41 साल लड़ी हक की लड़ाई: बरेली में गांधी मोहन ने 46 की उम्र में किया था मुकदमा, 87 में मिला इंसाफ
Bareilly News: बरेली में गांधी मोहन सक्सेना ने इंसाफ के लिए 41 साल तक कानूनी लड़ी। अब उनके हक में फैसला आया है। कोर्ट ने नगर निगम का दावा खारिज कर गांधी मोहन को तीन संपत्तियों का मालिकाना हक दिया।
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बरेली में नगर निगम के खिलाफ दीवानी न्यायालय में स्थायी निषेधाज्ञा व घोषणात्मक डिग्री का वाद दायर करने वाले व्यक्ति को कोर्ट ने तीन अचल संपत्तियों पर 41 साल चली लंबी सुनवाई के बाद मालिकाना हक दे दिया है। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट संख्या दो की पीठासीन अधिकारी शांभवी ने बृहस्पतिवार को वादी के हक में फैसला देते हुए प्रतिवादी को दो माह के भीतर 25 हजार रुपये भुगतान करने का आदेश भी दिया है। वादी ने जब मामला दायर किया था तब उसकी आयु 46 साल थी। वह वह 87 वर्ष के हैं।
शहर के दर्जी चौक निवासी गांधी मोहन सक्सेना ने 1984 में नगर निगम व अन्य के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा व घोषणात्मक डिग्री का दावा किया था। उन्होंने कहा कि विवादित भूमि गाटा संख्या 168 व 12 गांव उदयपुर खास इंदिरा नगर में बीडीए ले आउट मैप नंबर 250 वर्ष 1984 के अंतर्गत प्लॉट नंबर 236 है। वह प्लॉट उनके लिए पिता से प्राप्त हुआ था। इसका रकबा 1512.5 वर्गगज है।
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नगर निगम ने बेदखल करने की कोशिश की थी
वादी ने यहां निर्माण के लिए बीडीए में आवेदन किया। नगर निगम बरेली (तत्कालीन महानगर पालिका) की आपत्ति लगा दी और भूमि पर अपना दावा कर दिया। वर्ष 1988 में नगर निगम ने प्लॉट नंबर 163, 164 रकबा 1950 वर्गगज, जो बीडीए ले आउट के अनुसार प्लॉट नंबर 232 व 233 इंदिरा नगर से भी वादी को बेदखल करने की कोशिश की थी।
कोर्ट ने साक्ष्यों को देखने और दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि वादी गांधी मोहन सक्सेना तीनों संपत्तियों के मालिक हैं। उनको संपत्तियों का मालिक घोषित करते हुए फैसला सुनाया है। वादी ने इसे इंसाफ की जीत बताया।
दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कुमार मयंक ने पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी झोलाछाप की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। भुता थाना क्षेत्र के गांव मल्हपुर निवासी हाकिम नाम का युवक भुता कस्बे में झोलाछाप दुकान चलाता था।
27 फरवरी को वह पड़ोस में रहने वाली पांच साल की बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने अपने क्लीनिक में ले गया। आरोप है कि वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी जेल में है। उसने वकील के जरिये जमानत के लिए अर्जी दाखिल लगाई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।