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जीएसटी छापा : फर्जी फर्मों से 1.23 करोड़ आईटीसी क्लेम का संदेह

Sat, 07 Oct 2023 02:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 07 Oct 2023 02:04 AM IST
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GST raid: Suspect of 1.23 crore ITC claims from fake firms
बरेली। परसाखेड़ा स्थित बरेली प्लाईबोर्ड प्राइवेट लिमिटेड पर जीएसटी टीम के छापे में अस्तित्वहीन सात फर्मों से करीब 1.23 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम का संदेह है। वहीं, लेखा से ज्यादा स्टॉक मिलने पर छह लाख रुपये का माल सीज हुआ है। हालांकि अभी जांच जारी है।
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जीएसटी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 ओपी चौबे के मुताबिक मुख्यालय से प्राप्त सूची के आधार पर छापा मारा गया था। पता चला कि घोषित अतिरिक्त व्यापार स्थल बी-27 परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया अस्तित्व में नहीं है। मुख्य व्यापार स्थल पर स्टॉक की चेकिंग हुई। साथ ही वर्ष 2022-23, 2023-24 में सात अस्तित्वहीन फर्मों से 6.88 करोड़ रुपये के कारोबार पर क्लेम किए गए आईटीसी 1.23 करोड़ की भी जांच हुई। इस दौरान अस्तित्वहीन फर्म के संबंध में जरूरी अभिलेख नहीं मिले। व्यापारी ने अभिलेख प्रस्तुत करने की बात कही है।
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मुख्य व्यापार स्थल पर ही रॉ मैटेरियल/फिनिस्ड गुड्स स्टॉक की गणना हुई। मिलान पर विनियर, लकड़ी, फार्मएल्डिहाइड, नौ मिमी, 16 मिमी की प्लाई का स्टॉक लेखों से कम मिला। 12 मिमी की प्लाई, टेक्निकल यूरिया लेखों से अधिक मिले। संदिग्ध अभिलेख सत्यापन के लिए जब्त किए।
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विनियर से प्लाईवुड बनाकर होता है कारोबार
अधिकारियों के मुताबिक बरेली प्लाईबोर्ड प्राइवेट लिमिटेड का मुख्य व्यापार स्थल एस-65/66 परसाखेड़ा औद्योगिक आस्थान है और यहीं फर्म का अतिरिक्त व्यापार स्थल बी-27 घोषित कर रखा है। फर्म लकड़ी की खरीद करके विनियर के जरिये प्लाईवुड का निर्माण और बिक्री करती है। पिछले दिनों एसटीएफ मुख्यालय से टिंबर व्यापारियों के संबंध में हुई जांच में पता चला था कि कुछ टिंबर सप्लायर्स फर्में अस्तित्व में नहीं हैं। इन फर्मों से अयोग्य आईटीसी लेकर उसे प्रयोग कर दूसरी फर्मों को अयोग्य आईटीसी दे दी गई।

क्या है आईटीसी क्लेम
जीएसटी में कारोबारियों को एक ही वस्तु के कारोबार पर बार-बार टैक्स देने से बचाने के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट सिस्टम लागू किया गया है। इसके जरिये पहले चुकाए गए टैक्स को, अंतिम बार चुकाए गए टैक्स में समायोजित किया जा सकता है। इस तरह से कारोबारी किसी भी वस्तु पर दोहरा टैक्स देने से बच जाता है।
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