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Bareilly News: जीआईसी की निधियों का पता नहीं, कृषि उत्पादों की नीलामी का रिकॉर्ड भी लापता

Sun, 11 Jan 2026 02:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 02:37 AM IST
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GIC funds not known, records of auction of agricultural products also missing
बरेली। अगरास के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में छात्र-छात्राओं की निधियों से लेकर प्रधानाचार्य फंड और कृषि उत्पादों की नीलामी तक में कई लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। इसकी शिकायत पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने 22 दिन पहले दो सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक टीम सक्रिय नहीं हो पाई है। विद्यालय के प्रधानाचार्य को पक्ष रखने के लिए पत्र जरूर लिखा है। प्रधानाचार्य ने अब तक न तो अपना पक्ष रखा है, न ही जांच टीम को कोई अभिलेख दिए हैं।
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जीआईसी के वरिष्ठ सहायक संजू कुमार ने आठ दिसंबर को यूपी मिनिस्ट्रीयल एजुकेशन ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र पाल सिंह को पत्र लिखकर बताया था कि उन्होंने राजकीय हाईस्कूल बीजामऊ से स्थानांतरित होकर अगरास जीआईसी में 24 फरवरी 2024 को योगदान आख्या दी थी। अब तक प्रधानाचार्य ने उन्हें छात्र-छात्राओं की निधियों के लेखा से संबंधित चार्ज नहीं दिलाया है। अभिभावक संघ, प्रधानाचार्य फंड, कृषि मद एवं अन्य गार्ड फाइलें भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई हैं।
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उन्होंने यह भी बताया कि पांच साल पहले यह पटल पंकज जौहरी देख रहे थे। उनका स्थानांतरण जीआईसी शेरगढ़ के लिए हो गया था। उनके स्थान पर सुखदेव स्थानांतरित होकर आए थे। उनको भी प्रधानाचार्य ने पटल का चार्ज नहीं दिलाया था। चार्ज लेने का प्रयास किया तो सुखदेव को आंवला के हरदासपुर जीआईसी से संबद्ध करा दिया था। अब वह स्थानांतरित होकर पीलीभीत में हैं।
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संजू कुमार ने बताया कि दो साल हो गए हैं, वह बिना चार्ज के ही हैं। उन्होंने बड़े घोटाले की आशंका जताई है। विद्यालय के नाम करीब 100 बीघे कृषि भूमि है। फसलों की नीलामी का पैसा कहां जमा हो रहा या खर्च हो रहा, यह बड़ा विषय है। इसके बारे में प्रधानाचार्य कुछ नहीं बता रहे हैं। निधियों व अन्य आय-व्यय के बारे में भी जानकारी न देने का आरोप प्रधानाचार्य पर लगाया है।
15 दिनों में मांगी थी जांच रिपोर्ट
जीआईसी अगरास के वरिष्ठ सहायक की समस्या के संबंध में यूपी मिनिस्ट्रीयल एजुकेशन ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने प्रकरण की जानकारी 16 दिसंबर को संयुक्त शिक्षा निदेशक को दी थी। इस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक राकेश कुमार ने जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी थी। जांच टीम में सह जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. गिरीश चंद्र यादव व फरीदपुर के शिवपुरी के राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. लोकेश चंद्र शामिल हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने टीम से 15 दिनों में साक्ष्यों समेत जांच रिपोर्ट मांगी थी। संवाद
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वरिष्ठ सहायक को पटल का संपूर्ण चार्ज दिया जा चुका है। शिकायत करना उनकी आदत है। जांच समिति ने अभिलेख मांगे हैं। कुछ रिकॉर्ड मेरे पास हैं, पर विद्यालय की कृषि भूमि के क्षेत्रफल के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। - श्रीकांता प्रसाद, प्रधानाचार्य, जीआईसी, अगरास



जीआईसी के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर अभिलेख मांगे थे, पर अब तक मिल नहीं पाए हैं। अब कॉलेज में जाकर अभिलेखों की जांच करेंगे। प्रधानाचार्य को अभिलेख सुरक्षित करने के लिए कह दिया है। - डॉ. गिरीश चंद्र यादव, एडीआईओएस/जांच अधिकारी
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