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लेखपाल की नौकरी के नाम पर होने लगी ठगी
बरेली
Updated Fri, 02 Oct 2015 01:19 AM IST
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बरेली। होशियार रहने की जरूरत है। नेताओं के ईदगिर्द घूमने वाले लोग आपसे लेखपाल की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर सकते हैं। ऐसे लोगों ने लोगों को झांसा देकर ठगना शुरू कर दिया है। अपने शहर के दो युवकों से खुद को मंत्री का करीबी बताकर रामपुर से यासीन नाम के व्यक्ति ने लेखपाल की नौकरी दिलाने के नाम पर 7 लाख 30 हजार रुपये की ठगी कर ली है। मुरादाबाद के व्यक्ति से खाते में उसने रुपये डलवाए हैं। प्रेमनगर पुलिस ने खातेदार समेत दोनोेें के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
थाना बारादरी के सुरेश शर्मा नगर चंद्रपाल सिंह और इज्जतनगर इलाके के गांधीपुरम निवासी कृपाल सिंह पीर बहोड़ा में रामपुर के यासीन नाम के व्यक्ति की अचानक मुलाकात हो गई थी। यासीन खुद को मंत्री का करीबी बताया तो दोनोें उससे करीबी संबंध बनाने में लग गए। दूसरी ही मुलाकात में यासीन से दोनों ने लेखपाल की नौकरी दिलाने के लिए मंत्री जी से सिफारिश कराने की बात शुरू कर दी। यासीन ने उनके सामने काम कराने के लिए रुपयों का प्रस्ताव रख दिया। उसने कृपाल सिंह से चार लाख और चंद्रपाल सिंह से 3.30 लाख रुपये लाजपतनगर, मुरादाबाद निवासी शमीम के खाते में जमा करा दिया। इस पर दोनों को यकीन भी हो गया। पुलिस के मुताबिक ओवरसीज बैंक स्टेडियम रोड, बरेली में शमीम का खाता है। विवेचक आरके शर्मा ने बताया कि शमीम का पता अभी नहीं मिल पाया है। उनका मोबाइल नंबर उन्हें मिला है। बात भी की है, वह कृपाल सिंह और उसके साथी के आरोपों को गलत बता रहे हैं, लेकिन पता बताने को तैयार नहीं हुए। शमीम कौन है और यासीन ने उसके खाते में रुपये क्यों डलवाए। इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। सीओ सिटी मुकुल कुमार द्विवेदी ने बताया कि पूरे मामले की ठीक से छानबीन करा रहे हैं। रामपुर का यासीन के मोबाइल की आईडी निकलवाकर उसका पता लगाया जा रहा है। दोषी होने पर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
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थाना बारादरी के सुरेश शर्मा नगर चंद्रपाल सिंह और इज्जतनगर इलाके के गांधीपुरम निवासी कृपाल सिंह पीर बहोड़ा में रामपुर के यासीन नाम के व्यक्ति की अचानक मुलाकात हो गई थी। यासीन खुद को मंत्री का करीबी बताया तो दोनोें उससे करीबी संबंध बनाने में लग गए। दूसरी ही मुलाकात में यासीन से दोनों ने लेखपाल की नौकरी दिलाने के लिए मंत्री जी से सिफारिश कराने की बात शुरू कर दी। यासीन ने उनके सामने काम कराने के लिए रुपयों का प्रस्ताव रख दिया। उसने कृपाल सिंह से चार लाख और चंद्रपाल सिंह से 3.30 लाख रुपये लाजपतनगर, मुरादाबाद निवासी शमीम के खाते में जमा करा दिया। इस पर दोनों को यकीन भी हो गया। पुलिस के मुताबिक ओवरसीज बैंक स्टेडियम रोड, बरेली में शमीम का खाता है। विवेचक आरके शर्मा ने बताया कि शमीम का पता अभी नहीं मिल पाया है। उनका मोबाइल नंबर उन्हें मिला है। बात भी की है, वह कृपाल सिंह और उसके साथी के आरोपों को गलत बता रहे हैं, लेकिन पता बताने को तैयार नहीं हुए। शमीम कौन है और यासीन ने उसके खाते में रुपये क्यों डलवाए। इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। सीओ सिटी मुकुल कुमार द्विवेदी ने बताया कि पूरे मामले की ठीक से छानबीन करा रहे हैं। रामपुर का यासीन के मोबाइल की आईडी निकलवाकर उसका पता लगाया जा रहा है। दोषी होने पर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
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