फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   gata number have no connection with the market in Bareilly

Bareilly News: जिन गाटों को बनाया आधार, उसका मजार और मार्केट से संबंध नहीं; तहसील प्रशासन ने सौंपी रिपोर्ट

Tue, 28 Oct 2025 04:19 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 28 Oct 2025 04:19 PM IST
सार

बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद सील गई मार्केट के मामले में सदर तहसील प्रशासन ने नगर निगम को रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम का कहना है कि मजार और उससे सटा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सड़क और नाले का हिस्सा है।

विज्ञापन
gata number have no connection with the market in Bareilly
नावल्टी स्थित मार्केट को किया गया था सील - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में जिस गाटा संख्या को आधार बनाकर कोर्ट में अपील की गई है, उसका पहलवान साहब की मजार और मार्केट से कोई संबंध नहीं है। यह रिपोर्ट सदर तहसील प्रशासन ने नगर निगम को दी है। रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम प्रशासन का कहना है कि मजार और उससे सटा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सड़क और नाले का हिस्सा है।

विज्ञापन


अपर नगर आयुक्त ने 14 अक्तूबर को उप जिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर कहा गया था कि नावल्टी चौराहे पर स्थित पहलवान साहब की मजार और उसके पास बना शॉपिंग कांप्लेक्स नगर निगम के दस्तावेजों में सड़क और नाले का हिस्सा है। शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद नगर निगम ने शॉपिंग कांप्लेक्स को सील किया था। 
विज्ञापन


इस पर अतिक्रमणकारियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मजार व शॉपिंग कांप्लेक्स को मकरंदपुर सरकार के गाटा संख्या 39 और 40 पर होना दर्शाया है, जो कब्रिस्तान के रूप में दर्ज हैं। सदर तहसील की ओर से गाटा संख्या 39, 40, 41 और 42 की रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक गाटा संख्या 39 और 40 का संबंधित मजार व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से कोई लेना-देना नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है मामला
26 सितंबर को शहर में हुए बवाल को लेकर आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां और उसके करीबियों पर कार्रवाई शुरू हुई। नगर निगम ने पहलवान साहब की मजार के पास बनी मार्केट को सील किया था। नगर निगम के मुताबिक मार्केट नाले पर कब्जा कर बनाई गई है। इसी के बाद दुकानदारों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तब नगर निगम ने तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा था। 

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि हमने कोर्ट में पेश किए गए गाटा संख्या के संबंध में सदर तहसील से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आ गई है। मजार और मार्केट का कोर्ट में दाखिल गाटा संख्या से कोई लेना-देना नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed