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मीडिया कर्मियों और डॉक्टर में विवाद से अफरातफरी
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पीलीभीत। एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर मीडिया कर्मियों और डॉक्टर में विवाद हो गया। इसके बाद सुनगढ़ी थाने में डॉक्टर के पक्ष में आईएमए की टीम पहुंच गई तो दूसरी तरफ से कई मीडिया कर्मी भी डॉक्टरों के विरोध में अफसरों के पास पहुंच गए। पुलिस ने डॉक्टर से मिली तहरीर पर दो नामजद मीडिया कर्मियों और छह अज्ञात और वहीं मीडिया कर्मियों की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉक्टर ने तहरीर में बताया कि दिन में आठ लोग मोबाइल से डायग्नोस्टिक सेंटर की जबरन वीडियो बनाने लगे। आरोप है कि वहां मौजूद अस्पताल स्टाफ और तीमारदारों ने जब विरोध किया तो गाली गलौज की गई। शोर सुनकर महिला डॉक्टर के साथ दूसरी डॉक्टर केबिन से निकलकर आईं। पूछने पर सभी ने खुद को मीडिया कर्मी बताया। पुलिस को सूचना दी गई तो सभी ने उत्पात मचाया। छह लोग भाग गए, जबकि स्टाफ ने दो को पकड़ लिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है। उधर, दो मीडिया कर्मियों की ओर से दी गई संयुक्त तहरीर में बताया कि डायग्नोस्टिक सेंटर की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। इस मामले की कवरेज करने के लिए वे गए थे। सेंटर के डॉक्टरों से जब उनका पक्ष मांगा गया तो उन्होंने इनकार कर दिया। इस पर वे बाहर आ गए। इसी बीच सभी डॉक्टरों ने उनको पकड़कर मोबाइल छीन लिया। कमरे में बंद कर मारपीट की गई। दस हजार रुपये भी लूट लिए। पुलिस ने उनको बंधनमुक्त कराया। आरोप लगाया कि जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।
एक अन्य डॉक्टर ने भी कराई रिपोर्ट
एक अन्य हॉस्पिटल की डॉक्टर ने भी पुलिस को तहरीर दी। इसमें दो अन्य मीडिया कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उनका आरोप है कि 25 अगस्त को दोपहर ढाई बजे आरोपी उनके चेंबर में जबरन घुस आए और इंटरव्यू देने को कहा। मना करने पर अभद्रता की। जान से मारने और अस्पताल को बदनाम करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
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डॉक्टरों और मीडिया कर्मियों की तरफ से मिली तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अस्पताल से लाए गए दोनों मीडिया कर्मियों को छोड़ दिया गया है। जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
एक महिला डॉक्टर के कार्य में अवरोध पैदा किया गया। मना करने पर आरोपी अभद्रता करने लगे। महिला डॉक्टरों के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए आईएमए ने तहरीर दिलवाई। इस पर रिपोर्ट भी दर्ज हो गई है।
- डॉ. तरुण सेठी, अध्यक्ष आईएमए
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डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉक्टर ने तहरीर में बताया कि दिन में आठ लोग मोबाइल से डायग्नोस्टिक सेंटर की जबरन वीडियो बनाने लगे। आरोप है कि वहां मौजूद अस्पताल स्टाफ और तीमारदारों ने जब विरोध किया तो गाली गलौज की गई। शोर सुनकर महिला डॉक्टर के साथ दूसरी डॉक्टर केबिन से निकलकर आईं। पूछने पर सभी ने खुद को मीडिया कर्मी बताया। पुलिस को सूचना दी गई तो सभी ने उत्पात मचाया। छह लोग भाग गए, जबकि स्टाफ ने दो को पकड़ लिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है। उधर, दो मीडिया कर्मियों की ओर से दी गई संयुक्त तहरीर में बताया कि डायग्नोस्टिक सेंटर की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। इस मामले की कवरेज करने के लिए वे गए थे। सेंटर के डॉक्टरों से जब उनका पक्ष मांगा गया तो उन्होंने इनकार कर दिया। इस पर वे बाहर आ गए। इसी बीच सभी डॉक्टरों ने उनको पकड़कर मोबाइल छीन लिया। कमरे में बंद कर मारपीट की गई। दस हजार रुपये भी लूट लिए। पुलिस ने उनको बंधनमुक्त कराया। आरोप लगाया कि जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।
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एक अन्य डॉक्टर ने भी कराई रिपोर्ट
एक अन्य हॉस्पिटल की डॉक्टर ने भी पुलिस को तहरीर दी। इसमें दो अन्य मीडिया कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उनका आरोप है कि 25 अगस्त को दोपहर ढाई बजे आरोपी उनके चेंबर में जबरन घुस आए और इंटरव्यू देने को कहा। मना करने पर अभद्रता की। जान से मारने और अस्पताल को बदनाम करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
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डॉक्टरों और मीडिया कर्मियों की तरफ से मिली तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अस्पताल से लाए गए दोनों मीडिया कर्मियों को छोड़ दिया गया है। जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
एक महिला डॉक्टर के कार्य में अवरोध पैदा किया गया। मना करने पर आरोपी अभद्रता करने लगे। महिला डॉक्टरों के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए आईएमए ने तहरीर दिलवाई। इस पर रिपोर्ट भी दर्ज हो गई है।
- डॉ. तरुण सेठी, अध्यक्ष आईएमए