{"_id":"662c4900d5c4fcce030702d4","slug":"gst-raid-on-vineet-tractor-agency-tax-evasion-of-rs-12-crore-caught-bareilly-news-c-4-vns1013-389742-2024-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: विनीत ट्रैक्टर एजेंसी पर जीएसटी छापा, 1.2 करोड़ कर चोरी पकड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: विनीत ट्रैक्टर एजेंसी पर जीएसटी छापा, 1.2 करोड़ कर चोरी पकड़ी
विज्ञापन
बरेली। शाहजहांपुर के विनीत ट्रैक्टर एजेंसी पर जीएसटी बरेली जोन की विशेष अनुसंधान शाखा ने छापा मारा। जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। 1.2 करोड़ रुपये कर चोरी मिलने पर 32 लाख रुपये जमा कराए। 90 लाख रुपये जमा कराने के लिए सात दिनों की मोहलत दी।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे एसआईबी (विशेष जांच शाखा) टीम डीलर के प्रतिष्ठान पर पहुंची। मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। जांच के दौरान किसी को भी प्रतिष्ठान में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। जीएसटी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 ओपी चौबे के मुताबिक फर्म के पास महिंद्रा और टीवीएस कंपनी की डीलरशिप है। प्राप्त डाटा की गहनता से जांच में पता चला कि कारोबारी ने बीते दो वर्षो में 116 करोड़ के माल की बिक्री की। इसके मुताबिक करीब 21 करोड़ की करदेयता हुई पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (अग्रिम कर भुगतान) से समायोजन कर 358 रुपये ही जमा किए थे।
बताते हैं कि पहले कारोबारी अपने दावे पर अड़ा रहा पर जब तथ्यों के आधार पर समझाया गया तो भूल स्वीकार की। 1.2 करोड़ कम टैक्स भुगतान को माना। मौके पर कारोबारी ने 32 लाख रुपये तत्काल जमा किया। शेष 90 लाख रुपये जमा करने के लिए मोहलत मांगी।
विज्ञापन
बीते दो वित्तीय वर्ष के रूपपत्रों में दिखाई थी कम बिक्री
कारोबारी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में दाखिल रूपपत्र में छह करोड़ की कम बिक्री दिखाकर 1.10 करोड़ रुपये टैक्स कम अदा किया था। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए तय से ज्यादा आईटीसी क्लेम करते हुए देय कर का समायोजन किया गया था।
विज्ञापन
शुक्रवार दोपहर 12 बजे एसआईबी (विशेष जांच शाखा) टीम डीलर के प्रतिष्ठान पर पहुंची। मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। जांच के दौरान किसी को भी प्रतिष्ठान में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। जीएसटी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 ओपी चौबे के मुताबिक फर्म के पास महिंद्रा और टीवीएस कंपनी की डीलरशिप है। प्राप्त डाटा की गहनता से जांच में पता चला कि कारोबारी ने बीते दो वर्षो में 116 करोड़ के माल की बिक्री की। इसके मुताबिक करीब 21 करोड़ की करदेयता हुई पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (अग्रिम कर भुगतान) से समायोजन कर 358 रुपये ही जमा किए थे।
विज्ञापन
बताते हैं कि पहले कारोबारी अपने दावे पर अड़ा रहा पर जब तथ्यों के आधार पर समझाया गया तो भूल स्वीकार की। 1.2 करोड़ कम टैक्स भुगतान को माना। मौके पर कारोबारी ने 32 लाख रुपये तत्काल जमा किया। शेष 90 लाख रुपये जमा करने के लिए मोहलत मांगी।
विज्ञापन
बीते दो वित्तीय वर्ष के रूपपत्रों में दिखाई थी कम बिक्री
कारोबारी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में दाखिल रूपपत्र में छह करोड़ की कम बिक्री दिखाकर 1.10 करोड़ रुपये टैक्स कम अदा किया था। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए तय से ज्यादा आईटीसी क्लेम करते हुए देय कर का समायोजन किया गया था।