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महंगा हुआ घर बनवाना और बने घर को चमकाना
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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20 दिनों में सरिया के दाम एक हजार रुपये क्विंटल बढ़े, सीमेंट भी 25 रुपये बोरी हुआ महंगा
पुताई करने वाले ब्रश और पेंट के दाम भी 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़े
बरेली। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम ही आसमान नहीं छू रहे बल्कि सीमेंट, सरिया, ईंट, पेंट भी लगातार महंगे हो रहे हैं। सरिया के दाम तो 20 दिन में ही एक हजार रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए हैं। पेंट भी 20 फीसदी महंगा हो गया है। यानी अब घर बनाना ही नहीं उसे चमकाना भी महंगा हो गया है। दिवाली पर ज्यादातर लोग अपने घरों की रंगाई-पुताई कराते हैं, लेकिन इस बार बहुत जरूरी होने पर ही लोग पेंट करा रहे हैं।
सीमेंट के दाम भी प्रति बोरी पच्चीस रुपये बढ़ गए हैं। सीमेंट के अलावा ईंट, रेत, बजरी और बदरफुट भी महंगा हो गया है। कारोबारियों के मुताबिक, निर्माण सामग्री के दाम में 20 दिनों में ही सबसे ज्यादा उछाल आया है। उनका कहना है कि डीजल के दामों में लगातार वृद्धि से ढुलाई महंगी हो गई है, इसका असर भी निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ रहा है।
कारोबारी अरविंद अग्रवाल ने बताया कि सरिया तो पिछले बीस दिनों में दस रुपये किलो महंगा हो गया है। एक टन सरिया खरीदने पर अब ग्राहक को दस हजार रुपये ज्यादा देने पड़ रहे हैं। सीमेंट की बोरी 25 रुपये महंगी हो गई है। यह वृद्धि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने के कारण है। डीजल के दाम बढ़ते हैं तो परिवहन शुल्क बढ़ जाता है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर भी इनके दाम बढ़े हैं। इस महंगाई से आम आदमी ही प्रभावित होगा।
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पेंट की बीस किलो की बाल्टी पर बढ़ गए 300 रुपये
दिवाली पर घर को चमकाना भी इस बार काफी महंगा हो गया है। पेंट की बीस किलो की बाल्टी पर तीन सौ रुपये बढ़ गए हैं। कारोबारी रितेश खंडेलवाल ने बताया कि प्लास्टिक पेंट की बीस लीटर की जो बाल्टी महीने भर पहले 1950 रुपये की थी, वह अब 2250 रुपये की हो गई है। डिस्टेंपर की बाल्टी पर भी करीब सौ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रीमियम प्लास्टिक पेंट की बीस लीटर की बॉल्टी पर तो एक हजार रुपये बढ़ गए हैं। यह पहले 410 रुपये लीटर था, जो अब 460 रुपये लीटर हो गया है। प्राइमर भी 20 रुपये लीटर महंगा हो गया है। इनामिल पेंट के दाम भी 30 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए हैं। पुताई में इस्तेमाल होने वाले हैवी ब्रश की कीमत भी डेढ़ सौ रुपये बढ़ गई है। पहले यह ब्रश 500 रुपये का मिलता था जो अब 650 रुपये का है। वाटर प्रूफ केमिकल भी 40 रुपये लीटर महंगा हो गया है।
ईंट के दाम भी छूने लगे आसमान
करीब एक माह पहले तक अच्छी ईंट 4500 रुपये प्रति हजार थी जो अब 5400 रुपये में मिल रही है। भट्ठा व्यवसायी अकबर के मुताबिक, बारिश होने से ईंटों की नई लॉट भट्ठों से नहीं निकल पा रही है। जब नई लॉट निकलेगी तो दाम और बढ़ जाएंगे। एक महीने में ही ईंट के दाम प्रति हजार करीब नौ सौ रुपये तक बढ़े हैं। रेत कारोबारी रामकृष्ण शुक्ला ने बताया कि एक महीने पहले तक रेत 107 रुपये क्विंटल था, जो अब 121 रुपये क्विंटल हो गया है। इसी तरह बजरी सौ रुपये क्विंटल से बढ़कर 112 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।
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पुताई करने वाले ब्रश और पेंट के दाम भी 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़े
बरेली। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम ही आसमान नहीं छू रहे बल्कि सीमेंट, सरिया, ईंट, पेंट भी लगातार महंगे हो रहे हैं। सरिया के दाम तो 20 दिन में ही एक हजार रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए हैं। पेंट भी 20 फीसदी महंगा हो गया है। यानी अब घर बनाना ही नहीं उसे चमकाना भी महंगा हो गया है। दिवाली पर ज्यादातर लोग अपने घरों की रंगाई-पुताई कराते हैं, लेकिन इस बार बहुत जरूरी होने पर ही लोग पेंट करा रहे हैं।
सीमेंट के दाम भी प्रति बोरी पच्चीस रुपये बढ़ गए हैं। सीमेंट के अलावा ईंट, रेत, बजरी और बदरफुट भी महंगा हो गया है। कारोबारियों के मुताबिक, निर्माण सामग्री के दाम में 20 दिनों में ही सबसे ज्यादा उछाल आया है। उनका कहना है कि डीजल के दामों में लगातार वृद्धि से ढुलाई महंगी हो गई है, इसका असर भी निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ रहा है।
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कारोबारी अरविंद अग्रवाल ने बताया कि सरिया तो पिछले बीस दिनों में दस रुपये किलो महंगा हो गया है। एक टन सरिया खरीदने पर अब ग्राहक को दस हजार रुपये ज्यादा देने पड़ रहे हैं। सीमेंट की बोरी 25 रुपये महंगी हो गई है। यह वृद्धि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने के कारण है। डीजल के दाम बढ़ते हैं तो परिवहन शुल्क बढ़ जाता है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर भी इनके दाम बढ़े हैं। इस महंगाई से आम आदमी ही प्रभावित होगा।
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पेंट की बीस किलो की बाल्टी पर बढ़ गए 300 रुपये
दिवाली पर घर को चमकाना भी इस बार काफी महंगा हो गया है। पेंट की बीस किलो की बाल्टी पर तीन सौ रुपये बढ़ गए हैं। कारोबारी रितेश खंडेलवाल ने बताया कि प्लास्टिक पेंट की बीस लीटर की जो बाल्टी महीने भर पहले 1950 रुपये की थी, वह अब 2250 रुपये की हो गई है। डिस्टेंपर की बाल्टी पर भी करीब सौ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रीमियम प्लास्टिक पेंट की बीस लीटर की बॉल्टी पर तो एक हजार रुपये बढ़ गए हैं। यह पहले 410 रुपये लीटर था, जो अब 460 रुपये लीटर हो गया है। प्राइमर भी 20 रुपये लीटर महंगा हो गया है। इनामिल पेंट के दाम भी 30 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए हैं। पुताई में इस्तेमाल होने वाले हैवी ब्रश की कीमत भी डेढ़ सौ रुपये बढ़ गई है। पहले यह ब्रश 500 रुपये का मिलता था जो अब 650 रुपये का है। वाटर प्रूफ केमिकल भी 40 रुपये लीटर महंगा हो गया है।
ईंट के दाम भी छूने लगे आसमान
करीब एक माह पहले तक अच्छी ईंट 4500 रुपये प्रति हजार थी जो अब 5400 रुपये में मिल रही है। भट्ठा व्यवसायी अकबर के मुताबिक, बारिश होने से ईंटों की नई लॉट भट्ठों से नहीं निकल पा रही है। जब नई लॉट निकलेगी तो दाम और बढ़ जाएंगे। एक महीने में ही ईंट के दाम प्रति हजार करीब नौ सौ रुपये तक बढ़े हैं। रेत कारोबारी रामकृष्ण शुक्ला ने बताया कि एक महीने पहले तक रेत 107 रुपये क्विंटल था, जो अब 121 रुपये क्विंटल हो गया है। इसी तरह बजरी सौ रुपये क्विंटल से बढ़कर 112 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।