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नकली खाद्य तेल की जांच रिपोर्ट दबाने का मामला मुख्यालय पहुंचा
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बरेली। लैब परीक्षण में फेल नमूनों की रिपोर्ट दबाने का मामला मुख्यालय तक पहुंच गया है। बताया जाता है कि खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) मुख्यालय इसे लेकर गंभीर हो गया है। वहीं, स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि फेल नमूनों की जानकारी मुख्यालय को तुरंत दे दी जाती है, लेकिन कार्रवाई के लिए अनुमति समय से नहीं मिलती है।
लाल चंद एग्रो कंपनी समेत करीब दर्जन भर से ज्यादा लैब में फेल नमूनों की जांच रिपोर्ट दबाने वाला जिला अभिहित कार्यालय शुक्रवार सुबह से ही चर्चा में बना रहा। अमर उजाला में छपी खबर से परेशान एफएसडीए अधिकारी दिन भर इससे बचने की रूपरेखा बनाते रहे। बता दें कि एफएसडीए अधिकारी छापा कार्रवाई तो प्रमुखता से बताते हैं, लेकिन खेल करने के चलते लैब से आने वाली रिपोर्ट का खुलासा कभी नहीं करते हैं।
मुख्यालय से सांठगांठ
लैब से फेल हुए सैंपल मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू करने को संबंधित एफएसडीए अधिकारी मुख्यालय से ही अनुमति मांगते हैं। मुख्यालय से सांठगांठ के चलते कई माह तक अनुमति नहीं मिलती है। इस बीच कारोबारी अपना मिलावटी माल बाजार में खपा देता है। यह खेल स्थानीय अफसरों की मिलीभगत से ही होता है।
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लाल चंद एग्रो कंपनी समेत करीब दर्जन भर से ज्यादा लैब में फेल नमूनों की जांच रिपोर्ट दबाने वाला जिला अभिहित कार्यालय शुक्रवार सुबह से ही चर्चा में बना रहा। अमर उजाला में छपी खबर से परेशान एफएसडीए अधिकारी दिन भर इससे बचने की रूपरेखा बनाते रहे। बता दें कि एफएसडीए अधिकारी छापा कार्रवाई तो प्रमुखता से बताते हैं, लेकिन खेल करने के चलते लैब से आने वाली रिपोर्ट का खुलासा कभी नहीं करते हैं।
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मुख्यालय से सांठगांठ
लैब से फेल हुए सैंपल मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू करने को संबंधित एफएसडीए अधिकारी मुख्यालय से ही अनुमति मांगते हैं। मुख्यालय से सांठगांठ के चलते कई माह तक अनुमति नहीं मिलती है। इस बीच कारोबारी अपना मिलावटी माल बाजार में खपा देता है। यह खेल स्थानीय अफसरों की मिलीभगत से ही होता है।
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