{"_id":"5d5ef4588ebc3e6c7b26a472","slug":"health-bareilly-news-bly373297846","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज के दौरान गर्भवती की मौत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलाज के दौरान गर्भवती की मौत, हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों आक्रोशित हो गए। मौत का कारण पूछने पर डॉक्टरों और मौजूद स्टाफ ने कोई जवाब भी नहीं दिया तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ते देख अस्पताल में मौजूद डॉक्टर वहां से फरार हो गए। मामले पर अब परिजन शुक्रवार को सीएमओ से मामले की शिकायत कर कार्रवाई क ी मांग करेंगे।
बदायूं के गटपुरी निवासी संजय पत्नी पूजा को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को सुबह अस्पताल में भर्ती कराया था। दर्द बढ़ने पर परिजनों ने ऑपरेशन करने की मांग क ी। आरोप है कि ऑपरेशन की संस्तुति के बाद भी डॉक्टरों ने जबरन नॉर्मल डिलीवरी करने पर अड़े रहे। लिहाजा गर्भवती समेत बच्चे की भी मौत हो गई। वहीं, जब मामले पर डॉक्टरों से बात की तो उन्होंने भी कोई ठोस जवाब नहीं दिया। साथ ही, शव को भी देखने नहीं दिया। इस पर जमकर हंगामा हुआ तो डॉक्टर वहां से भाग गए। देर रात ग्यारह बजे शव परिजनों को सौंपा गया लेकिन जांच संबंधी कोई रिपोर्ट परिजनों को नहीं दी गई। शुक्रवार को सीएमओ से मिलकर परिजन अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
घाव पक जाएगा तब निकलेगी कैनुला की टूटी सुई
बरेली। सिरौली के सहारा हॉस्पिटल में एक महिला को ग्लूकोज चढ़ाने के बाद कैनुला निकालने के दौरान सुई हाथ में ही टूट गई। परिजनों ने टूटी सुई निकालने को कहा तो डॉक्टरों ने घाव पक जाने के बाद खुद से सुई के निकल जाने का नसीहत दे दी। करीब 20 दिन तक सुई चुभने से तेज दर्द से झटपटाने के बाद जब महिला फिर सुई निकलवाने पहुंची तो उसे डॉक्टरों ने भगा दिया। मामले पर परिजनों ने सीएमओ को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
सिरौली के मोहम्मद मुगलान निवासी हामिद अली की पत्नी आसिया की पत्नी को 2 अगस्त को सीने में तेज दर्द हुआ। आनन-फानन में उन्होंने पत्नी को स्थानीय सहारा अस्पताल में भर्ती करा दिया। डॉक्टरों ने ग्लूकोज आदि चढाए, जिसके बाद तबियत ठीक हुई। कैनुला निकालने के दौरान सुई टूट गई लेकिन उसे बाहर निकालने के बजाय डॉक्टरों ने घाव पकने पर सुई निकल जाने का सुझाव दिया। हालांकि, इसके बाद वे वापस लौट आए। 20 दिनों तक तेज दर्द से जूझने के बाद गुुरुवार को शहर स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से सुई निकलवाने के बाद सीएमओ से मामले पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
बदायूं के गटपुरी निवासी संजय पत्नी पूजा को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को सुबह अस्पताल में भर्ती कराया था। दर्द बढ़ने पर परिजनों ने ऑपरेशन करने की मांग क ी। आरोप है कि ऑपरेशन की संस्तुति के बाद भी डॉक्टरों ने जबरन नॉर्मल डिलीवरी करने पर अड़े रहे। लिहाजा गर्भवती समेत बच्चे की भी मौत हो गई। वहीं, जब मामले पर डॉक्टरों से बात की तो उन्होंने भी कोई ठोस जवाब नहीं दिया। साथ ही, शव को भी देखने नहीं दिया। इस पर जमकर हंगामा हुआ तो डॉक्टर वहां से भाग गए। देर रात ग्यारह बजे शव परिजनों को सौंपा गया लेकिन जांच संबंधी कोई रिपोर्ट परिजनों को नहीं दी गई। शुक्रवार को सीएमओ से मिलकर परिजन अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
विज्ञापन
घाव पक जाएगा तब निकलेगी कैनुला की टूटी सुई
बरेली। सिरौली के सहारा हॉस्पिटल में एक महिला को ग्लूकोज चढ़ाने के बाद कैनुला निकालने के दौरान सुई हाथ में ही टूट गई। परिजनों ने टूटी सुई निकालने को कहा तो डॉक्टरों ने घाव पक जाने के बाद खुद से सुई के निकल जाने का नसीहत दे दी। करीब 20 दिन तक सुई चुभने से तेज दर्द से झटपटाने के बाद जब महिला फिर सुई निकलवाने पहुंची तो उसे डॉक्टरों ने भगा दिया। मामले पर परिजनों ने सीएमओ को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
सिरौली के मोहम्मद मुगलान निवासी हामिद अली की पत्नी आसिया की पत्नी को 2 अगस्त को सीने में तेज दर्द हुआ। आनन-फानन में उन्होंने पत्नी को स्थानीय सहारा अस्पताल में भर्ती करा दिया। डॉक्टरों ने ग्लूकोज आदि चढाए, जिसके बाद तबियत ठीक हुई। कैनुला निकालने के दौरान सुई टूट गई लेकिन उसे बाहर निकालने के बजाय डॉक्टरों ने घाव पकने पर सुई निकल जाने का सुझाव दिया। हालांकि, इसके बाद वे वापस लौट आए। 20 दिनों तक तेज दर्द से जूझने के बाद गुुरुवार को शहर स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से सुई निकलवाने के बाद सीएमओ से मामले पर कार्रवाई की मांग की है।