{"_id":"59b5a4f44f1c1bf07f8b5d1d","slug":"ganga-visharjan","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला जागृति मंच करेगा एक हजार फूलों का गंगा में विसर्जन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला जागृति मंच करेगा एक हजार फूलों का गंगा में विसर्जन
बरेली
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:17 AM IST
विज्ञापन
श्राद्ध्ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिटी श्मशान भूमि और मॉडल टाउन श्मशान घाट पर अपनों के हाथों विसर्जन के इंतजार में बरसों से रखे फूलों को विसर्जित करने के लिए समाजसेवी आगे आए हैं। महिला जागृति मंच की अध्यक्ष मनु नीरज ने सिटी श्मशान भूमि के प्रबंधक राजकुमार अग्रवाल से इन फूलों को विसर्जन करने की अनुमति ले ली है। मंगलवार को वह मंच के अन्य सदस्यों के साथ कछला गंगा घाट पर विधि विधान के साथ एक हजार फूलों का विसर्जन करेंगी।
सिटी श्मशान भूमि में करीब 1000 हजार फूलों की पोटलियां विसर्जन के इंतजार में कई सालों से रखी हैं। यही हाल मॉडल टाउन श्मशान घाट का है। पितृ पक्ष शुरू होने के बाद अमर उजाला ने दो दिन पहले दोनों श्मशान भूमि पर रखे फूलों की दुर्गति की लाइव रिपोर्ट छापी थी। इसके बाद समाजसेवी मनु नीरज रविवार को पहले मॉडल टाउन श्मशान घाट पहुंची। जहां प्रबंधक ने बताया कि वे सिर्फ जुलाई में फूलों का विसर्जन कराते हैं। इसके बाद मनु नीरज सिटी श्मशान भूमि गईं। वहां फूलों की पोटली देखकर हैरान रह गईं। इसके बाद उन्होंने सिटी श्मशान भूमि के प्रबंधक राजकुमार अग्रवाल से मुलाकात कर फूलों के विसर्जन की अनुमति ली। यह भी कहा कि तीन महीने तक जिन फूलों का उनके परिवार वाले विसर्जन करने नहीं आएंगे, उसे उनकी संस्था विसर्जित करा देगी।
उधर सर्वधर्म सेवा समिति के प्रधान कार्र्यालय छोटी बमनपुरी में भी एक बैठक हुई जिसमें संस्था की वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीलिमा पाठक व सुषमा शर्मा ने श्मशान घाटों पर फूलों की हालत पर दुख व्यक्त किया। कहा कि पीलीभीत बाईपास स्थित गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि में भी फूलोें की तमाम पोटलियां विसर्जन के इंतजार में टंगी हैं। उनकी संस्था इन फूलों का विर्सजन कराएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिटी श्मशान भूमि में करीब 1000 हजार फूलों की पोटलियां विसर्जन के इंतजार में कई सालों से रखी हैं। यही हाल मॉडल टाउन श्मशान घाट का है। पितृ पक्ष शुरू होने के बाद अमर उजाला ने दो दिन पहले दोनों श्मशान भूमि पर रखे फूलों की दुर्गति की लाइव रिपोर्ट छापी थी। इसके बाद समाजसेवी मनु नीरज रविवार को पहले मॉडल टाउन श्मशान घाट पहुंची। जहां प्रबंधक ने बताया कि वे सिर्फ जुलाई में फूलों का विसर्जन कराते हैं। इसके बाद मनु नीरज सिटी श्मशान भूमि गईं। वहां फूलों की पोटली देखकर हैरान रह गईं। इसके बाद उन्होंने सिटी श्मशान भूमि के प्रबंधक राजकुमार अग्रवाल से मुलाकात कर फूलों के विसर्जन की अनुमति ली। यह भी कहा कि तीन महीने तक जिन फूलों का उनके परिवार वाले विसर्जन करने नहीं आएंगे, उसे उनकी संस्था विसर्जित करा देगी।
विज्ञापन
उधर सर्वधर्म सेवा समिति के प्रधान कार्र्यालय छोटी बमनपुरी में भी एक बैठक हुई जिसमें संस्था की वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीलिमा पाठक व सुषमा शर्मा ने श्मशान घाटों पर फूलों की हालत पर दुख व्यक्त किया। कहा कि पीलीभीत बाईपास स्थित गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि में भी फूलोें की तमाम पोटलियां विसर्जन के इंतजार में टंगी हैं। उनकी संस्था इन फूलों का विर्सजन कराएगी।
विज्ञापन