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दिव्यांग उपकरण घोटाले में सलमान खुर्शीद की पत्नी को कोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
Wed, 06 Nov 2019 10:30 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 06 Nov 2019 10:30 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दिव्यांगों को निशुल्क विकलांग उपकरण बांटे जाने की फर्जी रिपोर्ट भेजने के मामले में आरोपी पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद समेत दो लोगों की अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी।
यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश शकील अहमद खां ने दिया। इस मामले की रिपोर्ट रामशंकर यादव की ओर से थाना भोजीपुरा में दर्ज कराई गई। इसमें कहा गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से स्वैच्छिक संस्था डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट फर्रुखाबाद को अनुदान राशि प्रदान की गई।
इससे दिव्यांगों को निशुल्क उपकरण वितरण करने के लिए कैंप के आयोजन की टेस्ट रिपोर्ट भारत सरकार को प्रेषित करनी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि 30 मार्च, 2010 को अनुदान राशि प्राप्त हुई, इसमें से तीन लाख रुपये के उपकरण बरेली में निशुल्क दिए जाने थे।
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21 लाभार्थियों को 15 जनवरी, 2010 को भोजीपुरा में निशुल्क उपकरण देना बताया गया, इसकी फर्जी टेस्ट रिपोर्ट भेज दी गई। अभियुक्त अख्तर फारूकी ट्रस्ट के सचिव और लुईस खुर्शीद ट्रस्ट की प्रोजेक्ट डायरेक्टर के तौर पर काम करती थीं। कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश शकील अहमद खां ने दिया। इस मामले की रिपोर्ट रामशंकर यादव की ओर से थाना भोजीपुरा में दर्ज कराई गई। इसमें कहा गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से स्वैच्छिक संस्था डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट फर्रुखाबाद को अनुदान राशि प्रदान की गई।
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इससे दिव्यांगों को निशुल्क उपकरण वितरण करने के लिए कैंप के आयोजन की टेस्ट रिपोर्ट भारत सरकार को प्रेषित करनी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि 30 मार्च, 2010 को अनुदान राशि प्राप्त हुई, इसमें से तीन लाख रुपये के उपकरण बरेली में निशुल्क दिए जाने थे।
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21 लाभार्थियों को 15 जनवरी, 2010 को भोजीपुरा में निशुल्क उपकरण देना बताया गया, इसकी फर्जी टेस्ट रिपोर्ट भेज दी गई। अभियुक्त अख्तर फारूकी ट्रस्ट के सचिव और लुईस खुर्शीद ट्रस्ट की प्रोजेक्ट डायरेक्टर के तौर पर काम करती थीं। कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।