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चावल, आटा और नमक में पोषक तत्व जरूरी
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बरेली। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नमक, चावल, आटा, दूध और खाद्य तेल में पोषक तत्वों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी है। इसके तहत एफएसडीए के विशेषज्ञों ने कारोबारियों की कार्यशाला आयोजित कर तकनीकी जानकारी दी। बताया गया कि पैकेजिंग और लेबल में पोषक तत्व यानी फोर्टिफिकेशन मानक दर्शाया जाए।
परसाखेड़ा स्थित बीएल एग्रो सभागार में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले से आए कारोबारियों को विशेषज्ञों ने बताया कि नमक, चावल, आटा, दूध और खाद्य तेल में फोर्टिफिकेशन दर्शाया जाना जरूरी है। मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त एफएसडीए संजय पांडे ने बताया कि दुनिया में दो सौ करोड़ से ज्यादा लोग सूक्ष्म पोषक तत्व (विटामिन व मिनरल) की कमी से प्रभावित हैं। इसकी कमी से ही विभिन्न बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं आटा में आयरन, विटामिन बी-12, फोलिक एसिड जरूरी है। मिड डे मील, आंगनबाड़ी, बाल पुष्टाहार जैसी सरकारी योजनाओं में भी फोर्टिफाइड पदार्थों का प्रयोग किया जाना है। उन्होंने फोर्टिफिकेशन करने और आटा में आयरन की मौजूदगी की जांच करने का तरीका भी बताया। प्रेम बाबू शर्मा, अजय भट्ट और विभिन्न प्रतिष्ठानों से आए लोगों ने विचार रखे। कार्यक्रम उपरांत पौध रोपण कार्यक्रम हुआ।
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परसाखेड़ा स्थित बीएल एग्रो सभागार में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले से आए कारोबारियों को विशेषज्ञों ने बताया कि नमक, चावल, आटा, दूध और खाद्य तेल में फोर्टिफिकेशन दर्शाया जाना जरूरी है। मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त एफएसडीए संजय पांडे ने बताया कि दुनिया में दो सौ करोड़ से ज्यादा लोग सूक्ष्म पोषक तत्व (विटामिन व मिनरल) की कमी से प्रभावित हैं। इसकी कमी से ही विभिन्न बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं आटा में आयरन, विटामिन बी-12, फोलिक एसिड जरूरी है। मिड डे मील, आंगनबाड़ी, बाल पुष्टाहार जैसी सरकारी योजनाओं में भी फोर्टिफाइड पदार्थों का प्रयोग किया जाना है। उन्होंने फोर्टिफिकेशन करने और आटा में आयरन की मौजूदगी की जांच करने का तरीका भी बताया। प्रेम बाबू शर्मा, अजय भट्ट और विभिन्न प्रतिष्ठानों से आए लोगों ने विचार रखे। कार्यक्रम उपरांत पौध रोपण कार्यक्रम हुआ।
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