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चोरी का आरोप से आहत किशोर फांसी पर झूल गया
बरेली
Updated Wed, 08 Jul 2015 12:37 AM IST
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क्योलड़िया। बच्चे ने तो गाना सुननेे के लिए तहेरे भाई का मोबाइल लिया था लेकिन उसपर ताई और भाई ने चोरी का इल्जाम लगाकर पीट दिया। इससे आहत किशोर ने फांसी लगाकर जान दे दी है। मोबाइल बाद में मिल गया। किशनपुर कुंइया गांव की यह घटना दिलों को दहला गई है। पुलिस तक मामला न पहुंचे इसलिए घर की बात कहते हुए पंचायत के जरिए मौत पर भी समझौता करा दिया गया।
ग्राम किशनपुर कुंइया निवासी छत्रपाल अपनी पत्नी और दो छोटे बेटों और बेटी के साथ बीसपुर क्षेत्र के गाजीपुर कुंडा गांव में रहता है और खोमचे लगाकर जीविका चलाता है। वहीं बड़ा बेटा 14 साल का गिरीश अपनी दादी बिलासों के साथ किशनपुर में ही रहता है। पड़ोस में ही छत्रपाल के बड़े भाई दीनानाथ भी सपरिवार रहते हैं। बताते हैं कि
गिरीश सोमवार को गाना सुनने के लिए तहेरे भाई राजेश का मोबाइल उठा ले गया। बाद में तहेरे भाई राजेश और ताई ने मोबाइल न मिलने की बात कहते हुए इस पर मोबाइल चोरी का इल्जाम लगाते हुए बेरहमी से पिटाई कर दी। इसे बचाने के लिए पहुंची दादी बिलासो को भी दोनों ने कई डंडे जड़ दिए। आरोपों और पिटाई से क्षुब्ध होकर गिरीश ने सोमवार दोपहर अपने कमरे में जाकर भीतर से कुंडी लगा ली और कुंडे से रस्सी का फंदा लगाकर झूल गया। चौंकाने वाली बात यह कि किशोर के मां-बाप को गांव वालों से इसकी जानकारी मंगलवार की सुबह मिली। पुलिस तक को इसकी भनक नहीं लगने दी गई और पंचायती समझौते में मामला निपटा दिया गया। घटनास्थल पर करीब 30 घंटे तक लाश पड़ी रही और समझौते के बाद अंत्येष्टि कर दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि जिस मोबाइल की चोरी का इल्जाम लगाया गया था, वह घर पर ही मिल गया था। ग्रामीण से सूचना मिलने पर मंगलवार सुबह वे यहां पहुंचे और बेटे की लाश देखकर बेसुध होकर गिर पड़े।
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थानाध्यक्ष गौरव सिंह यादव ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं है। यदि कोई तहरीर मिलती है तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इधर घटना के बाद से गांव में सन्नाटा छाया हुआ है और हर कोई पूरे मामले में मृतक के ताऊ के परिवार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है।
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ग्राम किशनपुर कुंइया निवासी छत्रपाल अपनी पत्नी और दो छोटे बेटों और बेटी के साथ बीसपुर क्षेत्र के गाजीपुर कुंडा गांव में रहता है और खोमचे लगाकर जीविका चलाता है। वहीं बड़ा बेटा 14 साल का गिरीश अपनी दादी बिलासों के साथ किशनपुर में ही रहता है। पड़ोस में ही छत्रपाल के बड़े भाई दीनानाथ भी सपरिवार रहते हैं। बताते हैं कि
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गिरीश सोमवार को गाना सुनने के लिए तहेरे भाई राजेश का मोबाइल उठा ले गया। बाद में तहेरे भाई राजेश और ताई ने मोबाइल न मिलने की बात कहते हुए इस पर मोबाइल चोरी का इल्जाम लगाते हुए बेरहमी से पिटाई कर दी। इसे बचाने के लिए पहुंची दादी बिलासो को भी दोनों ने कई डंडे जड़ दिए। आरोपों और पिटाई से क्षुब्ध होकर गिरीश ने सोमवार दोपहर अपने कमरे में जाकर भीतर से कुंडी लगा ली और कुंडे से रस्सी का फंदा लगाकर झूल गया। चौंकाने वाली बात यह कि किशोर के मां-बाप को गांव वालों से इसकी जानकारी मंगलवार की सुबह मिली। पुलिस तक को इसकी भनक नहीं लगने दी गई और पंचायती समझौते में मामला निपटा दिया गया। घटनास्थल पर करीब 30 घंटे तक लाश पड़ी रही और समझौते के बाद अंत्येष्टि कर दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि जिस मोबाइल की चोरी का इल्जाम लगाया गया था, वह घर पर ही मिल गया था। ग्रामीण से सूचना मिलने पर मंगलवार सुबह वे यहां पहुंचे और बेटे की लाश देखकर बेसुध होकर गिर पड़े।
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थानाध्यक्ष गौरव सिंह यादव ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं है। यदि कोई तहरीर मिलती है तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इधर घटना के बाद से गांव में सन्नाटा छाया हुआ है और हर कोई पूरे मामले में मृतक के ताऊ के परिवार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है।