फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   GST collection increased by 11.69%, Bareilly zone ranked fourth in the state

Bareilly News: जीएसटी संग्रह 11.69% बढ़ा, प्रदेश में चौथे पायदान पर बरेली जोन

Sat, 09 May 2026 01:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
GST collection increased by 11.69%, Bareilly zone ranked fourth in the state
पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और जीएसटी दरों में कमी के बावजूद कर संग्रह तेजी से बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष के पहले महीने में लक्ष्य 368.44 करोड़ के सापेक्ष 224.80 करोड़ (61.01%) राजस्व संग्रह कर बरेली जोन प्रदेश में चौथे पायदान पर है। कर संग्रह में पिछले वित्त वर्ष से 11.69 फीसदी की बढ़त हुई है।
विज्ञापन

जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, कर संग्रह बढ़ाने के लिए उद्यमियों और व्यापारियों की नियमित बैठक की जा रही है। साथ ही, जीसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया भी सरल हो रही है। जो लोग रिटर्न छिपा रहे हैं, वे एआई प्रक्रिया से ट्रैक किए जा रहे हैं। औचक सर्वे से बचने के लिए कारोबारी समय पर रिटर्न भर रहे हैं। इसका असर भी कर संग्रह पर दिख रहा है। बीते साल जीएसटी दरों में बदलाव से लोगों की क्रय क्षमता बढ़ी है। लोग बाजार तक पहुंच रहे हैं। इससे भी कारोबार में भी तेजी आई है।
विज्ञापन


बरेली मंडल के सभी जिलों में बढ़ा कर संग्रह
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में बरेली रेंज ए में शामिल बरेली (सेक्टर एक से छह) और बदायूं (सेक्टर एक से तीन) में कर संग्रह का लक्ष्य 147.62 करोड़ रुपये था। इसके सापेक्ष 86.70 करोड़ कर संग्रह हुआ। यह पिछले वित्त वर्ष से 14.59 फीसदी अधिक है। रेंज बी में शामिल बरेली (सेक्टर सात से नौ), पीलीभीत (सेक्टर एक, दो), शाहजहांपुर (सेक्टर एक से चार) से 148.83 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 87.17 करोड़ रुपये कर संग्रह हुआ। यह बीते वर्ष से 7.75 फीसदी अधिक रहा। काॅरपोरेट सर्किल के 71.99 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 50.93 करोड़ रुपये ही संग्रह हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्रय क्षमता बढ़ने से कर संग्रह में आया उछाल
सीए अरविंद कुमार सिंह के मुताबिक लोगों की क्रय क्षमता बढ़ने की बड़ी वजह जीएसटी दरों में संशोधन रहा। दो स्लैब खत्म किए जाने से पिछले वित्त वर्ष में जो उत्पाद 28 या 12 फीसदी की दर पर थे, वे चालू वित्त वर्ष में 18 और पांच फीसदी पर रहे। कीमत कम होने से लोगों की क्रय क्षमता में बढ़त हुई। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में युद्ध से औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ पर प्रतिस्पर्धा की वजह से उत्पादों की कीमत स्थिर रही। अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, तभी उत्पाद महंगे होंगे। चालू वित्त वर्ष में प्रतिमाह राज्य कर संग्रह बढ़ने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed