H3N2 Virus: इन्फ्लुएंजा की चपेट में आने से संक्रमित हो सकता है पूरा परिवार, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
इन्फ्लुएंजा वायरस के लक्षण वायरल के जैसे होते हैं। बुखार, शरीर में दर्द, बिना बलगम के खांसी आना, चेहरा लाल होना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। ये लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
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बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार होना आम बात है, लेकिन इसी बीच इन्फ्लुएंजा (एच3एन2 वायरस) का प्रकोप भी शुरू हो गया है। समान लक्षण होने के कारण इसकी पहचान का तरीका केवल जांच ही है। एक व्यक्ति के एच3एन2 वायरस की चपेट में आने से पूरा परिवार संक्रमित हो सकता है। लक्षण महसूस होते ही जांच कराएं, अन्यथा पूरे परिवार की सेहत खतरे में पड़ सकती है।
बरेली जिले में एच3एन2 वायरस की रोकथाम के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है, लेकिन अब भी तमाम लोग मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर सर्दी-जुकाम से निजात पाने का प्रयास कर रहे हैं। एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक एच3एन2 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए संदिग्ध मरीजों की जांच जरूरी है। बुखार, शरीर में दर्द, बिना बलगम के खांसी आना, चेहरा लाल होना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। निजी अस्पतालों को भी इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस के मरीजों की तत्काल सूचना देने को कहा गया है।
डायरिया की चपेट में हैं तो हो सकता है इन्फ्लुएंजा
माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल के मुताबिक एच3एन2 वायरस की चपेट में आने पर डायरिया भी हो सकता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को स्वाद का पता नहीं चलता और प्यास भी कम लगती है। शरीर कमजोर होने से अन्य संक्रमण की चपेट में आने की आशंका भी बढ़ जाती है।
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कोरोना की तरह है एच3एन2 के प्रसार की क्षमता
डॉ. गोयल के मुताबिक कोरोना पैनडेमिक रहा, मगर एच3एन2 एपिडेमिक है। सही समय पर सही इलाज से मरीज स्वस्थ हो जाते हैं, मगर इसकी प्रसार क्षमता कोरोना की दूसरी लहर जैसी ही है। परिवार की सुरक्षा के लिए जांच और इलाज बेहद जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ ही जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, वे विशेष सावधानी बरतें।
बरेली में जांच की सुविधा नहीं
स्वास्थ्य विभाग एच3एन2 संक्रमित मरीजों की आरटपीसीआर जांच कराएगा, मगर यहां इसकी जांच के लिए संबंधित रीजेंट और उपकरण नहीं हैं। लिहाजा, संदिग्ध मरीज के सैंपल लेकर उसे लखनऊ, आगरा की लैब में भेजा जाएगा। हालांकि, इसकी दवा ‘आसेटामिवीर’ विभाग के पास भरपूर है।
कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए पूछताछ शुरू
अब कोरोना की बूस्टर डोज लगवाने के लिए लोगों ने पूछताछ शुरू कर दी है। वैक्सीन उपलब्ध न होने से वे परेशान हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक 31 जनवरी को ही वैक्सीन खत्म हो गई थी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के पास एच3एन2 इन्फ्लुएंजा वैक्सीन भी नहीं है। निजी केंद्रों पर ही वैक्सीन लगाई जा रही है।बचाव के उपाय
- फ्लू के लक्षण होने पर दिन में चार बार भाप लें।
- संक्रमित व्यक्ति और परिवार के अन्य लोग मास्क का प्रयोग करें।
- हाथ धोते रहें, सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
- पौष्टिक आहार, फल और ताजी सब्जियों का सेवन करें।
- लक्षण महसूस होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।
- इन्फ्लुएंजा वैक्सीन लगवाने से कुछ राहत संभव है।