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ठंड बढ़ी तो कमजोर पड़ा डेंगू और बुखार
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बरेली। दो तीन दिन से ठंड बढ़ी तो डेंगू और बुखार का कहर भी कम होने लगा। पिछले सप्ताह के मुकाबले पिछले दो तीन दिन में डेंगू और बुखार के मरीजों की संख्या में काफी कमी आई। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी राहत की सांस ले रहे हैं। हालांकि दूसरी तरफ सर्दी, जुकाम के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को डेंगू का एक मरीज भर्ती किया गया जबकि दो संदिग्ध मरीज सामने आए। उनके सैंपल लिए गए हैं।
पिछले सप्ताह तक डेंगू और वायरल फीवर कहर बरपा रहा था। रहपुरा चौधरी, सुभाषनगर, तिलियापुर समेत शहर से सटे इलाकों में स्थिति बेहद खराब थी। तकरीबन हर घर में बुखार के मरीज थे। स्वास्थ्य विभाग ने यहां टीमें भेजकर घरों में लार्वा चेक कराया। पिछले सप्ताह तक जिला अस्पताल में लगभग रोजाना चार पांच केस डेंगू के सामने आ रहे थे। आलम यह बन गया था कि डेंगू वार्ड में बेड तक कम पड़ गए थे। वहीं ओपीडी में आने वाले करीब ढाई हजार मरीजों में 40-50 फीसदी वायरल फीवर के शिकार थे। अब इसमें काफी सुधार हुआ है। सोमवार को एक डेंगू का मरीज सामने आया जिसे भर्ती कराया गया। जबकि दो संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। वहीं बुखार पीड़ितों की संख्या 10-15 फीसदी से कम रही। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के अनुसार डेंगू और बुखार बिल्कुल खत्म तो नहीं हुआ, लेकिन इसमें काफी हद तक सुधार जरूर हुआ है। उन्होंने बताया कि सर्दी जुकाम के मरीज बढ़े हैं। ठंड में इस तरह की समस्याएं बढ़ेंगी। एहतियात बरत कर ही इससे बचा जा सकता है।
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पिछले सप्ताह तक डेंगू और वायरल फीवर कहर बरपा रहा था। रहपुरा चौधरी, सुभाषनगर, तिलियापुर समेत शहर से सटे इलाकों में स्थिति बेहद खराब थी। तकरीबन हर घर में बुखार के मरीज थे। स्वास्थ्य विभाग ने यहां टीमें भेजकर घरों में लार्वा चेक कराया। पिछले सप्ताह तक जिला अस्पताल में लगभग रोजाना चार पांच केस डेंगू के सामने आ रहे थे। आलम यह बन गया था कि डेंगू वार्ड में बेड तक कम पड़ गए थे। वहीं ओपीडी में आने वाले करीब ढाई हजार मरीजों में 40-50 फीसदी वायरल फीवर के शिकार थे। अब इसमें काफी सुधार हुआ है। सोमवार को एक डेंगू का मरीज सामने आया जिसे भर्ती कराया गया। जबकि दो संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। वहीं बुखार पीड़ितों की संख्या 10-15 फीसदी से कम रही। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के अनुसार डेंगू और बुखार बिल्कुल खत्म तो नहीं हुआ, लेकिन इसमें काफी हद तक सुधार जरूर हुआ है। उन्होंने बताया कि सर्दी जुकाम के मरीज बढ़े हैं। ठंड में इस तरह की समस्याएं बढ़ेंगी। एहतियात बरत कर ही इससे बचा जा सकता है।
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