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हवाला प्रकरण: पुलिस ने जिसे रिपोर्टर समझकर छोड़ा वही निकला असली मास्टरमाइंड

Tue, 19 May 2020 12:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2020 12:49 AM IST
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Hawala Case: Police left the reporter as the real mastermind
तारिक ने फर्जी आईडी से बनवाया खुद का राजेश नाम का आधारकार्ड। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

ग्रामीणों के खातों से निकालकर रकम नाइजीरियन ठगों तक पहुंचाने का करता है काम
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नोएडा-दिल्ली समेत कई जगह दी दबिश, भनक लगी तो नहीं आया नाइजीरियन ठग

बरेली। नाइजीरियन ठगों और स्थानीय हवाला तस्करों के गैंग के कुछ सदस्यों को पकड़ने के बाद पुलिस ने नोएडा-दिल्ली में छापामारी की। हालांकि नोएडा में जिस नाइजीरियन ठग की तलाश थी, वह हाथ नहीं आया। पुलिस ने कार में मौजूद तस्करों के जिस साथी तारिक को रिपोर्टर और बेकसूर समझकर छोड़ दिया, वही धोखाधड़ी के खेल का असली मास्टरमाइंड निकला है। अमर उजाला टीम को भी फुसलाने वाले तारिक के धोखाधड़ी के तमाम सबूत मौजूद हैं। टेरर फंडिंग जैसे मामले में अब दूसरी एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।
बिथरी चैनपुर के उड़ला गांव में हवाला तस्करों में आपसी फूट के बाद हुई मारपीट की सूचना पर पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा था। इनमें दो लोग उड़ला और तीन बदायूं के बिसौली क्षेत्र के गांव संग्रामपुर के थे। पुलिस ने लाखों की रकम के बंदरबांट की कोशिश की तो मामला एएसपी तक पहुंचा। उन्होंने रुपये, कार और आरोपी कब्जे में ले लिए। संग्रामपुर निवासी और खुद को मुंबई में एक पोर्टल का क्राइम रिपोर्टर बताने वाले तारिक, ड्राइवर बबलू को प्रारंभिक पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। बाकी आरोपियों को साथ लेकर पुलिस की टीमें घूम रही हैं।
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रविवार को छूटने के बाद बदायूं पहुंचे तारिक ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान पूरे घटनाक्रम को तफ्सील से बताया, लेकिन खुद पिता की दवा लेने के लिए साथ जाने की बात कही। कहा, वह रिपोर्टर है और उसका धंधे से कोई वास्ता नहीं है। अमर उजाला ने पड़ताल की तो पाया कि इमरान ही नहीं तारिक भी इस धंधे का मास्टरमाइंड है। गांव के पते का तारिक शेख के नाम से उसका आधार कार्ड है और इससे जुड़े मुंबई की बैंकों में खाते हैं। वहीं रामपुर में दाल मिल तहसील सदर पते का राजेश नाम से आधार कार्ड भी उसने बनवा रखा है। दोनों में फोटो लगभग एक जैसी हैं। इस आधार से दूसरे खाते और एटीएम कार्ड हैं। तारिक का असली काम बरेली-बदायूं आदि जिलों के ग्रामीणों के खातों में डलवाया गया पैसा निकालकर नाइजीरियन ठगों तक पहुंचाना है। रिपोर्टर के रूप में मुंबई में अधिकारियों और नेताओं से उसने जो पहचान बनाई है, वह उसके काम आती है। कई बार पकड़ने के बाद भी उसे छोड़ने या जमानत में समस्या नहीं आती। बताते हैं कि तारिक ने मुंबई जाने के लिए राजधानी एक्सप्रेस में पहले से ही टिकट बुक करा रखा था। सोमवार को उसके मुंबई जाने की बात कही जा रही है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि तारिक को पुलिस ने जानबूझकर छोड़ दिया है। उसके जरिये बड़े हवाला तस्कर और नाइजीरियन नेटवर्क को पकड़ने का प्लान है।
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अंडरग्राउंड हुए हवाला तस्कर संग्रामपुर में जुटे

बिथरी में हुए इस घटनाक्रम के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अधिकांश हवाला तस्कर अंडरग्राउंड हो गए थे। उन्हें लग रहा था कि पुलिस कहीं उनके नाम न खोल दे। मीडिया के जरिये जब उन्हें पता लगा कि इसमें किन लोगों को पकड़ा गया है तो वे कार्रवाई से बेफिक्र होकर बिसौली के संग्रामपुर गांव में पहुंच गए हैं। वहीं घटना को लेकर खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।

ठगों के पूरे नेटवर्क को पकड़ने के लिए टीमें लगी हैं। नोएडा गई टीम लौट आई है। दूसरे स्थानों पर छापामारी और कार्रवाई की जा रही है। जल्दी ही खुलासा किया जाएगा। - अभिषेक वर्मा, एएसपी

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