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हलाल प्रमाणन गैर शरई, न दें मुसलमानों को धोखा : शहाबुद्दीन
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बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बृहस्पतिवार को कहा कि हलाल प्रमाणन गैर शरई है। यह मुसलमानों के साथ धोखा है।
मौलाना ने कहा कि प्रमाणपत्र का एक टुकड़ा दे देने से शरई तौर पर हराम चीज को हलाल और हलाल को हराम नहीं किया जा सकता है। जो संस्थाएं ऐसा कर रही हैं, वह अपराध की श्रेणी में आता है। शरीयत में हलाल का तरीका बताया गया है। सिर्फ हलाल प्रमाणन से कोई चीज हलाल में शामिल नहीं हो सकती।
मौलाना ने कहा कि हलाल टैग सिर्फ मीट पर ही लगाया जा सकता है। अगर किसी दूसरे उत्पाद पर इसे लगाया जा रहा है तो यह एक अच्छे शब्द का दुरुपयोग है। शरीयत में हलाल शब्द सिर्फ जानवरों के मांस के संबंध में इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा अन्य चीजों का इस्तेमाल जायज या नाजायज हो सकता है, लेकिन उन पर हलाल का टैग नहीं लगाया जाना चाहिए। मौलाना ने सरकार से हलाल बोर्ड के गठन की मांग की है और कहा है कि ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाए जो शरई तौर पर काम करने में सक्षम हो।
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मौलाना ने कहा कि प्रमाणपत्र का एक टुकड़ा दे देने से शरई तौर पर हराम चीज को हलाल और हलाल को हराम नहीं किया जा सकता है। जो संस्थाएं ऐसा कर रही हैं, वह अपराध की श्रेणी में आता है। शरीयत में हलाल का तरीका बताया गया है। सिर्फ हलाल प्रमाणन से कोई चीज हलाल में शामिल नहीं हो सकती।
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मौलाना ने कहा कि हलाल टैग सिर्फ मीट पर ही लगाया जा सकता है। अगर किसी दूसरे उत्पाद पर इसे लगाया जा रहा है तो यह एक अच्छे शब्द का दुरुपयोग है। शरीयत में हलाल शब्द सिर्फ जानवरों के मांस के संबंध में इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा अन्य चीजों का इस्तेमाल जायज या नाजायज हो सकता है, लेकिन उन पर हलाल का टैग नहीं लगाया जाना चाहिए। मौलाना ने सरकार से हलाल बोर्ड के गठन की मांग की है और कहा है कि ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाए जो शरई तौर पर काम करने में सक्षम हो।
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