस आईडी के माध्यम से ही एएनएम अपनी रिपोर्ट भेजेंगी।
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