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किला नदी पुल पर जिंदगी की दौड़ हार गया जाबिर
बरेली।
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:47 AM IST
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Fort River Bridge on the race of life lost Jabir
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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कूड़ा बीनने के दौरान किला नदी के पुल पर आई ट्रेन की चपेट में आकर किशोर की मौत हो गई। वह जान बचाने को काफी दूर तक ट्रैक पर दौड़ा, लेकिन खुद को बचा नहीं पाया। वहीं, उसके साथी ने पुल से नदी में कूदकर जान बचाई और वह भाग निकला। जानकारी पर घरवाले मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव उनकी सुपुर्दगी में दे दिया।
हादसा किला क्षेत्र के कटघर के पास बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे हुआ। पुराना शहर के जोगीनवादा निवासी मुहम्मद मुस्तफा का 16 वर्षीय पुत्र मुहम्मद जाबिर किला नदी के किनारे कूड़ा बीनने गया था। उसके साथ मोहल्ले का ही काले (12) भी था। दोनों कूड़ा बीनते हुए रेलवे पुल के ऊपर से गुजरने लगे। इसी दौरान डाउन लाइन पर गाड़ी नंबर 14116 हरिहर एक्सप्रेस आ गई। दोनों लड़कों ने पुल पर दौड़ लगा दी। काले तो पुल से नीचे नदी में कूद गया, लेकिन जाबिर ट्रैक पर ही भागता रहा। पीछे से उसे ट्रेन ने जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह ट्रैक किनारे पोल के पास जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके हाथ से कूड़े का बोरा भी छूटकर जमीन पर गिर गया। पुल से कूदने वाला काले बचकर भाग निकला। गेटमैन की सूचना पर स्टेशन मास्टर ने किला थाने में मेमो भेजकर सूचना दी। इस पर बाकरगंज चौकी इंचार्ज संजीव दुबे मौके पर पहुंच गए। घरवालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, इसलिए पुलिस ने उसका शव पंचायतनामा भरने के बाद घरवालों के सुपुर्द कर दिया।
पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था जाबिर
जाबिर के पिता मुस्तफा राज मिस्त्री हैं। वह तीसरे नंबर का बेटा था। उसका सबसे बड़ा भाई 21 वर्षीय शानू और 19 वर्षीय यूसुफ मजदूरी करते हैं। छोटा भाई 14 वर्षीय जफर और 12 वर्षीय आदिल घर पर ही मां शबनम के साथ रहते हैं।
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हादसा किला क्षेत्र के कटघर के पास बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे हुआ। पुराना शहर के जोगीनवादा निवासी मुहम्मद मुस्तफा का 16 वर्षीय पुत्र मुहम्मद जाबिर किला नदी के किनारे कूड़ा बीनने गया था। उसके साथ मोहल्ले का ही काले (12) भी था। दोनों कूड़ा बीनते हुए रेलवे पुल के ऊपर से गुजरने लगे। इसी दौरान डाउन लाइन पर गाड़ी नंबर 14116 हरिहर एक्सप्रेस आ गई। दोनों लड़कों ने पुल पर दौड़ लगा दी। काले तो पुल से नीचे नदी में कूद गया, लेकिन जाबिर ट्रैक पर ही भागता रहा। पीछे से उसे ट्रेन ने जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह ट्रैक किनारे पोल के पास जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके हाथ से कूड़े का बोरा भी छूटकर जमीन पर गिर गया। पुल से कूदने वाला काले बचकर भाग निकला। गेटमैन की सूचना पर स्टेशन मास्टर ने किला थाने में मेमो भेजकर सूचना दी। इस पर बाकरगंज चौकी इंचार्ज संजीव दुबे मौके पर पहुंच गए। घरवालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, इसलिए पुलिस ने उसका शव पंचायतनामा भरने के बाद घरवालों के सुपुर्द कर दिया।
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पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था जाबिर
जाबिर के पिता मुस्तफा राज मिस्त्री हैं। वह तीसरे नंबर का बेटा था। उसका सबसे बड़ा भाई 21 वर्षीय शानू और 19 वर्षीय यूसुफ मजदूरी करते हैं। छोटा भाई 14 वर्षीय जफर और 12 वर्षीय आदिल घर पर ही मां शबनम के साथ रहते हैं।
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