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दो साल से रोजगार सेवक को नहीं मिला मानदेय, खुदकुशी की कोशिश की
Wed, 15 May 2019 03:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 15 May 2019 03:14 AM IST
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करीब 26 महीने का मानदेय न मिलने से भुखमरी के कगार पर पहुंचे रोजगार सेवक ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। घरवालों ने उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी हालत नाजुक है। पिता ने बताया कि दो दिन पहले मानदेय को लेकर ब्लॉक के बड़े बाबू से बेटे की नोकझोंक भी हुई थी। इसके बाद से वह अवसाद में था।
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कैंट क्षेत्र के हड़ौलिया भोलापुर गांव निवासी मुन्नालाल (32) गांव में ही रोजगार सेवक हैं। मुन्नालाल को सोमवार रात गंभीर हालत में शहर के पीलीभीत बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में लाया गया। मंगलवार को उसकी हालत खतरे से बाहर थी। हालांकि वह बोलने की स्थिति में नहीं था। पिता राजपाल ने बताया कि बेटे को 26 महीने से मानदेय नहीं मिला।
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दिवाली पर पांच महीने का मानदेय आखिरी बार मिला था। होली भी ऐसे ही निकल गई। दो दिन पहले वह मानदेय की बात करने क्यारा ब्लॉक गया था। वहां बड़े बाबू से उसकी कहासुनी हो गई। इसके बाद से और टेंशन में था।
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रात में पत्नी भाग्यलक्ष्मी दोनों बच्चों के साथ छत पर थी। बच्चे को सुलाने नीचे आई तो देखा कि मुन्नालाल उसी की साड़ी से पंखे पर लटका है। शोर मचाया तो परिवार के लोग आ गए और अस्पताल ले आए। पिता ने बताया कि पुलिस को सूचना अभी नहीं दी है। इंस्पेक्टर कैंट अशोक पाल ने भी ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। कहा कि तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
छह हजार रुपये में कराते हैं कई काम
रोजगार सेवकों का हाल बहुत खराब है। उनसे ग्राम विकास विभाग की मनरेगा जैसी योजनाओं के अलावा कई काम कराए जाते हैं। पंचायत का स्वच्छता अभियान उनके भरोसे है तो बीएलओ, जनगणना जैसे कई काम उन्हें करने होते हैं।
पूर्व प्रधान से हुई थी बीडीओ की तकरार
क्यारा गांव की प्रधान बसुधा देवी के पति पूर्व प्रधान सर्वेश्वर पाल सिंह की होली पर तत्कालीन बीडीओ से इसी मुद्दे पर तीखी तकरार हुई थी। क्यारा के रोजगार सेवक पर एकतरफा कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे पूर्व प्रधान ने बीडीओ से कहा था कि केवल कार्रवाई करने का अधिकार है, त्योहार पर इन्हें मानदेय भी दिला दीजिए।
तब बीडीओ ने बजट न होने की बात कही। पूर्व प्रधान ने कहा कि इनके काम के कमीशन से मानदेय देने का अधिकार आपको है, उसका इस्तेमाल करें। इस पर बीडीओ उखड़ गए। पूरे स्टाफ ने बीचबचाव कर मामला निपटाया।