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किसानों के प्रति सरकार की नीयत ठीक नहीं : टिकैत
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Government's intention towards farmers is not right: Tikait
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बरेली। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमसे जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया। अब किसानों से हमारा यही कहना है कि उनकी आय तो दोगुनी नहीं हुई, जो फसलें थीं, उसे भी छुट्टा पशु चट कर गए। अब जो कुछ बचा है, उसे आधे दाम में बेच दें और फिर जिसे मन करे, उसे वोट दे आएं।
संयुक्त किसान मोर्चा की संयोजक समिति के सदस्य योगेंद्र यादव और हन्नान मुल्ला समेत पांच सदस्यीय दल के साथ आए राकेश टिकैत बुधवार को उपजा प्रेस क्लब में मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि हम गैर राजनीतिक लोग हैं। हम गांव-गांव जाकर किसानों की बात कर रहे हैं और करते रहेंगे। हमने किसानों से कहा है कि किसानों के प्रति सरकार की नीयत ठीक नहीं है।
13 महीने चले आंदोलन को केंद्र सरकार ने जिन वादों के आधार पर खत्म कराया, उसमें से कोई वादा पूरा नहीं किया। किसान की आय दोगुनी करने की बात कही गई थी लेकिन आज तक गन्ना भुगतान तक नहीं किया गया है। किसान अपना पैसा पाने को भटक रहा है। किसान समझदार है, उसे पता है कि कहां वोट करना है।
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आगाह किया, नोटा मत दबाना : राकेश टिकैत पूरे समय यूपी सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि हमने किसानों से यह भी कहा है कि नोटा मत दबाना। नोटा दबाने का मतलब सरकार को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ा है। सरकार कह रही है कि अपराध कम हुआ है लेकिन हम कहते हैं कि अपराध कम नहीं हुआ, मुकदमे ही दर्ज नहीं किए जा रहे हैं।
किसान आंदोलन का नतीजा, अब हर दल के घोषणापत्र में किसान : राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के घोषणापत्र देखे और भाषण सुने हैं। खुशी है कि 13 महीने चले आंदोलन के बाद अब किसान और गांव को नेता घोषणापत्र में जगह दे रहे हैं। राकेश टिकैत से सवाल किया गया कि आप भाजपा का विरोध कर रहे हैं। क्या विपक्षी दलों को फायदा पहुंचाने के लिए यह कार्यक्रम चला रहे हैं। इस पर उन्हाेंने कहा कि हमें फायदे और नुकसान का नहीं पता है लेकिन अगर किसी को नुकसान होगा तो जाहिर सी बात है कि फायदा भी किसी को होगा।
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संयुक्त किसान मोर्चा की संयोजक समिति के सदस्य योगेंद्र यादव और हन्नान मुल्ला समेत पांच सदस्यीय दल के साथ आए राकेश टिकैत बुधवार को उपजा प्रेस क्लब में मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि हम गैर राजनीतिक लोग हैं। हम गांव-गांव जाकर किसानों की बात कर रहे हैं और करते रहेंगे। हमने किसानों से कहा है कि किसानों के प्रति सरकार की नीयत ठीक नहीं है।
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13 महीने चले आंदोलन को केंद्र सरकार ने जिन वादों के आधार पर खत्म कराया, उसमें से कोई वादा पूरा नहीं किया। किसान की आय दोगुनी करने की बात कही गई थी लेकिन आज तक गन्ना भुगतान तक नहीं किया गया है। किसान अपना पैसा पाने को भटक रहा है। किसान समझदार है, उसे पता है कि कहां वोट करना है।
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आगाह किया, नोटा मत दबाना : राकेश टिकैत पूरे समय यूपी सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि हमने किसानों से यह भी कहा है कि नोटा मत दबाना। नोटा दबाने का मतलब सरकार को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ा है। सरकार कह रही है कि अपराध कम हुआ है लेकिन हम कहते हैं कि अपराध कम नहीं हुआ, मुकदमे ही दर्ज नहीं किए जा रहे हैं।
किसान आंदोलन का नतीजा, अब हर दल के घोषणापत्र में किसान : राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के घोषणापत्र देखे और भाषण सुने हैं। खुशी है कि 13 महीने चले आंदोलन के बाद अब किसान और गांव को नेता घोषणापत्र में जगह दे रहे हैं। राकेश टिकैत से सवाल किया गया कि आप भाजपा का विरोध कर रहे हैं। क्या विपक्षी दलों को फायदा पहुंचाने के लिए यह कार्यक्रम चला रहे हैं। इस पर उन्हाेंने कहा कि हमें फायदे और नुकसान का नहीं पता है लेकिन अगर किसी को नुकसान होगा तो जाहिर सी बात है कि फायदा भी किसी को होगा।