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राशनकार्ड घोटाला- प्रधान-सचिव की फर्जी मुहर लगाकर 106 गरीबों का नाम लिस्ट से काटा
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रिपोर्ट में गरीबों को 30 बीघा जमीन और ट्रैक्टर का मालिक बता दिया
फर्जी दस्तखत और मुहर देखकर प्रधान- सचिव भी चौंके, जांच शुरू
बरेली। गरीबों को मिलने वाला सस्ता राशन भी घोटालेबाज हड़प कर रहे हैं। भोजीपुरा के गांव घंघोरा पिपरिया में प्रधान और सचिव की फर्जी मोहर और साइन के जरिए 106 लोगों को अपात्र बताकर लिस्ट से नाम काट दिए गए। जिन लोगों के नाम काटे गए हैं, रिपोर्ट में उन्हें 30 बीघा जमीन और ट्रैक्टर का मालिक बताया गया है। लिखित शिकायत के बाद एसडीएम सदर ने जांच शुरू करा दी है।
राशनकार्डों को लेकर आए दिन फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। 16 जनवरी को प्रमुख सचिव व जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने नवाबगंज के मेथी नवदिया गांव में भी अंत्योदय खाद्यान्न योजना में घपला पकड़ा था। अब भोजीपुरा के घंघोरा पिपरिया में दर्जनों पात्रों के राशनकार्ड सूची से काटने का मामला सामने आया है। कार्डधारकों का कहना है कि कोटेदार ने जिन लोगों को अपात्र बताते हुए जो रिपोर्ट भेजी थी, उसमें प्रधान और वीडीओ/सचिव की मोहर और दस्तखत दोनों ही फर्जी हैं। इस रिपोर्ट में कोटेदार ने किसी के पास 30 बीघा से ज्यादा जमीन व ट्रैक्टर होने तो किसी के पास दो पहिया और चौपहिया वाहन होना बताया है। इसके अलावा कई लोगों की आय दो लाख से अधिक तो किसी को गांव का निवासी ही नहीं बताया गया है। तहसील सदर पहुंचे तमाम कार्डधारकों का कहना है कि ये रिपोर्ट भी फर्जी है। गलत रिपोर्ट के आधार पर फर्जी नाम काटकर अपात्रों के नाम शामिल कर लिए गए हैं। कार्डधारकों ने तहसील सदर में भी अधिकारियों को साक्ष्यों के साथ इस गड़बड़ी की रिपोर्ट देते हुए प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
तहसील से आपूर्ति कार्यालय भेजी गई रिपोर्ट से हुआ खुलासा
कोटेदार ने पहले भी करीब 55 लोगों के नाम राशनकार्ड की लिस्ट से काट दिए थे। कार्डधारकों की शिकायत पर जब सचिव ने जब जवाब मांगा था तो कोटेदार ने गलत जानकारी दी कि आधार कार्ड से लिंक न होने से कार्ड निरस्त हुए हैं। इसके बाद कोटेदार ने फिर से नाम काट दिए। लोगों को शक हुआ तो उन्होंने तहसील पहुंचकर आपूर्ति कार्यालय में रिपोर्ट देखी। इसमें तमाम कार्डधारकों को अपात्र बताते हुए उस पर बाकायदा प्रधान और सचिव दोनों के मोहर और हस्ताक्षर थे। यह लिस्ट देखकर सचिव अपने फर्जी साइन और मोहर देखकर चौक गए। खास यह भी है कि सप्लाई विभाग के स्टाफ ने भी क्रास चेकिंग कराए बगैर इसकी रिपोर्ट बड़ी संख्या में राशनकार्ड निरस्त कर दिए हैं।
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‘इस मामले को चेक कराया जाएगा कि किस स्तर पर गड़बड़ी हुई है। इस तरह का फर्जीवाड़ा हुआ तो संबंधित स्टाफ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए एफआईआर भी दर्ज होगी।’
- ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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फर्जी दस्तखत और मुहर देखकर प्रधान- सचिव भी चौंके, जांच शुरू
बरेली। गरीबों को मिलने वाला सस्ता राशन भी घोटालेबाज हड़प कर रहे हैं। भोजीपुरा के गांव घंघोरा पिपरिया में प्रधान और सचिव की फर्जी मोहर और साइन के जरिए 106 लोगों को अपात्र बताकर लिस्ट से नाम काट दिए गए। जिन लोगों के नाम काटे गए हैं, रिपोर्ट में उन्हें 30 बीघा जमीन और ट्रैक्टर का मालिक बताया गया है। लिखित शिकायत के बाद एसडीएम सदर ने जांच शुरू करा दी है।
राशनकार्डों को लेकर आए दिन फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। 16 जनवरी को प्रमुख सचिव व जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने नवाबगंज के मेथी नवदिया गांव में भी अंत्योदय खाद्यान्न योजना में घपला पकड़ा था। अब भोजीपुरा के घंघोरा पिपरिया में दर्जनों पात्रों के राशनकार्ड सूची से काटने का मामला सामने आया है। कार्डधारकों का कहना है कि कोटेदार ने जिन लोगों को अपात्र बताते हुए जो रिपोर्ट भेजी थी, उसमें प्रधान और वीडीओ/सचिव की मोहर और दस्तखत दोनों ही फर्जी हैं। इस रिपोर्ट में कोटेदार ने किसी के पास 30 बीघा से ज्यादा जमीन व ट्रैक्टर होने तो किसी के पास दो पहिया और चौपहिया वाहन होना बताया है। इसके अलावा कई लोगों की आय दो लाख से अधिक तो किसी को गांव का निवासी ही नहीं बताया गया है। तहसील सदर पहुंचे तमाम कार्डधारकों का कहना है कि ये रिपोर्ट भी फर्जी है। गलत रिपोर्ट के आधार पर फर्जी नाम काटकर अपात्रों के नाम शामिल कर लिए गए हैं। कार्डधारकों ने तहसील सदर में भी अधिकारियों को साक्ष्यों के साथ इस गड़बड़ी की रिपोर्ट देते हुए प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
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तहसील से आपूर्ति कार्यालय भेजी गई रिपोर्ट से हुआ खुलासा
कोटेदार ने पहले भी करीब 55 लोगों के नाम राशनकार्ड की लिस्ट से काट दिए थे। कार्डधारकों की शिकायत पर जब सचिव ने जब जवाब मांगा था तो कोटेदार ने गलत जानकारी दी कि आधार कार्ड से लिंक न होने से कार्ड निरस्त हुए हैं। इसके बाद कोटेदार ने फिर से नाम काट दिए। लोगों को शक हुआ तो उन्होंने तहसील पहुंचकर आपूर्ति कार्यालय में रिपोर्ट देखी। इसमें तमाम कार्डधारकों को अपात्र बताते हुए उस पर बाकायदा प्रधान और सचिव दोनों के मोहर और हस्ताक्षर थे। यह लिस्ट देखकर सचिव अपने फर्जी साइन और मोहर देखकर चौक गए। खास यह भी है कि सप्लाई विभाग के स्टाफ ने भी क्रास चेकिंग कराए बगैर इसकी रिपोर्ट बड़ी संख्या में राशनकार्ड निरस्त कर दिए हैं।
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‘इस मामले को चेक कराया जाएगा कि किस स्तर पर गड़बड़ी हुई है। इस तरह का फर्जीवाड़ा हुआ तो संबंधित स्टाफ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए एफआईआर भी दर्ज होगी।’
- ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर