Bareilly News: जारा कंपनी का टैग लगाकर बेच रहा था कपड़े, पुलिस ने दुकान पर मारा छापा, आरोपी भागा
बहेड़ी में तस्लीम नाम का युवक अपनी दुकान में कपड़ों पर जारा कंपनी का टैग लगाकर नकली माल बेच रहा था। कंपनी के अधिकारी ने पुलिस से शिकायत की। इस पर पुलिस टीम ने सोमवार को आरोपी की दुकान पर छापा मारा।
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बरेली के बहेड़ी कस्बे में एक युवक नामी कंपनी का टैग लगाकर कपड़े बेच रहा था। शिकायत पर सोमवार को पुलिस ने छापा मारा तो उत्पाद नकली मिले। आरोपी करीब एक साल से कपड़ों पर नामी कंपनी का टैग लगाकर मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू समेत अन्य शहरों को भेज रहा था। वह जीएसटी चोरी कर सरकार को आर्थिक क्षति भी पहुंचा रहा था। कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर आरोपी तस्लीम के खिलाफ बहेड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि आरोपी कार्रवाई से पहले ही भाग निकला।
जारा की सहयोगी कंपनी त्रिका कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड, गोरेगांव मुंबई के फील्ड ऑफिसर शत्रुघ्न प्रसाद द्विवेदी ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि जारा कंपनी के फर्जी टैग लगे हुए टी-शर्ट सहित अन्य कपड़े बहेड़ी के विभिन्न मोहल्लों में तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन से वह छानबीन कर रहे थे। शेर नगर में तस्लीम के दुकान में जारा के फर्जी टैग लगाकर नकली माल बनाकर बेच जा रहा है।
उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस की टीम ने मोहल्ला शेर नगर निवासी तस्लीम अहमद अंसारी के किनट फैब के नाम से चलाई जा रही दुकान में छापा मारा। यहां से पुलिस को जारा व अन्य कंपनियों के टैग लगे कपड़े मिले।
इस तरह चल रहा था खेल
इस कार्रवाई के बाद अब आयकर विभाग से लेकर कई कंपनियों की नजर बहेड़ी की सकरी गलियों में चलने वाले होजरी व टी-शर्ट के कारोबार पर पड़ गई। सूत्रों की मानें तो कस्बे में करीब 100 दुकानें खुली हुई हैं, जिनमें बिजली चोरी से लेकर टैक्स चोरी तक होती है। जीएसटी से लेकर तमाम टैक्सों में सरकार को चूना लगाकर रात को यह नकली माल बरेली भेजा जाता है। वहां से ट्रकों व ट्रेनों के जरिए मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू आदि शहरों में भेजा जाता है।
648 टी-शर्ट, मशीन टैग आदि बरामद हुए
पुलिस ने मौके से 648 टी-शर्ट, मशीन, कंपनी के 1025 टैग बरामद किए। कंपनी के फील्ड ऑफिसर की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी तस्लीम के खिलाफ कार्रवाई की है। संवाद
एसडीएम बहेड़ी रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह का मामला पहली बार आया है। आयकर विभाग को सूचना की जाएगी। बिजली निगम को भी इन कारखानों की जांच करने के आदेश दिए जाएंगे। साथ ही संबंधित विभाग इन कारखानों की लाइसेंस आदि की जांच करेगा। अगर कहीं कोई गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी।