UP: बरेली में हवाला नेटवर्क का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, 35 लाख रुपये बरामद; दिल्ली से दुबई तक जुड़े तार
बरेली में पुलिस ने बड़े हवाला कारोबार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 35 लाख रुपये बरामद हुए हैं। आरोपियों को नेटवर्क दिल्ली से दुबई तक फैला हुआ है।
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बरेली में पुलिस ने बड़े हवाला कारोबार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 35 लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने रविवार को इस मामले का खुलासा किया। एसओजी और थाना बारादरी पुलिस को अवैध लेनदेन की सूचना मिली थी। पुलिस ने मोहल्ला माधोबाड़ी में कार्रवाई कर हजियापुर निवासी जमीर अहमद और राजस्थान के बीकानेर निवासी जगदीश चोटिया को पकड़ा। जांच में पता चला कि आरोपियों ने 'केजीएन' नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इसका कार्यालय पीलीभीत बाईपास सड़क पर था और यह केवल संदिग्ध लेनदेन के लिए उपयोग होती थी।
दुबई के जीशान ने खुलवाई थी कंपनी
जमीर ने बताया कि उसने दुबई के अली जीशान के कहने पर मोईन अली के नाम पर कंपनी खुलवाई। कंपनी के खाते में धनराशि जमा कर टोकन प्रणाली से हवाला कारोबार किया जाता था। जगदीश चोटिया पिछले चार वर्षों से हवाला कारोबार में सक्रिय है। वह दिल्ली के चांदनी चौक के संपर्कों से रकम पहुंचाता था। पुलिस मोईन अली, लालचंद और धम्माराम सहित दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
फर्जी कंपनी का संचालन
आरोपियों ने केजीएन नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इसका बैंक खाता संदिग्ध लेनदेन के लिए संचालित किया जा रहा था। कंपनी का कार्यालय पीलीभीत बाईपास सड़क स्थित आशुतोष सिटी क्षेत्र में था। जांच में सामने आया कि कंपनी का कोई वास्तविक व्यापारिक कार्य नहीं था। इसका उपयोग केवल अवैध धनराशि के लेनदेन के लिए होता था।
बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज
थाना बारादरी में मुकदमा संख्या 752/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस बरामद धनराशि, बैंक खातों और मोबाइल फोन के डेटा की गहन जांच कर रही है। इस जांच से हवाला नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और धनराशि के स्रोत का पता चलने की उम्मीद है।